
साईं बाबा की आरती उनके चमत्कारिक कार्यों, उनकी करुणा, और सभी जाति-धर्म के लोगों के प्रति समान प्रेम का स्मरण कराती है।
साईं बाबा ने अपने जीवनकाल में प्रत्येक प्राणियों की सहायता की। उनके भक्तों में गरीब से लेकर अमीर सभी थे लेकिन उनकी नजरों में सभी एक समान थे और वे बोलते भी थे सबका मालिक एक अल्लाह मालिक। मान्यता है कि साईं बाबा व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। साईं बाबा की आरती किसी भी धर्म के लोग कर सकते हैं। गुरुवार के दिन व्रत रखने वाले लोगों को साईं बाबा की विशेष कृपा मिलती है।
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।
भक्तजनों के कारण, उनके कष्ट निवारण॥
शिरडी में अवतरे, ॐ जय साईं हरे,
॥ ॐ जय…॥
दुखियन के सब कष्टन काजे, शिरडी में प्रभु आप विराजे।
फूलों की गल माला राजे, कफनी, शैला सुन्दर साजे॥
कारज सब के करें, ॐ जय साईं हरे,
॥ ॐ जय…॥
काकड़ आरत भक्तन गावें, गुरु शयन को चावड़ी जावें।
सब रोगों को उदी भगावे, गुरु फकीरा हमको भावे॥
भक्तन भक्ति करें, ॐ जय साईं हरे,
॥ ॐ जय…॥
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई, बौद्ध जैन सब भाई भाई।
रक्षा करते बाबा साईं, शरण गहे जब द्वारकामाई॥
अविरल धूनी जरे, ॐ जय साईं हरे,
॥ ॐ जय…॥
भक्तों में प्रिय शामा भावे, हेमडजी से चरित लिखावे।
गुरुवार की संध्या आवे, शिव, साईं के दोहे गावे॥
अंखियन प्रेम झरे, ॐ जय साईं हरे,
॥ ॐ जय…॥
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।
शिरडी साईं हरे, बाबा ॐ जय साईं हरे॥
श्रीमंदिर साहित्य पर प्राप्त करें भक्ति और मंगलमयी आरती संग्रह।
और ये भी पढ़े
श्री अहोई माता की आरती श्री गायत्री माता की आरती श्री संतोषी माता आरती सत्यनारायण जी की आरती
Did you like this article?

ॐ जय जगदीश हरे आरती - सुनें और पढ़ें अनुराधा पौडवाल द्वारा गाए गए भजन के बोल। जानें 'Om Jai Jagdish Hare' आरती के सुंदर और भक्तिमय शब्द।

अम्बे गौरी की आरती एक भक्तिपूर्ण स्तुति है, जो देवी दुर्गा के शक्ति स्वरूप को समर्पित है। यह आरती देवी गौरी (माँ पार्वती) की महिमा का गुणगान करती है और उनके भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है।

शिवरात्रि आरती भगवान शिव की महिमा और आशीर्वाद की प्रार्थना के लिए समर्पित है। यह आरती महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव की विशेष पूजा में गाई जाती है, जो भक्तों को भगवान शिव के प्रति समर्पण और भक्ति से जोड़ती है।