कालाष्टमी से महाशिवरात्रि तक 7 पावन दिनों में महादेव की शक्ति से जुड़ें और जीवन के भारी बोझ को हल्का कर भगवान शिव की असीम कृपा पाएं।
कालाष्टमी से महाशिवरात्रि तक 7 पावन दिनों में महादेव की शक्ति से जुड़ें और जीवन के भारी बोझ को हल्का कर भगवान शिव की असीम कृपा पाएं।
कालाष्टमी से महाशिवरात्रि तक 7 पावन दिनों में महादेव की शक्ति से जुड़ें और जीवन के भारी बोझ को हल्का कर भगवान शिव की असीम कृपा पाएं।
कालाष्टमी से महाशिवरात्रि तक 7 पावन दिनों में महादेव की शक्ति से जुड़ें और जीवन के भारी बोझ को हल्का कर भगवान शिव की असीम कृपा पाएं।
कालाष्टमी से महाशिवरात्रि तक 7 पावन दिनों में महादेव की शक्ति से जुड़ें और जीवन के भारी बोझ को हल्का कर भगवान शिव की असीम कृपा पाएं।
कालाष्टमी से महाशिवरात्रि 7 दिवसीय विशेष अनुष्ठान

7 दिवसीय शिव पुराण पाठ एवं महाशिवरात्रि रुद्राभिषेक

गहरे कर्म प्रभाव कम करने और परिवार में शांति व सामंजस्य के लिए
temple venue
श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर, प्रयागराज, उत्तरप्रदेश
pooja date
పూజ బుకింగ్ ముగుస్తుంది
Day
Hour
Min
Sec
slideslideslide
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
ఇప్పటి వరకు3,00,000+భక్తులుశ్రీ మందిర్ సేవా నిర్వహించిన పూజలలో పాల్గొన్నాను.
పూజా వీడియో పొందండి icon
పూజా వీడియో పొందండి
పూర్తి పూజా వీడియో 2 రోజుల్లో పంపబడుతుంది.
సరైన ఆచారాలను అనుసరించడమైనది icon
సరైన ఆచారాలను అనుసరించడమైనది
ఆలయంలోని ఉత్తమ పూజారి గారు మీ పూజని చేస్తారు.
జపించడానికి మంత్రం icon
జపించడానికి మంత్రం
ఆశీర్వాదం పొందుటకు విశేష మంత్రాలు క్రింద తెలుపబడ్డాయి
ఆశీర్వాదం బాక్స్ icon
ఆశీర్వాదం బాక్స్
ఆశీర్వాదం బాక్స్ మీ ఇంటి వద్దకే చేర్చబడింది.

कालाष्टमी से महाशिवरात्रि तक 7 पावन दिनों में महादेव की शक्ति से जुड़ें और जीवन के भारी बोझ को हल्का कर भगवान शिव की असीम कृपा पाएं।

महाशिवरात्रि केवल एक रात्रि नहीं, बल्कि भगवान शिव को समर्पित एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा का शिखर मानी जाती है। कालाष्टमी से शुरू होने वाले 7 पवित्र दिन सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखते हैं। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए जप, पाठ और पूजा जीवन की पुरानी उलझनों को शांत करने और मन को स्थिर करने में सहायक होते हैं।


आज कई लोग ऐसे बोझ महसूस करते हैं जिनका कारण समझ में नहीं आता, जैसे परिवार में बार-बार तनाव, रिश्तों में दूरी, कार्यों में रुकावट या मन में लगातार बेचैनी। शास्त्रों के अनुसार यह स्थिति पुराने कर्म प्रभाव और पीढ़ियों से चले आ रहे संस्कारों से जुड़ी मानी जाती है। जब ये प्रभाव बढ़ जाते हैं, तो घर का वातावरण भी प्रभावित होने लगता है। ऐसे समय में भक्त भगवान सोमेश्वर महादेव की शरण लेते हैं, जिन्हें समय और चंद्र शक्ति का स्वामी माना गया है।


