आज का पंचांग 20 सितंबर 2026
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आज का पंचांग 20 सितंबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

सिर्फ तारीख जानना दिन को पूरी तरह समझने के लिए पर्याप्त नहीं होता। पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और करण जैसे पहलुओं के जरिए उस दिन की विस्तृत तस्वीर सामने रखता है। 20 सितंबर 2026 के लिए भी कई महत्वपूर्ण समय देखने योग्य हैं।

आज का पंचांग 20 सितंबर 2026 | Aaj Ka Panchang 20th September 2026

20 सितंबर 2026 को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और रविवार का दिन है। आज पंचांग में नवमी तिथि शाम तक रहेगी, जबकि सौभाग्य योग दोपहर के बाद समाप्त होगा और कौलव करण भी शाम तक प्रभावी रहेगा। चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा और दिन के साथ पंचांग की कई गणनाएं अलग-अलग समय पर बदलेंगी। पूजा-पाठ, यात्रा और जरूरी कार्यों की योजना बनाते समय इन समयों को ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष नवमी (5:52 PM तक)
वाररविवार
पूर्णिमांत मासभाद्रपद
अमांत मासभाद्रपद
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुशरद
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:46
सूर्यास्त17:58
चंद्रोदय13:58
चंद्रास्त00:31
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा (4:35 AM तक)
योगसौभाग्य (3:23 PM तक)
करणकौलव (5:50 PM तक)
शुभ मुहूर्त11:28 AM से 12:16 PM
राहुकाल4:26 PM से 5:58 PM
गुलिक काल2:55 PM से 4:26 PM
यमघण्टकाल11:52 AM से 1:24 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिकन्या
चंद्र राशिधनु
चंद्र निवासपूर्व

तिथि और वार का प्रभाव

आज शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शाम 5:52 PM तक रहेगी। शुक्ल पक्ष की तिथियों को चंद्रमा के बढ़ते क्रम से जोड़ा जाता है और नवमी तिथि को धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व प्राप्त है। आज अपने जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के अनुसार बांटकर पूरा करना और दिन के दूसरे हिस्से के लिए पहले से योजना बनाना उपयोगी हो सकता है।

आज रविवार है, जिसका संबंध परंपरागत रूप से सूर्य देव से माना जाता है। रविवार को आत्मविश्वास, ऊर्जा और अनुशासन से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए दिन की शुरुआत नियमित दिनचर्या और जरूरी जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से तय करके करना एक अच्छा तरीका हो सकता है।

मास, संवत और काल गणना

आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है। दोनों पंचांग पद्धतियों में आज मास समान है, इसलिए मास निर्धारण को लेकर अलग-अलग नाम देखने को नहीं मिलते।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में संवत का उल्लेख पारंपरिक काल गणना का हिस्सा है और धार्मिक तिथियों तथा अनुष्ठानों की जानकारी में इसका उपयोग किया जाता है।

ऋतु और अयन

आज शरद ऋतु चल रही है। वर्षा के बाद मौसम में बदलाव के इस दौर में दिन और रात के तापमान में अंतर महसूस हो सकता है। इसलिए यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम की स्थिति को भी ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।

अयन की दृष्टि से दक्षिणायन जारी है। भारतीय परंपरा में दक्षिणायन को सूर्य की दक्षिण दिशा की ओर गति से जुड़ी अवधि माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से इस दौरान साधना, संयम और आध्यात्मिक चिंतन को महत्व दिया जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:46 AM पर होगा और सूर्यास्त 5:58 PM पर होगा। दिन की शुरुआत और शाम के कार्यों को निर्धारित करते समय इन समयों को ध्यान में रखा जा सकता है। सूर्यास्त अपेक्षाकृत जल्दी होने के कारण शाम की बाहरी गतिविधियों की योजना पहले से बनाना सुविधाजनक रहेगा।

आज चंद्रोदय 1:58 PM पर और चन्द्रास्त 12:31 AM पर होगा। चंद्रमा धनु राशि में रहेगा तथा पंचांग के अनुसार चंद्र निवास पूर्व दिशा में माना गया है। चंद्रमा की स्थिति आज के पंचांग के ज्योतिषीय विवरण का एक महत्वपूर्ण भाग है।

नक्षत्र, योग और करण

आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 4:35 AM तक रहा, जिसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी हो गया है। ज्योतिषीय परंपरा में पूर्वाषाढ़ा को दृढ़ता, आत्मविश्वास और अपने प्रयासों पर टिके रहने से जोड़ा जाता है। आज किसी काम में बार-बार दिशा बदलने के बजाय स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ना उपयोगी हो सकता है।

सौभाग्य योग 3:23 PM तक रहेगा। नाम के अनुसार इस योग को शुभता और अनुकूल परिस्थितियों से जोड़कर देखा जाता है। दोपहर के बाद योग बदलने के कारण महत्वपूर्ण कार्यों का समय तय करते हुए इस बदलाव पर भी ध्यान दिया जा सकता है।

आज कौलव करण 5:50 PM तक रहेगा। इसके लगभग दो मिनट बाद, 5:52 PM पर नवमी तिथि भी समाप्त होगी। शाम के समय करण और तिथि में लगभग साथ-साथ होने वाले इन बदलावों के कारण दिन की पंचांग स्थिति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन आएगा।

शुभ और अशुभ समय

आज शुभ मुहूर्त 11:28 AM से 12:16 PM तक रहेगा। पंचांग की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए उपयोगी माना जाता है।

दिन के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 4:26 PM से 5:58 PM

  • गुलिक काल: 2:55 PM से 4:26 PM

  • यमघण्टकाल: 11:52 AM से 1:24 PM

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। जरूरी दैनिक कार्यों के लिए अपनी परिस्थिति और सुविधा के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा करनी हो, तो पारंपरिक पंचांग गणना के अनुसार इस दिशा से जुड़े दिशाशूल को ध्यान में रखना उचित माना जाता है।

आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा। चंद्रमा का निवास पूर्व दिशा में माना गया है। सूर्य और चंद्रमा की राशिगत स्थिति पंचांग के दैनिक ज्योतिषीय विवरण को समझने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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Published by Sri Mandir·September 20, 2026

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