पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा त्रि-पितृ वसु, रुद्र, आदित्य तर्पण एवं हवन आहुति
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा त्रि-पितृ वसु, रुद्र, आदित्य तर्पण एवं हवन आहुति
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा त्रि-पितृ वसु, रुद्र, आदित्य तर्पण एवं हवन आहुति
पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा त्रि-पितृ वसु, रुद्र, आदित्य तर्पण एवं हवन आहुति
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पितृ पक्ष श्राद्ध पूर्णिमा त्रि-पितृ वसु, रुद्र, आदित्य तर्पण एवं हवन आहुति

🕉️ पितृ पक्ष पूर्णिमा - जब तीन पीढ़ियाँ, तीन अलग-अलग दिव्य लोकों से, एकसाथ प्रतीक्षा में खड़ी होंगी और आपसे अपनी मुक्ति की आस लगाए बैठी होगी - तब उन तीनों पीढ़ियों के पितरों को उनके सही दिव्य रूप में, सही तीर्थ पर, सही सामग्री से अर्पण कर स्वर्ग के मार्ग पर प्रशस्त करें।
पितृ पक्ष की पूर्णिमा वह क्षण है, जब पितृलोक और मृत्युलोक के बीच का पर्दा सबसे पतला होता है। किन्तु शास्त्र एक गहरा, अनछुआ सत्य उद्घाटित करते हैं, आपके पितर एक ही लोक में नहीं हैं। आपके पिता की आत्मा वसु-मंडल में है। पितामह की आत्मा रुद्र-मंडल में है। प्रपितामह की आत्मा आदित्य-पथ पर है। तीन अलग-अलग लोक, तीन अलग-अलग पुकार और एक वंशज - जो एक ही स्थान पर, एक ही सामग्री से तर्पण करके सोचता है कि तीनों तक पहुँच गया।
📜 तीन पीढ़ियाँ: शास्त्रों का शाश्वत सत्य बृहदारण्यक उपनिषद में यज्ञवल्क्य महर्षि का वचन है - आठ वसु (जल, पृथ्वी, अग्नि, वायु, आकाश, सूर्य, चंद्र, नक्षत्र), ग्यारह रुद्र (शिव की परिवर्तन-शक्तियाँ), बारह आदित्य (सूर्य के बारह मासिक रूप)। तर्पण का शास्त्रीय विधान यही सिखाता है, पिता की आत्मा वसु-रूप में, पितामह की रुद्र-रूप में, प्रपितामह की आदित्य-रूप में। "जैसे देव-यज्ञ में अग्नि-वायु-सूर्य के माध्यम से आहुति भू-भुव-स्व तक पहुँचती है - वैसे ही पितृ-यज्ञ में वसु-रुद्र-आदित्य के माध्यम से तर्पण तीनों पीढ़ियों तक पहुँचता है।" एक सामान्य तर्पण एक पते पर भेजा गया पत्र है। त्रि-पितृ तर्पण - तीनों लोकों में, तीनों पतों पर, सही भाषा में भेजी गई सेवा है। 🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे त्रि-पितृ सेवा: एक ही दिन में हरिद्वार, काशी और गया - तीन राज्यों के चार पवित्र स्थलों पर जाकर त्रि-पितृ तर्पण और हवन करवाना किसी भी मनुष्य के लिए असंभव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे सम्पूर्ण त्रि-पितृ तर्पण एवं हवन आहुति सेवा करवा सकते हैं। प्रत्येक स्थल के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से आपके पितरों के नाम से तर्पण सेवा सम्पन्न कराएंगे। वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा। 🙏पितृ पक्ष पूर्णिमा के इस दुर्लभ त्रि-योग को न चूकें और अपनी तीनों पीढ़ियों के पितरों को उनके सही दिव्य लोक में, सही सामग्री से, सही मंत्र के साथ अर्पण कर - तृप्ति एवं मुक्ति प्रदान करें।
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