
लोहड़ी का पर्व खुशियों, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस खास मौके पर अपनों को शुभकामनाएँ भेजकर इस त्योहार की गर्माहट और खुशी साझा करें। यहाँ पढ़ें सुंदर लोहड़ी शुभकामनाएँ और बधाई संदेश।
लोहड़ी का पर्व ढोल की गूंज और गिद्दा की थाप के साथ शाम ढलते ही पूरे उल्लास में शुरू हो जाता है और देर रात तक चलता है। इस अवसर पर बड़े, बूढ़े-बच्चे सभी मिलकर एक साथ ताल और सुर में नाचते-गाते हैं। ऐसे खास दिन पर अपने, रिश्तेदारों और दोस्तों को शुभकामनाएं भेजकर उनकी खुशियों को और बढ़ाया जा सकता है। तो फिर देरी कैसी इस दिन को बनायें और भी खास शुभ संदेश और शुभकामनाओं के साथ।
लोहड़ी का पर्व सुंदर मुंदरिये हो…जैसे लोकगीतों की गूंज के साथ मनाया जाता है। लोहड़ी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति, कृषि परंपरा और सामूहिक आनंद का प्रतीक है। यह पर्व हर वर्ष मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मनाया जाता है और नई फसल के घर आने की खुशी में अग्निदेव और सूर्यदेव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। सर्दियों की विदाई और सूर्य के उत्तरायण होने की खुशी में लोग अलाव जलाकर रेवड़ी, गजक, मूंगफली और तिल अग्नि को अर्पित करते हैं। आज के समय में लोहड़ी का स्वरूप और भी व्यापक हो गया है। लोग इसे अपने-अपने तरीके, शुभकामनाओं, उपहारों और संदेशों के माध्यम से मनाने लगे हैं। खैर तरीका या अंदाज जैसे भी हो पर यह प्रव एक सुंदर सामाजिक परंपरा बन चुका है, जो रिश्तों में मिठास और अपनापन घोल देती है।
लोहड़ी पर शुभकामनाएं भेजने की परंपरा खुशियों से जुड़ी हुई है, जहां पर्व घर तक सीमित न रहकर पूरे समाज में खुशी बांटने का माध्यम बनता है। इसमें लोग एक-दूसरे के घर जाकर लोहड़ी की बधाई देते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और लोकगीत गाकर शुभेच्छाएं प्रकट करते हैं। वहीं, समय के साथ शुभकामनाओं की परंपरा में निरंतर बदलाव और विस्तार होता गया है। पहले जहां लोग आमने-सामने मिलकर या पत्रों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते थे, वहीं अब शुभकामनाएं कार्डों, संदेशों और डिजिटल माध्यमों के जरिए भी भेजी जाने लगी हैं।
मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और ई-कार्ड्स ने इस परंपरा को और भी सरल व व्यापक बना दिया है, जिससे दूर बैठे अपने प्रियजनों तक भी तुरंत शुभेच्छाएं पहुंचाना संभव हो गया है, लेकिन इन सभी बदलावों के बावजूद जो बात आज भी जस की तस बनी हुई है, वह है लोहड़ी पर शुभकामनाएं भेजने की परंपरा। क्योंकि समय के साथ भले ही शुभकामनाएं देने के माध्यम बदले हों, लेकिन उनमें छुपी भावना, अपनापन और शुभकामनाओं का भाव निरंतर जारी है।
लोहड़ी पर शुभकामनाएं भेजने का मुख्य उद्देश्य खुशियों को साझा करना और सकारात्मक ऊर्जा का आदान-प्रदान करना है। यह पर्व कृषि, प्रकृति और सूर्य की गति से जुड़ा होने के कारण जीवन में समृद्धि और नई आशाओं का संदेश देता है। शुभकामनाओं के माध्यम से लोग एक-दूसरे के जीवन में सुख, स्वास्थ्य और उन्नति की कामना करते हैं। आज के समय में जब लोग भौगोलिक रूप से दूर रहते हैं, तब शुभकामनाएं भेजना रिश्तों को जीवित और मजबूत बनाए रखने का माध्यम बन गया है।
