इस नवरात्रि अष्टमी राहु के अशुभ प्रभाव से मुक्ति पाकर जीवन में शुभता का मार्ग खोलें
नवरात्रि का पावन समय सनातन धर्म में अत्यंत शक्तिशाली आध्यात्मिक काल माना जाता है। इन नौ दिनों में की गई पूजा, व्रत और अनुष्ठान का विशेष महत्व बताया गया है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इस दिन देवी शक्ति की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। इस बार नवरात्रि अष्टमी का योग मूल नक्षत्र के साथ बन रहा है, जिसे माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने और राहु ग्रह के प्रभाव को शांत करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
मान्यता है कि इस समय किए गए मंत्र जाप और हवन से मानसिक तनाव, भय, भ्रम और जीवन में आने वाली रुकावटों को शांत करने की प्रार्थना की जाती है। यह अनुष्ठान जीवन में शांति, स्पष्टता और प्रगति का मार्ग खोलने की भावना से किया जाता है।
🔥 यह अनुष्ठान क्यों माना जाता है विशेष?
ज्योतिष के अनुसार जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु का प्रभाव सक्रिय होता है, तो जीवन में भ्रम, मानसिक तनाव, डर, अस्थिर विचार और अचानक आने वाली बाधाएँ बढ़ सकती हैं। कई बार इसका प्रभाव स्वास्थ्य, रिश्तों और करियर पर भी पड़ता है। ऐसे समय में सही पूजा और अनुष्ठान करने से राहु के प्रभाव को शांत करने की प्रार्थना की जाती है।
वैदिक परंपरा में माँ दुर्गा को राहु से संबंधित देवी माना गया है। इसलिए राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए दुर्गा-चंडी हवन अत्यंत शुभ माना जाता है।
इसी पावन अवसर पर श्री मंदिर द्वारा दो पवित्र स्थलों पर विशेष अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है।
पहला अनुष्ठान उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित राहु पैठाणी मंदिर में किया जाएगा, जहाँ राहु मूल बीज मंत्र का 18,000 बार जाप किया जाएगा। यह जाप राहु के प्रभाव को शांत करने और मानसिक अस्थिरता, भय तथा जीवन की बार-बार आने वाली बाधाओं को कम करने की भावना से किया जाता है।
दूसरा अनुष्ठान जम्मू के त्रिकुटा पर्वत क्षेत्र में स्थित नवदुर्गा मंदिर में किया जाएगा, जो माँ आदिशक्ति को समर्पित है। मान्यता है कि माँ दुर्गा की कृपा से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं, आध्यात्मिक संरक्षण प्राप्त होता है और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।
🙏 यदि आप जीवन में छिपी नकारात्मकता, बिना कारण होने वाली देरी या अनजाने भय का अनुभव कर रहे हैं, तो यह अनुष्ठान आपके लिए एक पवित्र अवसर हो सकता है। श्री मंदिर के माध्यम से इस पूजा में भाग लेकर आप हिमालय से होने वाले राहु मंत्र जाप और माँ दुर्गा के पवित्र हवन की दिव्य ऊर्जा से अपने जीवन में संतुलन और सकारात्मकता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।