शिव पुराण में बताया गया है कि जब सृष्टि में असंतुलन बढ़ा, तब भगवान शिव स्वयं प्रकट होकर संतुलन स्थापित करने आए। उन्होंने संसार की रक्षा के लिए विष तक को अपने कंठ में धारण किया। इसी प्रकार भक्तों की सच्ची प्रार्थना पर महादेव उनके जीवन की पीड़ा को शांत करने की भावना से जुड़ते हैं। शिव भक्ति में बीते समय की गलतियों से अधिक वर्तमान की श्रद्धा को महत्व दिया जाता है।


कालाष्टमी से महाशिवरात्रि तक सात दिनों का महत्व:

कालाष्टमी से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलने वाला 7 दिवसीय शिव पुराण पाठ एक क्रमिक साधना माना जाता है। प्रतिदिन पाठ से वातावरण में शांति का भाव बनता है, मन हल्का होता है और भक्त का ध्यान शिव तत्व की ओर बढ़ता है। जैसे-जैसे महाशिवरात्रि नजदीक आती है, साधना की गहराई बढ़ती जाती है।

महाशिवरात्रि की रात्रि रुद्राभिषेक के साथ यह यात्रा पूर्ण होती है। जल, दूध और मधु से शिवलिंग का अभिषेक जीवन की अशांति को शांत करने और स्थिरता की भावना लाने का प्रतीक माना जाता है। यह क्रम व्यक्ति को नई शुरुआत का भाव देता है, जहां मन शांत होता है और जीवन में संतुलन लौटने लगता है।


श्री मंदिर के माध्यम से यह विशेष पूजा भक्तों को कालाष्टमी से महाशिवरात्रि तक एक संपूर्ण आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव कराती है, जहां शांति, संतुलन और नई ऊर्जा की भावना को प्राथमिकता दी जाती है।🙏🕉️

श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर, प्रयागराज, उत्तरप्रदेश

श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर, प्रयागराज, उत्तरप्रदेश
प्रयागराज स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर को नगर के प्रमुख शिव धामों में गिना जाता है। इसे सोमेश्वरनाथ मंदिर भी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां एकादक्ष रुद्र का वास माना जाता है। मंदिर का त्रिशूल चंद्रमा की गति के अनुसार घूमता है, जिसे इसकी विशेष पहचान माना जाता है।


शास्त्रों के अनुसार चंद्रदेव को दक्ष प्रजापति के श्राप से कष्ट हुआ था। तब भगवान विष्णु की सलाह पर उन्होंने प्रयाग में भगवान शिव की आराधना की। वर्षों की तपस्या के बाद भगवान शिव ने उन्हें उस कष्ट से मुक्त किया। ऐसी मान्यता है कि आज भी इस क्षेत्र में चंद्र ऊर्जा की विशेष अनुभूति होती है। भक्तों का विश्वास है कि यहां पूजा करने से मानसिक शांति और शारीरिक परेशानी में राहत की भावना मिलती है।

అన్ని పూజా ప్యాకేజీలలో ఇవి ఉంటాయి

tick

అనుభవజ్ఞులైన పూజారుల ద్వారా మీ పేరు మరియు గోత్రోచ్చారణ.

tick

మీరు ఇంటి నుండే పూజలో పాల్గొనేందుకు వీలుగా మంత్రాలు మరియు నియమాలు

tick

పూజ & నైవేద్య సమర్పణల పూర్తి వీడియో మీ వాట్సాప్ నంబర్‌కు పంపబడుతుంది

tick

తీర్థ ప్రసాదం కలిగిన ఆశీర్వాద్ బాక్స్ ఉచితంగా మీ ఇంటికి డెలివరీ చేయబడతుంది.

opt-in-message-card-image

మరింత పుణ్యఫలం కోసం మీ పేరు మీద వస్త్ర దానం, అన్నదానం వంటి ప్రత్యేక సేవలను జోడించండి

No Packages Available

సమీక్షలు & రేటింగ్స్

శ్రీ మందిరం గురించి మన ప్రియమైన భక్తులు ఏమనుకుంటున్నారో చదవండి.
User Image

Achutam Nair

Bangalore
User review
User Image

Ramesh Chandra Bhatt

Nagpur
User review
User Image

Aperna Mal

Puri
User review
User Image

Shivraj Dobhi

Agra
User review
User Image

Mukul Raj

Lucknow

తరచుగా అడిగే ప్రశ్నలు