7 जन्मों के कर्म, 4 जाग्रत धाम और मोक्ष का 1 मार्ग! विष्णु पद, राधा रमन, कामतानाथ और वेंकटेश्वर के चरणों में वरुथिनी एकादशी पर चढ़ावा अर्पित पुण्य एवं पाप शांति आशीष के भागीदार बनें।
📙 पद्म पुराण के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का महत्व स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था। वरुथिनी का अर्थ है रक्षा करनेवाली, जो भक्त को हर संकट से बचाती है।
📘 राजा मांधाता की कथा
शास्त्रों में वर्णित कथा के अनुसार, प्राचीन काल में नर्मदा तट पर राजा मांधाता तपस्या कर रहे थे। तभी एक जंगली भालू ने उन पर हमला कर उनका पैर चबाना शुरू कर दिया। राजा विचलित नहीं हुए और अपनी तपस्या जारी रखी और रक्षा हेतु उन्होंने भगवान विष्णु को पुकारा। श्री हरि ने प्रकट होकर बताया कि यह उनके पिछले जन्म के अपराध का फल है। भगवान की आज्ञा से राजा ने मथुरा जाकर वरुथिनी एकादशी का व्रत किया और भगवान के वराह अवतार की पूजा की। इस व्रत के प्रभाव से राजा न केवल पूर्ण स्वस्थ हुए, बल्कि उन्हें सात जन्मों के कष्टों से मुक्ति और मोक्ष प्राप्त हुआ।
🛕 एक पावन संकल्प: चार दिव्य धामों का संगम
इन चार सिद्ध पीठों पर चढ़ावा अर्पित करें 👇
🔸 विष्णुपद वेदी (मोक्ष स्थली): वायु पुराण कहता है कि यहाँ साक्षात विष्णु के चरणों की ऊर्जा विद्यमान है। यहाँ अर्पण करने से सात पीढ़ियों का उद्धार और जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है।
🔸 राधा रमन मंदिर (दिव्य प्रेम): यहाँ प्रभु स्वयं शालिग्राम रूप में प्रकट हुए थे। वरुथिनी एकादशी पर यहाँ चढ़ावा करने से जीवन में भक्ति और अटूट शांति का कवच निर्मित होता है।
🔸 कामतानाथ राम मंदिर (संकट हरण): वनवास के समय प्रभु राम ने यहीं निवास किया था। कामतानाथ की कृपा आपके जीवन के हर क्लेश को मिटाकर शांति सिद्ध करती है।
🔸 वेंकटेश्वरा स्वामी (कलियुग के रक्षक): वैकुंठ का प्रतिरूप माने जानेवाले इस दरबार में अर्पण करने से दरिद्रता दूर होती है और व्यक्ति को आध्यात्मिक सुरक्षा प्राप्त होती है।
देरी न करें! श्री हरि के इन चार स्वरूपों का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को निष्पाप और सुरक्षित बनाएं।







श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
हवन आहुति दान एक अत्यंत पुण्यदायक कर्म है, जिसमें अग्नि के माध्यम से देवी-देवताओं को विशेष अर्पण अर्पित किया जाता है। इसमें शुद्ध घी, जौ, तिल, लकड़ी, हवन सामग्री आदि को मंत्रों के साथ अग्नि में समर्पित किया जाता है। यह आहुति न केवल वातावरण को पवित्र करती है, बल्कि साधक के पापों का क्षय, मानसिक शुद्धि और ग्रह दोषों से मुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त करती है!
आराधना सेवा वह भक्ति प्रक्रिया है, जिसमें श्रद्धालु किसी विशेष देवता की नियमित आराधना, मंत्र जाप, स्तोत्र पाठ, अर्पण या अभिषेक आदि के माध्यम से गहन श्रद्धा और नियमपूर्वक आराधना करता है। यह सेवा न केवल आत्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मनोकामना सिद्धि और ईश्वरीय कृपा का मार्ग भी खोलती है। आराधना सेवा से भक्त और भगवान के बीच एक दिव्य संबंध स्थापित होता है, जो जीवन के हर संकट में सहारा और मार्गदर्शन देता है।
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"हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।"
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