सावन ग्रहण अमावस्या हरिद्वार 100kg महाभोजन एवं 500L शिकंजी महा भंडारा सेवा
सावन ग्रहण अमावस्या हरिद्वार 100kg महाभोजन एवं 500L शिकंजी महा भंडारा सेवा
सावन ग्रहण अमावस्या हरिद्वार 100kg महाभोजन एवं 500L शिकंजी महा भंडारा सेवा
सावन ग्रहण अमावस्या हरिद्वार 100kg महाभोजन एवं 500L शिकंजी महा भंडारा सेवा
सावन ग्रहण अमावस्या हरिद्वार 100kg महाभोजन एवं 500L शिकंजी महा भंडारा सेवा
सावन ग्रहण अमावस्या हरिद्वार 100kg महाभोजन एवं 500L शिकंजी महा भंडारा सेवा
सावन ग्रहण अमावस्या हरिद्वार 100kg महाभोजन एवं 500L शिकंजी महा भंडारा सेवा

सावन ग्रहण अमावस्या हरिद्वार 100kg महाभोजन एवं 500L शिकंजी महा भंडारा सेवा

🌒सावन अमावस्या पर लग रहा है सूर्य ग्रहण - जब हर सेवा होगी लाख गुना ज़्यादा पुण्यदायक। हरिद्वार गंगा घाट पर हज़ारों तीर्थयात्री, कांवड़िये जो सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर आए हैं, साधु-संत जो अमावस्या पर के लिए जुटे हैं। उन्हें अपने नाम से अन्न और शीतल जल की सेवा दें - उनकी तपस्या में सहभागी बन - जन्मों के पाप-दोष मिटाएं।
📜पद्म पुराण का स्पष्ट वचन है: "ग्रहण काल में किए गए अन्न-जल सेवा का फल दस लाख गुना होता है।" अमावस्या पर एक व्यक्ति को भोजन कराने से पितरों को अगाध तृप्ति मिलती है। ग्रहण, अमावस्या, सावन और हरिद्वार: ये चार शक्तियाँ एक ही दिन मिलकर एक दुर्लभ संयोग बनाती हैं - जब हर सेवा महापुण्यदायी बन जाती है।
🛕हरिद्वार की भूमि - यहाँ सेवा क्यों?
हरिद्वार का अर्थ है हरि का द्वार। गंगा घाट वह पवित्र घाट है जहाँ स्वयं भगवान विष्णु विद्यमान हैं। विष्णु पुराण का सूत्र कहता है: "नर सेवा ही नारायण सेवा है।" जो इस भूमि पर किसी को भोजन कराता है, वह सीधे विष्णु को भोग लगाता है। इसके अलावा स्कंद पुराण के अनुसार शिव-भक्त (कांवड़ियों) की सेवा साक्षात् शिव की सेवा है।
🤔100 kg महाभोजन और 500 L शिकंजी - यह संख्या क्यों?
100 kg भोजन लगभग 500 लोगों का पेट भरता है, जबकि 500 L शिकंजी लगभग 5,000 प्यासों की प्यास बुझाती है। सावन के समय लंबी पैदल यात्रा के बाद कांवड़ियों को निर्जलीकरण से बचाने के लिए नींबू-पानी (शिकंजी) का महत्व भोजन से भी अधिक हो जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार सावन में प्यासे की प्यास बुझाने वाले को महादेव पर जल अर्पण करने के समान सहस्रगुणित पुण्य प्राप्त होता है।
ग्रहण पर भंडारा: दोषमुक्ति का मार्ग ग्रहण को राहु की छाया और अंधकार माना जाता है, जबकि भंडारा विष्णु का प्रसाद और प्रकाश है। अमावस्या पितृ शांति का सबसे बड़ा पर्व है। जब ग्रहण और अमावस्या एक साथ हों, तो यह सेवा राहु-कृत अभावों को नष्ट करती है और पितृ दोषों का निवारण कर सात पीढ़ियों को तृप्त करती है।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे हरिद्वार में सेवा:
हरिद्वार पहुँचकर सेवा करना संभव न हो, तो भी आप इस महाभंडारा में भागीदार बन सकते हैं। श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आपके नाम- से संकल्प लिया जाएगा और हरिद्वार के गंगा घाट पर साधुओं, ज़रूरतमंदों और तीर्थयात्रियों को भोजन और जल वितरित किया जाएगा। सेवा का वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आपके फ़ोन पर उपलब्ध होगा।
🙏इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।अभी सहभागी बनें और ग्रहण काल के अक्षय पुण्य का लाभ उठाएं।
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श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

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