आज का पंचांग 28 सितंबर 2026
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आज का पंचांग 28 सितंबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

28 सितंबर कैलेंडर में एक सामान्य तारीख लग सकती है, लेकिन पंचांग इसी दिन को तिथि, नक्षत्र, योग और करण की अलग-अलग गणनाओं से देखने का नजरिया देता है। साथ ही शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अन्य महत्वपूर्ण समय दिन की योजना को समझने में मदद करते हैं। आइए, आज की तारीख के पीछे छिपी समय-गणना को जानते हैं।

आज का पंचांग 28 सितंबर 2026 | Aaj Ka Panchang 28th September 2026

28 सितंबर 2026 को कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 7:14 PM तक रहेगी और सोमवार का दिन है। आज द्वितीया श्राद्ध होने के कारण दिन का धार्मिक पक्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार सुबह से ही करण, योग और नक्षत्र में बदलाव होंगे, जबकि शाम 6:42 PM पर चंद्रोदय होगा। श्राद्ध, पूजा-पाठ और दैनिक कार्यों का समय तय करते हुए आज इन अलग-अलग समय सीमाओं को ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीय (7:14 PM तक)
वारसोमवार
पूर्णिमांत मासअश्विन
अमांत मासभाद्रपद
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुशरद
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:50
सूर्यास्त17:49
चंद्रोदय18:42
चंद्रास्त07:12
नक्षत्ररेवती (10:15 AM तक)
योगध्रुव (8:54 AM तक)
करणतैतिल (8:08 AM तक)
शुभ मुहूर्त11:26 AM से 12:12 PM
राहुकाल7:20 AM से 8:49 AM
गुलिक काल1:19 PM से 2:49 PM
यमघण्टकाल10:19 AM से 11:49 AM
दिशाशूलपूर्व
सूर्य राशिकन्या
चंद्र राशिमीन
चंद्र निवासउत्तर

तिथि और वार का प्रभाव

आज कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 7:14 PM तक रहेगी। पितृपक्ष के दौरान आने वाली द्वितीया तिथि को आज द्वितीया श्राद्ध के रूप में देखा जा रहा है। इस कारण दिन की धार्मिक गतिविधियों में श्राद्ध कर्म और पितरों के प्रति श्रद्धा का विशेष स्थान रहेगा।

आज सोमवार है, जिसका संबंध परंपरागत रूप से भगवान शिव और चंद्रमा से माना जाता है। सोमवार को पूजा, ध्यान और शिव आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आज श्राद्ध संबंधी धार्मिक कार्यों के साथ अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ किया जा सकता है।

मास, संवत और काल गणना

आज पंचांग की दोनों मास गणनाओं में अंतर दिखाई देता है। अमांत पद्धति के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है, जबकि पूर्णिमांत पद्धति के अनुसार अश्विन मास है। पितृपक्ष के दिनों में मास की यह गणना विशेष रूप से ध्यान देने योग्य होती है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में संवत की जानकारी पारंपरिक काल गणना को समझने में मदद करती है और धार्मिक तिथियों के संदर्भ को स्पष्ट करती है।

ऋतु और अयन

आज शरद ऋतु चल रही है। वर्षा के बाद मौसम में बदलाव का दौर जारी है और सुबह-शाम के वातावरण में अंतर महसूस हो सकता है। श्राद्ध या किसी धार्मिक कार्य के लिए बाहर जाना हो तो स्थानीय मौसम और यात्रा की स्थिति को ध्यान में रखना व्यावहारिक रहेगा।

अयन की दृष्टि से दक्षिणायन प्रभावी है। भारतीय परंपरा में दक्षिणायन को सूर्य की दक्षिण दिशा की ओर गति से जुड़ी अवधि माना जाता है। धार्मिक जीवन में इस अवधि को साधना, पूजा और आत्मचिंतन से जोड़ा जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:50 AM पर और सूर्यास्त 5:49 PM पर होगा। दिन की शुरुआत से लेकर शाम तक की गतिविधियों को व्यवस्थित करने में इन दोनों समयों को आधार बनाया जा सकता है। विशेष रूप से धार्मिक कार्यों और बाहर जाने की योजना में सूर्योदय-सूर्यास्त का समय उपयोगी रहेगा।

आज चंद्रोदय 6:42 PM पर होगा और चन्द्रास्त अगले दिन 7:12 AM पर होगा। चंद्रमा मीन राशि में रहेगा और पंचांग के अनुसार चंद्र निवास उत्तर दिशा में माना गया है। शाम के समय चंद्रमा का उदय दिन की पंचांग गणना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।

नक्षत्र, योग और करण

आज रेवती नक्षत्र 10:15 AM तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र में बदलाव होगा। ज्योतिषीय परंपरा में रेवती नक्षत्र को यात्रा, संरक्षण, संवेदनशीलता और पूर्णता से जुड़े गुणों के साथ देखा जाता है। इसलिए सुबह के समय जरूरी कामों को व्यवस्थित रूप से पूरा करने पर ध्यान दिया जा सकता है।

ध्रुव योग 8:54 AM तक रहेगा। इसके बाद योग बदल जाएगा। पंचांग में ध्रुव योग को स्थिरता से जुड़े नाम और स्वरूप के कारण अलग पहचान मिलती है। हालांकि किसी कार्य का शुभ-अशुभ निर्धारण केवल योग के आधार पर नहीं किया जाता, बल्कि पूरे पंचांग को साथ में देखा जाता है।

आज तैतिल करण 8:08 AM तक रहेगा। इसके बाद करण में परिवर्तन होगा। सुबह के शुरुआती समय में करण, योग और फिर नक्षत्र के बदलने से पंचांग की स्थिति क्रमशः बदलती जाएगी। इसलिए दिन के अलग-अलग समय को ध्यान में रखकर काम की योजना बनाना उपयोगी रहेगा।

शुभ और अशुभ समय

आज शुभ मुहूर्त 11:26 AM से 12:12 PM तक रहेगा। किसी सामान्य महत्वपूर्ण कार्य के लिए समय तय करते समय इस अवधि को पंचांग के अनुसार शुभ समय के रूप में देखा जा सकता है।

दिन के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 7:20 AM से 8:49 AM

  • गुलिक काल: 1:19 PM से 2:49 PM

  • यमघण्टकाल: 10:19 AM से 11:49 AM

पारंपरिक पंचांग मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। श्राद्ध जैसे धार्मिक कर्मों के लिए संबंधित परंपरा और परिवार की मान्यताओं के अनुसार निर्धारित समय को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। यदि आज पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो, तो पंचांग में दी गई इस गणना को ध्यान में रखना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है। यात्रा की वास्तविक परिस्थितियों और स्थानीय मौसम की स्थिति को भी साथ में देखना उपयोगी रहेगा।

आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा मीन राशि में स्थित रहेगा। चंद्रमा का निवास उत्तर दिशा में माना गया है। सूर्य और चंद्रमा की राशिगत स्थिति पंचांग के दैनिक ज्योतिषीय विवरण का हिस्सा है और इसे तिथि, नक्षत्र, योग तथा करण के साथ देखा जाता है।

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Published by Sri Mandir·September 29, 2026

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