srimandir playstore link
श्री भगवद् गीता जी की आरती

श्री भगवद् गीता जी की आरती

पढ़ें श्री भगवद् गीता जी की आरती


जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते । हरि-हिय-कमल-विहारिणी, सुन्दर सुपुनीते ॥

कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि, कामासक्ति हरा । तत्त्वज्ञान-विकाशिनि, विद्या ब्रह्म परा ॥ ॥ जय भगवद् गीते…॥

निश्चल-भक्ति-विधायिनी, निर्मल मल्हारी । शरण-सहस्य-प्रदायिनि, सब विधि सुख कारी ॥ ॥ जय भगवद् गीते…॥

राग-द्वेष-विदारिणी, कारिणि मोद सदा । भव-भय-हारिणि, तारिणी परमानंद प्रदा ॥ ॥ जय भगवद् गीते…॥

आसुर-भाव-विनाशिनि, नाशिनी तम रजनी । दैवी सद् गुणदायिनि, हरि-रसिका सजनी ॥ ॥ जय भगवद् गीते…॥

समता, त्याग सिखावनि, हरि-मुख की बानी । सकल शास्त्र की स्वामिनी, श्रुतियों की रानी ॥ ॥ जय भगवद् गीते…॥

दया-सुधा बरसावनि, मातु! कृपा कीजै । हरिपद-प्रेम दान कर, अपनो कर लीजै ॥ ॥ जय भगवद् गीते…॥

जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते । हरि-हिय-कमल-विहारिणी, सुन्दर सुपुनीते ॥ ॥ जय भगवद् गीते…॥

,
background
background
background
background
srimandir
अपने फोन में स्थापित करें अपना मंदिर, अभी डाउनलोड करें।
© 2020 - 2022 FirstPrinciple AppsForBharat Pvt. Ltd.
facebookyoutubeinsta