आज का पंचांग 24 अक्टूबर 2026
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

आज का पंचांग 24 अक्टूबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

दिन की धार्मिक योजना बनाते समय तिथि का समय जानना कभी-कभी पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित कर देता है। शनिवार, 24 अक्टूबर को त्रयोदशी दोपहर लगभग 1:37 बजे तक रहेगी, फिर चतुर्दशी शुरू होगी। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र भी रात में समाप्त होकर रेवती नक्षत्र में बदल जाएगा।

आज का पंचांग 24 अक्टूबर 2026 | Aaj Ka Panchang 24th October 2026

24 अक्टूबर 2026 को शनिवार के दिन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 1:38 PM तक रहेगी। आज का पंचांग देखते समय एक खास बात यह है कि करण तिथि समाप्त होने से कुछ मिनट पहले बदल जाएगा, जबकि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र रात 8:33 PM तक रहेगा। शनिवार और त्रयोदशी के संयोग में पूजा-पाठ या धार्मिक कार्यों की योजना बना रहे हैं, तो तिथि के साथ समय का मिलान करना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशी (1:38 PM तक)
वारशनिवार
पूर्णिमांत मासअश्विन
अमांत मासअश्विन
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुशरद
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय06:02
सूर्यास्त17:24
चंद्रोदय16:01
चंद्रास्त03:56
नक्षत्रउत्तर भाद्रपद (8:33 PM तक)
योगव्याघात (8:02 PM तक)
करणतैतिल (1:32 PM तक)
शुभ मुहूर्त11:21 AM से 12:05 PM
राहुकाल8:52 AM से 10:18 AM
गुलिक काल6:02 AM से 7:27 AM
यमघण्टकाल1:08 PM से 2:33 PM
दिशाशूलपूर्व
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिमीन
चंद्र निवासउत्तर

त्रयोदशी तिथि और शनिवार

आज शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 1:38 PM तक रहेगी। हिंदू परंपरा में त्रयोदशी तिथि का संबंध प्रदोष व्रत से भी है, जो सूर्यास्त के आसपास के समय में की जाने वाली शिव-उपासना के लिए जानी जाती है। हालांकि, व्रत की तिथि और प्रदोष काल की पुष्टि स्थानीय पंचांग के अनुसार करनी चाहिए।

आज शनिवार है। परंपरागत मान्यताओं में इस दिन शनिदेव की पूजा, सेवा और जरूरतमंदों की सहायता को महत्व दिया जाता है। यदि आप शनिवार को कोई धार्मिक नियम या पूजा करते हैं, तो अपनी परंपरा के अनुसार दिनचर्या तय कर सकते हैं।

अश्विन मास और संवत

आज अमांत और पूर्णिमांत, दोनों पद्धतियों में अश्विन मास है। हिंदू कैलेंडर में मास की गणना के लिए इन दोनों प्रणालियों का उपयोग होता है। आज दोनों में एक ही मास का नाम होने से तिथि और पर्व संबंधी जानकारी को समझना अपेक्षाकृत सरल रहता है।

पंचांग के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) चल रहे हैं। ये पारंपरिक वर्ष गणना की दो अलग प्रणालियां हैं, जिनका उल्लेख धार्मिक तिथियों और पंचांग संबंधी विवरणों में किया जाता है।

शरद ऋतु और दक्षिणायन

आज शरद ऋतु है और सूर्य की वार्षिक गति के पारंपरिक वर्गीकरण के अनुसार दक्षिणायन चल रहा है। ऋतु और अयन की जानकारी पंचांग में समय की व्यापक स्थिति बताती है। दिन की योजना बनाते समय सुबह और शाम के मौसम, यात्रा की जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना अच्छा रहेगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा

आज सूर्योदय 6:02 AM पर और सूर्यास्त 5:24 PM पर होगा। इन समयों के आधार पर सुबह की पूजा, दिन के कार्यों और शाम की धार्मिक गतिविधियों की योजना बनाई जा सकती है। सूर्यास्त से जुड़े किसी विशेष अनुष्ठान के लिए स्थानीय समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

आज चंद्रोदय 4:01 PM पर होगा और चन्द्रास्त अगले दिन 3:56 AM पर होगा। चंद्रमा शाम के शुरुआती हिस्से में उदित होगा और रात के बाद अस्त होगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा मीन राशि में रहेगा, जबकि चंद्र निवास उत्तर दिशा बताया गया है।

नक्षत्र, योग और करण

आज उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 8:33 PM तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा। दिन के अधिकांश समय में यही नक्षत्र प्रभावी रहेगा, इसलिए किसी विशेष मुहूर्त का चयन करते समय निर्धारित समय के अनुसार नक्षत्र की स्थिति देखी जा सकती है।

व्याघात योग 8:02 PM तक रहेगा। पंचांग में योग को तिथि और नक्षत्र के साथ दिन की पारंपरिक ज्योतिषीय स्थिति समझने के लिए देखा जाता है। आज यह योग शाम तक रहेगा और उसके बाद इसमें परिवर्तन होगा।

तैतिल करण 1:32 PM तक है, जबकि त्रयोदशी तिथि 1:38 PM तक रहेगी। यानी करण तिथि समाप्त होने से छह मिनट पहले बदल जाएगा। दोपहर के इस छोटे अंतर को ध्यान में रखना खास तौर पर उपयोगी है, यदि किसी धार्मिक कार्य के लिए करण और तिथि दोनों का समय देखा जा रहा हो।

शुभ मुहूर्त और अशुभ समय

आज का शुभ मुहूर्त 11:21 AM से 12:05 PM तक है। किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए समय चुनते समय इस अवधि पर विचार किया जा सकता है। साथ ही, काम की प्रकृति और उससे जुड़े पारंपरिक नियमों के अनुसार उपयुक्त मुहूर्त की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

आज के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 8:52 AM से 10:18 AM

  • गुलिक काल: 6:02 AM से 7:27 AM

  • यमघण्टकाल: 1:08 PM से 2:33 PM

पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं में इन समयों के दौरान नए शुभ कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है। जरूरी कामों के लिए अपनी परिस्थिति, उपलब्ध समय और संबंधित कार्य के नियमों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जा सकता है।

दिशाशूल और राशियों की स्थिति

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। परंपरागत रूप से यात्रा की दिशा तय करते समय इसे पंचांग का एक हिस्सा माना जाता है। यात्रा से संबंधित निर्णय में दूरी, यातायात और अन्य व्यावहारिक पहलुओं को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।

आज सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा मीन राशि में रहेगा। पंचांग में चंद्र निवास उत्तर दिशा बताया गया है। इन विवरणों से दिन की पारंपरिक ज्योतिषीय स्थिति की जानकारी मिलती है, जिसे तिथि, नक्षत्र और योग के साथ पढ़ा जाता है।

divider
Published by Sri Mandir·October 25, 2026

Did you like this article?

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook