🌿✨ वामन जयंती के पावन अवसर पर पाएं बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद 🙏🪔
🌸 मथुरा के श्री दीर्घ विष्णु मंदिर में आयोजित विशेष अनुष्ठान के माध्यम से प्रभु के चरणों में समर्पित करें अपनी सारी चिंताएँ 🌿🙏
सनातन धर्म में भगवान विष्णु को पालनहार और संतुलन बनाने वाले देवता माना जाता है। जब भी संसार में अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब वे अवतार लेकर धर्म की रक्षा और भक्तों का कल्याण करते हैं। हर अवतार का एक खास उद्देश्य और संदेश होता है। इन्हीं अवतारों में भगवान विष्णु का वामन अवतार बहुत प्रसिद्ध है। दानवराज बलि की शक्ति और उसके अहंकार को शांत करने के लिए भगवान ने एक छोटे ब्राह्मण बालक का रूप लिया। वामन जी ने बलि से केवल तीन पग भूमि का दान माँगा। लेकिन जब उन्होंने अपने विराट स्वरूप से तीन पग भरे, तो पूरी पृथ्वी, स्वर्ग और आकाश को माप लिया और इस प्रकार बलि की शक्ति को नियंत्रित किया। इससे देवताओं और असुरों के बीच संतुलन वापस स्थापित हुआ।
यह अवतार हमें सिखाता है कि अहंकार और बाधाओं को विनम्रता और विवेक से आसानी से दूर किया जा सकता है। वामन जयंती भगवान वामन के इसी अवतरण का स्मरण दिवस है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन की रुकावटें और परेशानियाँ धीरे-धीरे दूर होती हैं। जिनके कार्य बार-बार अटक जाते हैं, या ग्रह-नक्षत्रों की अशुभ दशा के कारण सफलता नहीं मिल रही, उनके लिए यह पूजा बहुत लाभकारी होती है।
माना जाता है कि वामन भगवान की साधना से विघ्न, शत्रु बाधा, आर्थिक कठिनाई और मानसिक उलझनें शांत हो जाती हैं। उनके मंत्रों का जप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, सकारात्मक ऊर्जा आती है और जीवन में नए अवसर मिलने लगते हैं। यही कारण है कि वामन जयंती को बाधा निवारण का दिन भी कहा जाता है। इसी अवसर पर श्री दीर्घ विष्णु मंदिर में वामन जयंती विघ्न विमोचन महापूजा का आयोजन श्री मंदिर के माध्यम से किया जा रहा है। इस विशेष अनुष्ठान में मंत्रजाप, आहुतियाँ और अर्चनाएँ होंगी, जिनका उद्देश्य भक्तों के जीवन से रुकावटों को दूर कर उन्हें सफलता और समृद्धि की ओर बढ़ाना है।
🙏 आप भी इस पावन महापूजा में शामिल होकर भगवान वामन का आशीर्वाद प्राप्त करें और अपने जीवन को सुख, शांति और सफलता से भरें।