आज का पंचांग 22 अगस्त 2026
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आज का पंचांग 22 अगस्त 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

आज 22 अगस्त 2026 का पंचांग दिन की ज्योतिषीय परिस्थितियों की पूरी तस्वीर सामने रखता है। तिथि और नक्षत्र के साथ बनने वाले योग आज के शुभ समय और धार्मिक कार्यों की स्थिति को प्रभावित करेंगे। यदि आज कोई खास काम या नई शुरुआत है, तो जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रह सकता है।

आज का पंचांग 22 अगस्त 2026 | Aaj Ka Panchang 22nd August 2026

22 अगस्त 2026 का पंचांग दिन के अलग-अलग समय में बदलती तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी देता है। आज शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है और शनिवार का दिन है। पंचांग में दर्ज समयों पर नजर डालें तो आज की शुरुआत से लेकर रात तक कई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेंगे। शुभ मुहूर्त, राहुकाल और चंद्रमा की स्थिति को जानकर दिन की धार्मिक गतिविधियों और जरूरी कार्यों की बेहतर योजना बनाई जा सकती है।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष दशमी (2:01 AM तक)
वारशनिवार
पूर्णिमांत मासश्रावण
अमांत मासश्रावण
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:35
सूर्यास्त18:28
चंद्रोदय14:28
चंद्रास्त00:01
नक्षत्रज्येष्ठा (2:50 PM तक)
योगविष्कुम्भ (6:15 AM तक)
करणतैतिल (12:48 PM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:37 AM से 12:27 PM
राहुकाल8:48 AM से 10:25 AM
गुलिक काल5:35 AM से 7:12 AM
यमघण्टकाल1:38 PM से 3:15 PM
दिशाशूलपूर्व
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिवृश्चिक
चंद्र निवासउत्तर

तिथि और शनिवार का महत्व

आज शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 2:01 AM तक रहेगी। शुक्ल पक्ष की तिथियां चंद्रमा के बढ़ते चरण से जुड़ी होती हैं और धार्मिक दृष्टि से इन्हें विशेष महत्व दिया जाता है। दशमी के दिन पूजा-पाठ, धार्मिक संकल्प और नियमित शुभ गतिविधियों को पंचांग देखकर आगे बढ़ाया जा सकता है।

आज शनिवार होने के कारण दिन की धार्मिक योजना में शनिदेव की उपासना का विशेष स्थान रह सकता है। कई लोग इस दिन सेवा, दान और संयम से जुड़े कार्यों को भी महत्व देते हैं। यदि कोई विशेष पूजा या अनुष्ठान करना हो, तो उसके समय का पंचांग से मिलान करना उपयोगी रहेगा।

श्रावण मास और संवत की स्थिति

22 अगस्त को अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं के अनुसार श्रावण मास चल रहा है। श्रावण का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है, इसलिए इस दौरान पूजा, जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पंचांग की तिथि और मुहूर्त देखना महत्वपूर्ण हो जाता है।

काल गणना के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में इन संवतों का उल्लेख धार्मिक एवं पारंपरिक गणना को समझने में मदद करता है।

वर्षा ऋतु और दक्षिणायन

अगस्त के इस समय में वर्षा ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। मौसम में बदलाव के बीच धार्मिक यात्राओं या बाहरी गतिविधियों की योजना बनाते समय स्थानीय परिस्थितियों का भी ध्यान रखना उचित रहेगा।

सूर्य की स्थिति के अनुसार अभी दक्षिणायन चल रहा है। पंचांग में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़ी महत्वपूर्ण कालगणना को दर्शाता है।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

आज सूर्योदय 5:35 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:28 PM पर। वहीं चंद्रोदय 2:28 PM पर तथा चंद्रास्त 12:01 AM पर होगा। इस तरह चंद्रमा का प्रभाव दिन के दूसरे हिस्से में अधिक स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित है और उसका निवास उत्तर दिशा में बताया गया है। वहीं सूर्य सिंह राशि में हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति दिन के सामान्य ग्रह प्रभावों को समझने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

नक्षत्र, योग और करण का संकेत

आज ज्येष्ठा नक्षत्र 2:50 PM तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा। ज्येष्ठा नक्षत्र को जिम्मेदारी, अनुभव और दृढ़ता जैसे गुणों से जोड़ा जाता है। इसलिए आज महत्वपूर्ण कामों में जल्दबाजी के बजाय परिस्थितियों को समझकर आगे बढ़ना बेहतर माना जा सकता है।

विष्कुम्भ योग 6:15 AM तक रहेगा। इसके बाद दिन में अगला योग प्रभावी होगा। वहीं तैतिल करण 12:48 PM तक रहेगा। पंचांग में योग और करण किसी समय की ज्योतिषीय स्थिति को अधिक विस्तार से समझने में सहायता करते हैं।

आज के शुभ और अशुभ समय

आज का अभिजीत मुहूर्त 11:37 AM से 12:27 PM तक है। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए यह समय विशेष रूप से ध्यान में रखा जा सकता है।

दिन के प्रमुख अशुभ माने जाने वाले समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 8:48 AM से 10:25 AM

  • गुलिक काल: 5:35 AM से 7:12 AM

  • यमघण्टकाल: 1:38 PM से 3:15 PM

नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करते समय इन समयावधियों से बचने की पारंपरिक सलाह दी जाती है।

दिशाशूल और ग्रहों की स्थिति

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है। यदि पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो, तो पारंपरिक पंचांग मान्यताओं के अनुसार उचित उपाय और सावधानी का ध्यान रखा जा सकता है।

ग्रह स्थिति की बात करें तो सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेंगे। चंद्रमा के साथ आज ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव भी दिन के एक बड़े हिस्से तक बना रहेगा, इसलिए धार्मिक कार्यों और व्यक्तिगत योजनाओं के लिए समय का चयन पंचांग के अनुसार करना उपयोगी हो सकता है।

आज के पंचांग में खास बात यह है कि अभिजीत मुहूर्त दिन के मध्य में उपलब्ध है, जबकि नक्षत्र और योग में दिन के दौरान परिवर्तन भी हो रहा है। इसलिए पूरे दिन को एक जैसा मानने के बजाय कार्य के समय के अनुसार पंचांग की स्थिति देखना अधिक व्यावहारिक रहेगा।

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Published by Sri Mandir·August 13, 2026

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