सुंदर मुंदरिये हो, खुशियों का मौसम आया, अलाव की आग ने ठंड को दूर भगाया। तिल-गुड़, रेवड़ी संग हंसी छा जाए, लोहड़ी का पर्व हर दिल को भाए। लोहड़ी दी लाख-लाख बधाई
सुंदर मुंदरिये हो, दुल्ला भट्टी याद आए, शेरदिली ते त्याग दी कहानी गुनगुनाए। गीतां, नाचां, खुशियां बेहिसाब, लोहड़ी बनावे हर पल लाजवाब। लोहड़ी की शुभकामनाएं
रेवड़ी दी मिठास, रिश्ते मजबूत बनाए, अलाव दी लौ हर ग़म जलाए। हंसी, खुशी, सुकून भरे दिन, लोहड़ी लाए खुशहाल जीवन।
तिल-गुड़ जैसे मीठे हों रिश्ते सारे, दुख-दर्द हों अलाव में हारे। गीतां दी गूंज, खुशियों की शान, लोहड़ी करे जीवन आसान। लोहड़ी की बधाई
फसला दी खुशबू घर-घर आए, मेहनत दा फल हर किसान पाए। सुख-समृद्धि संग जीवन सजे, लोहड़ी हर दिल में बसे। लोहड़ी दी शुभकामनाएं
सुंदर मुंदरिये हो, आवाज़ गूंजे, हर दिल खुशी के रंग में डूबे। गज्जक-मूंगफली संग मीठी बात, लोहड़ी बनाए हर लम्हा खास। लोहड़ी की बधाई
ठंडी हवाएं विदा हो जाएं, गरम एहसास दिलों में समाएं। उमंग, उत्साह, नई रोशनी, लोहड़ी दे जाए ज़िंदगी नई। लोहड़ी दी शुभकामनाएं
अलाव दी आग में जल जाए डर, हौसले हों मजबूत, दिल बेफिक्र। हर सुबह होवे खुशहाल, लोहड़ी करे जीवन निहाल।
ताल से ताल मिले, नाच-गान में हर मन खिले। दुख पीछे छूट जाएं सारे, लोहड़ी खुशियों के द्वार उघाड़े।
तिल-गुड़ संग अपनापन बढ़े, हर रिश्ता और मजबूत गढ़े। सुख-शांति संग जीवन चले, लोहड़ी हर दिल में पले। लोहड़ी दी शुभकामनाएं
फसलों की हरियाली जैसे, जीवन में खुशहाली बसे। मेहनत रंग लाए आज, लोहड़ी दे मीठा साज।
रेवड़ी-गज्जक संग मीठे पल, हर दिन बने उत्सव का कल। उमंग, उल्लास, खुशी अपार, लोहड़ी लाए खुशियों की बहार।
अलाव में जलें पुराने ग़म, नई शुरुआत हो हरदम। आशा, विश्वास, नई राह, लोहड़ी दे जीवन को चाह। लोहड़ी की बधाई
ठंड विदा, गर्मजोशी आए, हर दिल में प्रेम समाए। मिल-बैठक, हंसी, सौगात, लोहड़ी बनाए रिश्ते खास। लोहड़ी दी शुभकामनाएं
सुंदर मुंदरिये हो, खुशियों का शोर, हर आंगन गूंजे चहुँओर। गीत-नृत्य, मीठे पकवान, लोहड़ी बने उत्सव महान।
रेवड़ी दी मिठास संग मुस्कान, हर दिन लगे त्योहार समान। शांति, सुख, समृद्धि साथ, लोहड़ी दे खुशियों की बात। लोहड़ी दी शुभकामनाएं
अलाव दी लौ बने उम्मीद, हर सपना लगे करीब। हिम्मत, हौसला, नई उड़ान, लोहड़ी दे नई पहचान।
सुंदर मुंदरिये हो, दिल से गाए, हर ग़म पीछे रह जाए। खुशियों से भर जाए संसार, लोहड़ी लाए प्यार अपार। लोहड़ी की बधाई
तिल-गुड़ जैसे मीठे बोल, रिश्तों में घुले अनमोल। हर दिन बने खुशियों की घड़ी, लोहड़ी दे मिठास बड़ी। लोहड़ी दी शुभकामनाएं
सुंदर मुंदरिये हो, अंतिम पैगाम, खुश रहे हर दिल, हर इंसान। सुख-समृद्धि संग जीवन बढ़े, लोहड़ी हर घर में चढ़े। लोहड़ी दी लख-लख बधाई
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