पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा

पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा संपूर्ण पितृ तृप्ति अष्ट महा सेवा

गरुड़ पुराण में वर्णन है - यमराज की नगरी तक जाने वाले मार्ग पर असह्य गर्मी है, जमा देने वाली ठंड है, काँटों भरे वन हैं, घना अँधेरा है - उस मार्ग पर आत्मा चलते-चलते पश्चाताप करती है और वह पश्चाताप गरुड़ पुराण में इन शब्दों में है:
"मैंने गाय को कभी भोजन नहीं दिया। पवित्र ब्राह्मणों का कभी सम्मान नहीं किया। कभी किसी भूखे को अन्न नहीं दिया। किसी ज़रूरतमंद को कभी वस्त्र नहीं दिए। दीप कभी नहीं जलाया। सेवा कभी नहीं की। और वह आत्मा अपने परिजनों से पुकारती है: मेरे लिए यह करो।यह 8 महा-सेवाएं उन्हीं पुकारों का उत्तर हैं - जो पितर स्वयं नहीं कर पाए - आप उनके लिए करते हैं।
🌕 पूर्णिमा: पितृ पक्ष का प्रथम और सर्वाधिक प्रकाशमान द्वार
पितृ पक्ष की पूर्णिमा वह क्षण है जब पूर्ण चन्द्रमा की अधिकतम शक्ति से पितृ-लोक और भू-लोक के बीच का मार्ग सबसे अधिक प्रकाशित होता है। पूर्णिमा पर देहत्याग करने वाले पितरों की विशेष तिथि है यह और पितृ पक्ष का प्रथम दिन - इस दिन की गई सेवा सम्पूर्ण पितृ पक्ष की पितृ-यात्रा का शुभारम्भ करता है।

यह 8 महा-सेवाएं उन्हीं पुकारों का उत्तर हैं:
जो पितर स्वयं नहीं कर पाए, आप उनके लिए करते हैं। गौ ग्रास से देवता तृप्त होते हैं और यात्रा सुरक्षित होती है। तिल-सेवा कर्म-भार हल्का करता है। ब्राह्मण-भोजन वह माध्यम है जिससे अन्न सूक्ष्म रूप में पितरों तक पहुँचता है। गरुड़ पुराण कहता है: "पितरों के लिए ब्राह्मण को भोजन कराना ही पितृ-यज्ञ है - यह उत्तम गति देता है।" वस्त्र उस यात्रा पर आत्मा का आवरण है। घी-दीप उस मार्ग के घने अँधेरे को भेदता है। फल सात्त्विक बल देता है। छत्र दस सूर्यों जैसी गर्मी से और पादुका काँटों भरे रास्ते पर चरण की रक्षा करती है और कम्बल उस मार्ग पर जहाँ हिमालय से सौ गुना ठंड है - वहाँ आश्रय देता है।
🌕पूर्णिमा पर 8 मोक्ष-तीर्थों पर एकसाथ
पितृ पक्ष की पूर्णिमा जब पूर्ण चन्द्रमा की शक्ति से पितृ-लोक का द्वार सबसे पहले और सबसे प्रकाशमान रूप में खुलता है, इस दिन यह 8 महा-सेवाएं मथुरा, गया, प्रयागराज, हरिद्वार, काशी, गोकर्ण, उज्जैन और अयोध्या - इन आठों मोक्ष-तीर्थों पर एकसाथ सम्पन्न होगी सम्पूर्ण भारत की पुण्य-भूमि आपके पितरों के लिए एक साथ जागृत।

🙏8 पुकारें जो उस मार्ग पर उठती हैं - 8 सेवाएं जो आप आज उनके लिए करते हैं।
8 मोक्ष-तीर्थ - एक पूर्णिमा - अभी बुक करें।
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
अपनी सेवा चुनें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook