
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
आज का पंचांग दिन की शुरुआत और आगे के महत्वपूर्ण समय की ज्योतिषीय स्थिति बताता है। आज की तिथि, नक्षत्र और योग के अनुसार पूजा-पाठ, यात्रा, शुभ शुरुआत या अन्य जरूरी कार्यों के लिए दिन कैसा रहेगा, यह जानना चाहते हैं तो आगे पढ़ें आज का पूरा पंचांग।
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24 अगस्त 2026 का दिन शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के साथ शुरू हो रहा है। श्रावण मास होने के कारण आज के पंचांग में धार्मिक दृष्टि से भी कई महत्वपूर्ण संकेत हैं। सोमवार का दिन होने से शिव आराधना के लिए विशेष वातावरण रहेगा, जबकि दिन के अलग-अलग समय में तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ काल बदलते रहेंगे। ऐसे में पूजा, यात्रा या जरूरी काम के लिए समय का चुनाव पंचांग देखकर करना उपयोगी हो सकता है।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष द्वादशी (6:22 AM तक) |
वार | सोमवार |
पूर्णिमांत मास | श्रावण |
अमांत मास | श्रावण |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | वर्षा |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:36 |
सूर्यास्त | 18:26 |
चंद्रोदय | 16:04 |
चंद्रास्त | 01:46 |
नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा (8:29 PM तक) |
योग | प्रीति (7:05 AM तक) |
करण | बव (5:20 PM तक) |
अभिजीत मुहूर्त | 11:36 AM से 12:26 PM |
राहुकाल | 7:12 AM से 8:49 AM |
गुलिक काल | 1:37 PM से 3:14 PM |
यमघण्टकाल | 10:25 AM से 12:01 PM |
दिशाशूल | पूर्व |
सूर्य राशि | सिंह |
चंद्र राशि | धनु |
चंद्र निवास | पूर्व |
आज शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 6:22 AM तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि आरंभ होगी। द्वादशी को भगवान विष्णु की उपासना से जोड़कर देखा जाता है और एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह दिन विशेष महत्व रखता है।
साथ ही आज सोमवार है। श्रावण मास में सोमवार का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और श्रद्धापूर्वक प्रार्थना जैसे कार्यों के लिए आज का दिन विशेष माना जा सकता है।
आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों पंचांग पद्धतियों में श्रावण मास चल रहा है। श्रावण में धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष रूप से शिव आराधना की परंपरा होने के कारण आज की तिथि का आध्यात्मिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। ये दोनों भारतीय कालगणना की प्रमुख प्रणालियों का हिस्सा हैं और पंचांग में तिथि व समय की पारंपरिक पहचान के लिए इनका उल्लेख किया जाता है।
अभी वर्षा ऋतु चल रही है। मौसम में नमी और बारिश की संभावना के बीच दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव स्वाभाविक हैं। यदि बाहर निकलना हो तो मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा।
सूर्य की वार्षिक गति के अनुसार वर्तमान में दक्षिणायन चल रहा है। पंचांग में अयन का उपयोग सूर्य की स्थिति से जुड़े वार्षिक कालखंड को दर्शाने के लिए किया जाता है।
आज सूर्योदय 5:36 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:26 PM पर। सुबह का समय धार्मिक गतिविधियों और दैनिक कार्यों की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
आज चंद्रोदय 4:04 PM पर और चंद्रास्त 1:46 AM पर होगा। चंद्रमा धनु राशि में रहेगा और उसका चंद्र निवास पूर्व दिशा में बताया गया है। चंद्रमा की स्थिति पंचांग के दैनिक ज्योतिषीय विवरण में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 8:29 PM तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में पूर्वाषाढ़ा को दृढ़ता, आत्मविश्वास और अपने प्रयासों पर टिके रहने से जोड़ा जाता है। रात में इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।
प्रीति योग सुबह 7:05 AM तक रहेगा। इसके बाद अगला योग शुरू होगा। वहीं बव करण शाम 5:20 PM तक रहेगा। तिथि के साथ योग और करण में होने वाले परिवर्तन दिन के अलग-अलग समय की पंचांग स्थिति को समझने में मदद करते हैं।
आज का अभिजीत मुहूर्त 11:36 AM से 12:26 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए इसे दिन के प्रमुख शुभ समयों में माना जाता है।
साथ ही इन समयों का ध्यान रखना चाहिए:
राहुकाल: 7:12 AM से 8:49 AM
गुलिक काल: 1:37 PM से 3:14 PM
यमघण्टकाल: 10:25 AM से 12:01 PM
नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए इन पारंपरिक रूप से सावधानी वाले समयों से बचना उचित माना जाता है। यदि किसी जरूरी काम का समय आपके नियंत्रण में है, तो अभिजीत मुहूर्त जैसे शुभ समय को प्राथमिकता दी जा सकती है।
आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है। पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो तो पंचांग में बताए गए इस पारंपरिक संकेत को ध्यान में रखा जा सकता है।
आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित हैं। सूर्य की सिंह राशि में स्थिति और चंद्रमा की धनु राशि में उपस्थिति मिलकर आज के पंचांग की ग्रह स्थिति को निर्धारित करती है।
24 अगस्त का दिन केवल शुभ-अशुभ समय देखने तक सीमित नहीं है। श्रावण का सोमवार, द्वादशी तिथि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आज के दिन को धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से अलग पहचान देते हैं। इसलिए यदि आज पूजा या व्रत से जुड़ी कोई योजना है, तो तिथि परिवर्तन के समय को जरूर ध्यान में रखें। वहीं सामान्य कार्यों में दिन के समयखंड देखकर प्राथमिकताएं तय करना अधिक व्यवस्थित रहेगा।
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