
लाभ पंचमी 2025 कब है? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि, माँ लक्ष्मी की कृपा से पाएं समृद्धि और सफलता!
लाभ पञ्चमी गुजरात के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पञ्चमी तिथि को मनाया जाता है। इसे लाखेनी पञ्चमी, ज्ञान पञ्चमी और सौभाग्य पञ्चमी भी कहते हैं।
मुहूर्त | समय |
ब्रह्म मुहूर्त | 04:21 ए एम से 05:11 ए एम |
प्रातः सन्ध्या | 04:46 ए एम से 06:02 ए एम |
अभिजित मुहूर्त | 11:19 ए एम से 12:04 पी एम |
विजय मुहूर्त | 01:35 पी एम से 02:20 पी एम |
गोधूलि मुहूर्त | 05:21 पी एम से 05:47 पी एम |
सायाह्न सन्ध्या | 05:21 पी एम से 06:37 पी एम |
सर्वार्थ सिद्धि योग | 10:46 ए एम से 06:03 ए एम, अक्टूबर 27 |
निशिता मुहूर्त | 11:17 पी एम से 12:07 ए एम, अक्टूबर 27 |
लाभ पञ्चमी गुजरात और अन्य पश्चिमी भारतीय राज्यों के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पञ्चमी तिथि को मनाया जाता है। इसे लाखेनी पञ्चमी, ज्ञान पञ्चमी और सौभाग्य पञ्चमी भी कहा जाता है। लाभ पञ्चमी मुख्य रूप से व्यापारियों और परिवारों के लिए शुभ कार्यों की शुरुआत का दिन माना जाता है।
लाभ पञ्चमी का दिन गुजराती नव वर्ष में कामकाज का पहला दिन माना जाता है। इस दिन दिवाली के उत्सव का समापन होता है और लोग पुनः काम पर जाने लगते हैं।
व्यवसायी इस दिन अपने कार्यालयों या दुकानों के सामने स्वास्तिक का चिन्ह बनाते हैं और लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यवसाय में वृद्धि होती है।
लाभ पञ्चमी पर मुख्य रूप से भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और माता पार्वती की पूजा की जाती है।
स्नान और स्वच्छता
पूजा स्थान तैयार करें
स्वास्तिक और दीपक
फूल और नैवेद्य अर्पित करें
मंत्र और जाप
आरती और दीप प्रज्वलन
दान और पुण्य कार्य
व्यवसाय और आर्थिक समृद्धि
सौभाग्य और परिवारिक सुख
बाधाओं और विघ्नों का नाश
ज्ञान और बुद्धि की वृद्धि
पुण्य और धार्मिक लाभ
लाभ पञ्चमी के दिन प्रातः काल स्नान करके गणेश जी और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। शादी-शुदा लोगों को इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
यदि आप व्यापार या शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया करना चाहते हैं तो यह दिन सबसे शुभ रहेगा। इस दिन दान करने और दीन-दुखियों की मदद करने का भी विशेष महत्व है।
तो यह थी लाभ पञ्चमी से जुड़ी विशेष जानकारी। ऐसे ही व्रत, पर्व और त्योहारों से की जानकारी के लिए आप जुड़े रहिए श्री मंदिर के साथ।
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