
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
आज का पंचांग आज के दिन को तिथि, नक्षत्र और योग के आधार पर खास बनाता है। दिन में कुछ समय शुभ कार्यों के लिए बेहतर रह सकते हैं, जबकि अन्य समय सामान्य कार्यों के लिए उपयुक्त होंगे। आइए जानते हैं आज पूजा, यात्रा और नई शुरुआत के लिए दिन कैसा रहेगा।
29 अगस्त 2026 को पंचांग की शुरुआत कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हो रही है। शनिवार के साथ भाद्रपद मास का यह दिन धार्मिक दृष्टि से आत्मचिंतन, संयम और नियमित साधना के लिए खास माना जा सकता है। तिथि, नक्षत्र और दिन के अलग-अलग समयों की स्थिति को देखकर आप पूजा, यात्रा और जरूरी कामों की बेहतर योजना बना सकते हैं।
विवरण | जानकारी |
तिथि | कृष्ण पक्ष प्रतिपदा (9:58 AM तक) |
वार | शनिवार |
पूर्णिमांत मास | भाद्रपद |
अमांत मास | श्रावण |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | वर्षा |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:38 |
सूर्यास्त | 18:21 |
चंद्रोदय | 19:00 |
चंद्रास्त | 06:27 |
नक्षत्र | पूर्व भाद्रपद (3:43 AM तक) |
योग | सुकर्मा (6:37 AM तक) |
करण | कौलव (9:55 AM तक) |
अभिजीत मुहूर्त | 11:35 AM से 12:25 PM |
राहुकाल | 8:49 AM से 10:24 AM |
गुलिक काल | 5:38 AM से 7:13 AM |
यमघण्टकाल | 1:35 PM से 3:10 PM |
दिशाशूल | पूर्व |
सूर्य राशि | सिंह |
चंद्र राशि | कुम्भ |
चंद्र निवास | पश्चिम |
आज कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा सुबह 9:58 AM तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू होगी। कृष्ण पक्ष की शुरुआत का यह समय धार्मिक दृष्टि से आत्ममंथन, साधना और पहले से चल रहे कार्यों को व्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। दिन की शुरुआत में पूजा-पाठ या ध्यान के लिए समय निकालना भी उपयोगी हो सकता है।
आज शनिवार है, जिसे शनि देव की आराधना और अनुशासन से जोड़ा जाता है। इस दिन धैर्य के साथ अपने जरूरी काम पूरे करना, सेवा करना और जल्दबाजी से बचना धार्मिक मान्यताओं में अच्छा माना गया है। खासकर ऐसे कार्य जिनमें निरंतरता और जिम्मेदारी की जरूरत हो, उन्हें व्यवस्थित ढंग से करना बेहतर रहेगा।
आज पूर्णिमांत गणना के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है, जबकि अमांत पद्धति के अनुसार श्रावण मास है। भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में पंचांग की मास गणना की परंपरा अलग होने के कारण दोनों नाम एक ही दिन के लिए दिखाई दे सकते हैं।
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। धार्मिक संकल्प और पारंपरिक कालगणना में इन संवतों का उल्लेख किया जाता है।
अगस्त के अंतिम दिनों में वर्षा ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। बारिश और बादलों के कारण दिनचर्या में बदलाव हो सकता है, इसलिए बाहर जाने या यात्रा की योजना बनाते समय समय और मौसम दोनों का ध्यान रखना उचित रहेगा।
सूर्य की स्थिति के अनुसार अभी दक्षिणायन चल रहा है। पंचांग परंपरा में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़े कालखंड को दर्शाता है और धार्मिक गणना में इसका विशेष स्थान है।
आज सूर्योदय 5:38 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:21 PM पर। वहीं चंद्रोदय 7:00 PM पर तथा चंद्रास्त 6:27 AM पर होगा। इस तरह आज चंद्रमा का प्रभाव मुख्य रूप से शाम और रात के समय अधिक दिखाई देगा।
आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा कुम्भ राशि में स्थित हैं। चंद्रमा का निवास पश्चिम दिशा में बताया गया है। पंचांग में सूर्य और चंद्रमा की राशियों को दिन की ज्योतिषीय स्थिति समझने के महत्वपूर्ण आधारों में माना जाता है।
आज पूर्व भाद्रपद नक्षत्र 3:43 AM तक रहेगा। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा। पूर्व भाद्रपद को गंभीर चिंतन, दृढ़ता और आध्यात्मिक झुकाव से जुड़ा नक्षत्र माना जाता है।
आज सुकर्मा योग सुबह 6:37 AM तक रहेगा। इसके नाम के अनुरूप इसे अच्छे कर्मों और सकारात्मक गतिविधियों के लिए अनुकूल योग माना जाता है।
कौलव करण सुबह 9:55 AM तक रहेगा। इसके बाद करण परिवर्तन होगा। करण की स्थिति पंचांग में दिन के विभिन्न कार्यों के लिए समय की प्रकृति समझने में सहायक मानी जाती है।
आज अभिजीत मुहूर्त 11:35 AM से 12:25 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए इस समय को शुभ माना जाता है। इसके अलावा दिन में कुछ ऐसे कालखंड भी हैं, जिनमें नए मांगलिक कार्य शुरू करने से परंपरागत रूप से बचने की सलाह दी जाती है।
राहुकाल: 8:49 AM से 10:24 AM
गुलिक काल: 5:38 AM से 7:13 AM
यमघण्टकाल: 1:35 PM से 3:10 PM
जरूरी कार्यों का समय तय करते समय इन कालखंडों के साथ-साथ स्थानीय परिस्थितियों और कार्य की प्रकृति को भी ध्यान में रखना बेहतर रहेगा।
आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है। यदि आज पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो, तो पंचांग की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक होने पर लोग अपने-अपने धार्मिक विश्वास के अनुसार उपाय भी करते हैं।
ग्रह स्थिति की बात करें तो सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा कुम्भ राशि में हैं। सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति दिन की ज्योतिषीय गणना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसी आधार पर आगे के कई पंचांग संकेत देखे जाते हैं।
29 अगस्त का पंचांग केवल शुभ-अशुभ समय जानने तक सीमित नहीं है। कृष्ण पक्ष की शुरुआत, शनिवार का संयमपूर्ण स्वभाव और वर्षा ऋतु का वातावरण मिलकर दिन को थोड़ा धीमे और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का संकेत देते हैं। इसलिए आज बड़े फैसलों से ज्यादा धैर्य, अनुशासन और जरूरी कामों को सही क्रम में पूरा करने पर ध्यान देना आपके दिन को बेहतर बना सकता है।
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