
लोहड़ी का पर्व स्वाद और परंपरा का संगम है। इस दिन मूंगफली, रेवड़ी, तिल और गुड़ से बनी चीजें विशेष रूप से खाई जाती हैं। यहाँ जानें लोहड़ी में क्या खाना शुभ माना जाता है और इन व्यंजनों का क्या महत्व है।
लोहड़ी का त्योहार भारत के कई हिस्सों में बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर विशेष पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं, जो स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं। लोहड़ी के अवसर पर कौन-कौन से पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं और इस पर्व में उनका क्या विशेष महत्व है। तो आइए जानते और समझते हैं उन व्यंजनों के बारे में, जिनके बिना लोहड़ी का उत्सव अधूरा माना जाता है।
लोहड़ी का पर्व नई शुरुआत, अच्छी फसल और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार एक ओर अपनों के साथ खुशियों को साझा करने और नाचने-गाने का महत्व रखता है तो वहीं, दूसरी ओर इस पर्व में खाने का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोहड़ी के अवसर पर बनाए जाने वाले पारंपरिक व्यंजन न केवल स्वाद से भरपूर होते हैं, बल्कि समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली का संदेश भी देते हैं। इसे इलावा इस दिन का असली आनंद इसके पारंपरिक व्यंजनों में ही छिपा होता है। लोहड़ी के अवसर पर बनाए जाने वाले खाने के व्यंजन इस त्योहार को और भी खास बना देते हैं।
हर घर में अपनी परंपरा और पसंद के अनुसार अलग-अलग व्यंजन बनाए जाते हैं, जो इस त्योहार को खास पहचान देते हैं। वैसे तो लोहड़ी को पंजाब के प्रमुख त्योहारों में गिना जाता है, लेकिन यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि इसके स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों ने ही इस पर्व को देश के कोने-कोने तक लोकप्रिय बना दिया है। लोहड़ी में खाने का महत्व न केवल खुशियों से जुड़ा है बल्कि ये स्वास्थय से भी जुड़ा होता है, जिसमें कई पौश्टिक व्यंजन बनाए जाते हैं जिससे तन औऱ मन दोनों ही प्रसन्न होते हैं। यही कारण है कि लोहड़ी का पर्व न केवल गीत-संगीत, नृत्य और अग्नि पूजा तक सीमित रहता है, बल्कि इसके पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन इस त्योहार के महत्व को बढ़ाते हैं और इसको संपूर्णता प्रदान करते हैं।
लोहड़ी पर खाए और बनाए जाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थ इस त्योहार की पहचान माने जाते हैं। इस पर्व पर पारंपिरक खाद्य पदार्थ खाना सबसे प्रमुख माना जाता है, जिसमें बहुत तरह के खाद्य पदार्थ शामिल है। प्रत्येक स्थानों पर अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जिनको खाना लगभग हर जगह एक ही जैसा होता है तो आइए जानें इनके बारे में।
लोहड़ी पर खाए जाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थ में सबसे प्रमुख रूप से तिल और गुड़ से बनी चिक्की, रेवड़ी और लड्डू शामिल हैं। तिल औऱ गुड़ का अलग-अलग तरह से प्रयोग किया जाता है। कोई इसकी गजक तो कोई लड़्डू और कोई पट्टी बनाते हैं। वैसे तिल और गुड़ की खास बात यह है कि ये खाद्य पदार्थ न केवल स्वाद में उत्तम होते हैं, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी होते है।
सरसों का साग और मक्के की रोटी पर लोहड़ी के अवसर पर खाए जाने वाले मुख्य खाद्य पदार्थ में से एक है जो इस दिन विशेष रूप से बनाई जाती है। सरसों का साग और मक्के की रोटी पंदाब की पारंपरिक थाली का एक हिस्सा भी है।
इसके अलावा आटे की पिन्नी, लावा, भूनी मंगफली भी लोहड़ी के खास खाद्य पदार्थ है, जिसे घी, गुड़ और ड्राई फ्रूट्स से बनाया जाता है। ऐसे औऱ भी लोहड़ी के मुख्य खाद्य पदार्थ हैं जो स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का संतुलन बनाए रखते हैं।
लोहड़ी के दिन सात्विक और पारंपरिक भोजन का सेवन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह पर्व अग्नि, फसल और समृद्धि से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस दिन ऐसे खाद्य पदार्थ ग्रहण किए जाते हैं जिनका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व हो। विशेष रूप से तिल और गुड़ से बने व्यंजन लोहड़ी में शुभता के प्रतीक माने जाते हैं।
मान्यता है कि तिल और गुड़ का सेवन करने से जीवन में मिठास बनी रहती है और नकारात्मकता दूर होती है। इसी कारण गजक को लोहड़ी का प्रमुख शुभ खाद्य पदार्थ माना जाता है।
रेवड़ी और भूनी हुई मूंगफली भी लोहड़ी पर विशेष रूप से शुभ मानी जाती हैं। इन्हें लोहड़ी की अग्नि में अर्पित किया जाता है और फिर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है, जिससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे।
इसके अलावा तिल के लड्डू और कई स्थानों पर खील और बताशे भी बांटे जाते हैं, जिन्हें पवित्र और मंगलकारी माना जाता है। पंजाब में सरसों का साग और मक्के की रोटी का सेवन भी लोहड़ी पर शुभ माना जाता है, क्योंकि यह नई फसल के स्वागत का प्रतीक है। वहीं, पिन्नी और पॉपकॉर्न भी इस पर्व में शुभता से जुड़े व्यंजन माने जाते हैं।
लोहड़ी के पर्व पर कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करना आवश्यक माना जाता है। क्योंकि यह त्योहार शुद्धता, सकारात्मकता और सात्विकता का प्रतीक है। लोहड़ी के दिन तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन इस दिन वर्जित माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन चीजों के सेवन से त्योहार की पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है। इसके अलावा प्याज और लहसुन का प्रयोग भी भोजन में नहीं करना चाहिए। क्योंकि इन्हें तामसिक प्रवृत्ति का भोजन माना जाता है।
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