
शाकुंभरी देवी की आराधना करने से जीवन में समृद्धि, शांति, और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।
शास्त्रों के अनुसार माँ शाकंभरी को आदिशक्ति माँ दुर्गा का अवतार माना जाता है। माँ शाकंभरी की पूजा और उनकी आरती करने से जातक के जीवन में सुख समृद्धि आती है और उसके सभी कार्य सिद्ध होते है। कहते हैं कि नवरात्रि के दौरान माँ शाकंभरी की आरती पढ़ने से माँ की विशेष कृपा व्यक्ति पर हमेशा बनी रहती है। तो आइए पढ़ते हैं माँ शाकंभरी की आरती(Maa Shakumbhari Ki Aarti In Hindi) सरल भाषा में।
हरी ॐ श्री शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो ऐसी अदभुत रूप ह्रदय धर लीजो |
शताक्षी दयालु की आरती कीजो तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ, सब घट तुम आप बखानी माँ |
शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो ……….
तुम्ही हो शाकुम्भर, तुम ही हो सताक्षी माँ, शिवमूर्ति माया प्रकाशी माँ |
शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो ………
नित जो नर – नारी अम्बे आरती गावे माँ इच्छा पूर्ण कीजो, शाकुम्भर दर्शन पावे माँ
शाकुम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो…….
जो नर आरती पढ़े पढावे माँ, जो नर आरती सुनावे माँ, बस बैकुंठ शाकुम्भर दर्शन पावे |
शाकुम्भरी अंबा जी की आरती कीजो……
और ये भी पढ़े
अन्नपूर्णा माता की आरती दत्तात्रेय जी की आरती भगवद गीता आरती कार्तिकेय जी की आरती
Did you like this article?

ॐ जय जगदीश हरे आरती - सुनें और पढ़ें अनुराधा पौडवाल द्वारा गाए गए भजन के बोल। जानें 'Om Jai Jagdish Hare' आरती के सुंदर और भक्तिमय शब्द।

अम्बे गौरी की आरती एक भक्तिपूर्ण स्तुति है, जो देवी दुर्गा के शक्ति स्वरूप को समर्पित है। यह आरती देवी गौरी (माँ पार्वती) की महिमा का गुणगान करती है और उनके भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है।

शिवरात्रि आरती भगवान शिव की महिमा और आशीर्वाद की प्रार्थना के लिए समर्पित है। यह आरती महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव की विशेष पूजा में गाई जाती है, जो भक्तों को भगवान शिव के प्रति समर्पण और भक्ति से जोड़ती है।