
इस दिन गाए जाने वाले लोहड़ी भजन वातावरण को भक्तिमय बनाते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। यहाँ पढ़ें प्रसिद्ध लोहड़ी भजन लिरिक्स और उनका महत्व।
लोहड़ी भजन इस पर्व को भक्ति और श्रद्धा से जोड़ते हैं। इन भजनों के माध्यम से लोग अग्नि और सूर्य देव का स्मरण करते हुए सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। चलिए जानते हैं लोहड़ी पर्व के प्रमुख भजन एवं प्रसिद्ध लोकगीत के बारे में।
सर्द रात, जलती हुई अलाव की लपटें और ढोल की थाप! जी हाँ, लोहड़ी पर कुछ ऐसी ही रौनक होती है। जब आग के चारों ओर परिवार और दोस्त इकट्ठा होते हैं, तब भजनों की मधुर धुन माहौल को और भी आनंदमय बना देती है। लोहड़ी के भजन हमारी परंपरा, आस्था और लोक-संस्कृति को एक सूत्र में पिरो देते हैं। इस लेख में पढ़िए ऐसे ही कुछ मन को छू लेने वाले लोहड़ी भजन।
सुंदर मुंदरिए, हो,
तेरा कौन विचारा, हो,
दुल्ला भट्टी वाला, हो,
दुल्ले ने धी ब्याही, हो,
सेर शक्कर पाई, हो,
कुड़ी दा लाल पटाका, हो,
कुड़ी दा शालू पाटा, हो,
तेरा जीवे चाचा,
सानूं दे लोहड़ी,
तेरी जीवे जोड़ी।
दे लोहड़ी मैया दे लोहड़ी,
दे लोहड़ी, मैया दे लोहड़ी!
असां लेणा नइयो रुपया,
मैया पार करो मेरी नईया,
दे लोहड़ी मैया दे लोहड़ी!
असी लेणी नहीं मिठाई,
सानू अपनी चरणी लाई,
दे लोहड़ी मैया दे लोहड़ी!
असां लेणा नहीं प्रसाद,
सानू तेरे दर्शन दी प्यास,
दे लोहड़ी मैया दे लोहड़ी!
असां लेणा नहियो हार,
असां मंगदे तेरा प्यार,
दे लोहड़ी मैया दे लोहड़ी!
असी लेणी नहीं वधाई,
मैया खैर नाम दी पाई,
दे लोहड़ी मैया दे लोहड़ी!
आया लोहड़ी दा त्यौहार,
हो आया लोहड़ी दा त्यौहार
खुशियां खूब मनाओ यार,
नच्चो -गावो वंडो प्यार,
मुड़ -मुड़ आवे ऐसा वार,
कि आया लोहड़ी दा त्यौहार,
हो आया लोहड़ी दा त्यौहार
मुंडा वोटी लैके आया,
सोणी वोटी लैके आया,
खुशियां खूब मनाओ यार,
नच्चो – गावो वंडो प्यार ,
कि आया लोहड़ी दा त्यौहार,
हो आया लोहड़ी दा त्यौहार
कुड़ी नूँ मस्त दूल्हा मिलया,
सोणा -सोणा दूल्हा मिलया,
खुशियाँ खूब मनाओ यार,
नच्चो गावो वंडो प्यार,
कि आया लोहड़ी दा त्यौहार,
हो आया लोहड़ी दा त्यौहार
मुंडा – कुड़ी सदा सुख पावन,
तरक्की करन ते वधते जावन,
जल्दी सोणा पुत्तर आवे
दुनिया दे दातार गुरु जी खुशियां दे पंडार गुरु जी
गुरु जी दे दरबार चों सांगता दौड़ी दौड़ी आयी
ओ लोहड़ी आयी लोहड़ी आयी लोहड़ी आयी
असां गुरु जी दे जाना ये लोहड़ी ते दर्शन पाणाये
नाम रजिस्टर ते चल कर के असां की अपना लिखवानाये
गुरूजी ने अपने पगतो नू रज के ऐश कराई
ओ लोहड़ी आयी आयी आयी लोहड़ी आयी
बंउदे पचे ना प्यार गुरु जी चारां दे ने गुरु जी
गुरूजी नू एक बार बुलाओ आनदे ने सौ बार गुरु जी
सारी दुनिया ने बेशक़ी ये गुरु जी दे बड़ेयाही
ओ लोहड़ी आयी आयी आयी लोहड़ी आयी
गुरु जी दी दातारी बेखी इक्क नहीं सौ बरी वेखी
संगता दे कर चले जान दे ने गुरु जी दी दिलयारी वेखी
ऐसो जा कोई गैर नहीं ये आइयो ये सट याही
ओ लोहड़ी आयी आयी आयी लोहड़ी आयी
उम्मीद है ये ‘लोहड़ी भजन’ आपकी इस पर्व की शाम को और भी खास बना देंगे। हमारी कामना है कि इस लोहड़ी आपके सभी दुखों का निवारण हो और जीवन में ढेर सारी खुशियां आएं।
लोहड़ी दी लाख-लाख वधाइयाँ!
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