
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
आज की तिथि, नक्षत्र और योग के कारण अपनी अलग ज्योतिषीय स्थिति रखता है। यदि आज कोई मांगलिक कार्य, पूजा या नई शुरुआत करनी है, तो दिन के शुभ समय पर नजर रखना बेहतर रहेगा। आइए जानते हैं आज का पंचांग और दिन की प्रमुख विशेषताएं।
27 अगस्त 2026 का दिन श्रावण मास के अंतिम चरण की ओर बढ़ते हुए कई धार्मिक और ज्योतिषीय संकेत लेकर आया है। आज शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है और गुरुवार का दिन है। तिथि सुबह बदल जाएगी, जबकि दिन के अलग-अलग हिस्सों में नक्षत्र, योग और करण की स्थिति भी परिवर्तित होगी। ऐसे में पूजा, धार्मिक अनुष्ठान या किसी जरूरी काम के लिए समय चुनते समय आज के पंचांग को देखना उपयोगी रहेगा।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्दशी (9:10 AM तक) |
वार | गुरुवार |
पूर्णिमांत मास | श्रावण |
अमांत मास | श्रावण |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | वर्षा |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:37 |
सूर्यास्त | 18:23 |
चंद्रोदय | 17:57 |
चंद्रास्त | 04:36 |
नक्षत्र | धनिष्ठा (2:16 AM तक) |
योग | शोभन (7:56 AM तक) |
करण | वणिज (9:07 AM तक) |
अभिजीत मुहूर्त | 11:35 AM से 12:25 PM |
राहुकाल | 1:36 PM से 3:12 PM |
गुलिक काल | 8:49 AM से 10:24 AM |
यमघण्टकाल | 5:37 AM से 7:13 AM |
दिशाशूल | दक्षिण |
सूर्य राशि | सिंह |
चंद्र राशि | मकर |
चंद्र निवास | दक्षिण |
आज शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 9:10 AM तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि का आरंभ होगा। चतुर्दशी को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है और श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा के संदर्भ में इसका विशेष महत्व देखा जाता है।
आज गुरुवार है, जिसे बृहस्पति देव का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में यह दिन ज्ञान, गुरु, शिक्षा और आध्यात्मिक कार्यों से जुड़ा माना जाता है। पूजा-पाठ, गुरु का स्मरण या धार्मिक अध्ययन जैसे कार्यों के लिए आज का दिन विशेष भाव रखता है।
आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों पंचांग पद्धतियों में श्रावण मास चल रहा है। श्रावण मास में शिव आराधना और धार्मिक अनुष्ठानों की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है। चतुर्दशी से पूर्णिमा की ओर बढ़ता यह दिन श्रावण मास के अंतिम चरण को भी दर्शाता है।
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में इन संवतों का उल्लेख तिथि और वर्ष की पारंपरिक कालगणना को दर्शाता है।
इस समय वर्षा ऋतु चल रही है। बारिश और बादलों के कारण दिन के दौरान मौसम में बदलाव संभव रहता है। इसलिए यात्रा या बाहरी गतिविधियों की योजना बनाते समय पंचांग के साथ मौसम की स्थिति पर भी नजर रखना उपयोगी हो सकता है।
सूर्य की वार्षिक गति के अनुसार अभी दक्षिणायन चल रहा है। अयन का उल्लेख पंचांग में सूर्य की स्थिति से जुड़े कालखंड को समझाने के लिए किया जाता है।
आज सूर्योदय 5:37 AM पर और सूर्यास्त 6:23 PM पर होगा। दिन के कामकाज और धार्मिक गतिविधियों का समय निर्धारित करते हुए इन दोनों समयों को ध्यान में रखा जा सकता है।
आज चंद्रोदय 5:57 PM पर तथा चंद्रास्त 4:36 AM पर होगा। चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेगा और उसका चंद्र निवास दक्षिण दिशा में बताया गया है। यह स्थिति आज की ज्योतिषीय गणना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आज धनिष्ठा नक्षत्र 2:16 AM तक रहेगा। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा। ज्योतिषीय परंपरा में धनिष्ठा को सक्रियता, लय और उपलब्धियों से जुड़े गुणों वाला नक्षत्र माना जाता है।
शोभन योग सुबह 7:56 AM तक रहेगा। इसके बाद योग परिवर्तन होगा। वहीं वणिज करण सुबह 9:07 AM तक रहेगा। इस तरह सुबह के समय तिथि, योग और करण में होने वाले बदलाव पंचांग की स्थिति को प्रभावित करेंगे।
आज का अभिजीत मुहूर्त 11:35 AM से 12:25 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए इस अवधि को पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है।
आज के प्रमुख अशुभ माने जाने वाले समय:
राहुकाल: 1:36 PM से 3:12 PM
गुलिक काल: 8:49 AM से 10:24 AM
यमघण्टकाल: 5:37 AM से 7:13 AM
नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करते समय इन अवधियों को छोड़कर अन्य उपयुक्त समय चुनना पारंपरिक रूप से बेहतर माना जाता है।
आज दिशाशूल दक्षिण दिशा में है। यदि दक्षिण दिशा की यात्रा करनी हो तो पंचांग की इस जानकारी को ध्यान में रखना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है।
ग्रह स्थिति के अनुसार आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा मकर राशि में हैं। सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति आज के पंचांग में महत्वपूर्ण ज्योतिषीय विवरण प्रस्तुत करती है।
27 अगस्त के पंचांग में सबसे ध्यान देने वाली बात सुबह के समय होने वाले लगातार परिवर्तन हैं। चतुर्दशी सुबह 9:10 बजे तक है, जबकि शोभन योग और वणिज करण उससे पहले ही समाप्त हो जाएंगे। इसलिए यदि कोई धार्मिक कार्य या विशेष पूजा सुबह करनी है, तो केवल दिन देखकर नहीं बल्कि सटीक समय देखकर योजना बनाना अधिक उपयोगी रहेगा।
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