आज का पंचांग 3 जुलाई 2026
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आज का पंचांग 3 जुलाई 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

कई लोग दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करते हैं ताकि जरूरी कार्य सही समय पर पूरे किए जा सकें। 3 जुलाई 2026 के पंचांग में आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।

आज का पंचांग 3 जुलाई 2026 | Aaj Ka Panchang 3rd July 2026

3 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के साथ संकष्टी चतुर्थी का पर्व भी मनाया जाएगा। यदि आप पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा या किसी नए कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और अन्य ज्योतिषीय योगों की जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। आइए जानते हैं 3 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीया (11:21 AM तक)
वारशुक्रवार
पूर्णिमांत मासआषाढ़
अमांत मासज्येष्ठ
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुग्रीष्म
अयनउत्तरायण
त्योहारसंकष्टी चतुर्थी
सूर्योदय05:13
सूर्यास्त18:53
चंद्रोदय21:21
चंद्रास्त07:54
नक्षत्रश्रावण (11:47 AM तक)
योगविष्कुम्भ (5:00 PM तक)
करणविष्टि (11:18 AM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:36 AM से 12:30 PM
राहुकाल10:20 AM से 12:03 PM
गुलिक काल6:55 AM से 8:38 AM
यमघण्टकाल3:28 PM से 5:11 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिमिथुन
चंद्र राशिमकर
चंद्र निवासदक्षिण

तिथि और वार का महत्व

आज कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 11:21 AM तक प्रभावी रहेगी। तृतीया तिथि को धैर्य, अनुशासन और योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके बाद अगली तिथि प्रारंभ होगी।

आज शुक्रवार है, जो माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह का दिन माना जाता है। यह दिन धन, सुख-समृद्धि, सौंदर्य, पारिवारिक जीवन और शुभ कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। साथ ही आज संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी मनाया जाएगा, जिसमें भगवान श्री गणेश की पूजा कर विघ्नों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

मास, संवत और काल गणना

आज पूर्णिमांत परंपरा के अनुसार आषाढ़ मास चल रहा है, जबकि अमांत गणना के अनुसार अभी ज्येष्ठ मास प्रभावी है। भारतीय पंचांग की दोनों प्रणालियां अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार धार्मिक कार्यों में उपयोग की जाती हैं।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। भारतीय कालगणना में इन संवतों का उपयोग शुभ तिथियों, पर्वों और धार्मिक अनुष्ठानों के निर्धारण में किया जाता है।

ऋतु और अयन

वर्तमान समय में ग्रीष्म ऋतु विद्यमान है। मौसम में धीरे-धीरे वर्षा ऋतु का प्रभाव बढ़ने लगता है, जिससे वातावरण में परिवर्तन महसूस होने लगता है।

अयन के अनुसार अभी उत्तरायण चल रहा है। धार्मिक मान्यताओं में उत्तरायण को शुभ कर्म, आध्यात्मिक साधना और मंगल कार्यों के लिए अनुकूल काल माना गया है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय सुबह 5:13 AM पर होगा और सूर्यास्त शाम 6:53 PM पर। दिनभर के कार्यों, पूजा और यात्रा की योजना बनाने में ये समय महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

आज चंद्रोदय रात 9:21 PM पर तथा चंद्रास्त सुबह 7:54 AM पर होगा। चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेगा और उसका दक्षिण दिशा में निवास माना गया है।

नक्षत्र, योग और करण

आज श्रावण नक्षत्र सुबह 11:47 AM तक रहेगा। यह नक्षत्र ज्ञान, अनुशासन, सीखने की क्षमता और आध्यात्मिक प्रगति से जुड़ा माना जाता है। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।

आज विष्कुम्भ योग शाम 5:00 PM तक रहेगा। पंचांग में योगों का उपयोग शुभ-अशुभ समय का आकलन करने में किया जाता है और प्रत्येक योग का अपना अलग महत्व होता है।

आज विष्टि करण सुबह 11:18 AM तक रहेगा। करण का संबंध कार्यों की गति, निर्णय क्षमता और दैनिक गतिविधियों की सफलता से माना जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज अभिजीत मुहूर्त 11:36 AM से 12:30 PM तक रहेगा। यह समय महत्वपूर्ण और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

  • राहुकाल: 10:20 AM से 12:03 PM

  • गुलिक काल: 6:55 AM से 8:38 AM

  • यमघण्टकाल: 3:28 PM से 5:11 PM

इन समयों में नए एवं अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से सामान्यतः बचने की सलाह दी जाती है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा करना आवश्यक हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उचित सावधानी बरतना शुभ माना जाता है।

आज सूर्य मिथुन राशि में तथा चंद्रमा मकर राशि में स्थित हैं। ग्रहों की यह स्थिति दिन के ज्योतिषीय प्रभाव को निर्धारित करती है और विभिन्न राशियों पर सामान्य प्रभाव डालती है।

यदि आप अपने दिन को अधिक सुव्यवस्थित बनाना चाहते हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ समय का सदुपयोग करें और राहुकाल जैसे अशुभ समय का ध्यान रखें। सही समय पर किए गए कार्य सफलता की संभावना को और अधिक बढ़ा सकते हैं।

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Published by Sri Mandir·July 2, 2026

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