अजा एकादशी पितृ शांति आहुति एवं पंडा सेवा
अजा एकादशी पितृ शांति आहुति एवं पंडा सेवा
अजा एकादशी पितृ शांति आहुति एवं पंडा सेवा
अजा एकादशी पितृ शांति आहुति एवं पंडा सेवा
अजा एकादशी पितृ शांति आहुति एवं पंडा सेवा
अजा एकादशी पितृ शांति आहुति एवं पंडा सेवा

अजा एकादशी पितृ शांति आहुति एवं पंडा सेवा

एकादशी पर होने वाले इस प्रचंड पितृ शांति हवन में अग्नि एकमात्र ऐसा माध्यम है जो इस लोक से पितृ-लोक तक सीधा सेतु बनाता है। पितर के लिए तिल-घृत की आहुति देने पर अतृप्त आत्मा को तत्काल शांति मिलती है। यह आहुति वह संदेश है जो पितरों तक पहुँचता है - "हम याद करते हैं, हम ऋण चुका रहे हैं।"
घर में कोई अकारण बाधा है, वह समस्या जिसका कोई कारण नहीं दिखता, वह रोग जो हर उपाय के बावजूद नहीं जाता, वह धन जो आता है पर टिकता नहीं।
शास्त्र कहते हैं, इनमें से बहुत-सी बाधाओं की जड़ हमारे पूर्वजों में है, वे पूर्वज जो अतृप्त हैं, जो आगे नहीं बढ़ सकते और अपनी पीड़ा का संकेत अपने वंशजों के जीवन में भेजते हैं। इसे 'पितृ दोष' कहते हैं। और इसका एकमात्र सम्पूर्ण समाधान भारत में केवल एक स्थान पर है - गया। जहां पितृदेव श्री हरि स्वयं विराजते हैं।
🛕 धर्मारण्य वेदी - जहाँ स्वयं युधिष्ठिर ने पितृ ऋण से मुक्ति पाई:
वायु पुराण और स्कंध पुराण में वर्णित है, महाभारत युद्ध के पश्चात जब धर्मराज युधिष्ठिर पितृ दोष के भार से व्याकुल थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने आदेश दिया - "गया के धर्मारण्य में जाओ, वहाँ यज्ञ करो।" पाण्डवों ने धर्मारण्य वेदी पर सवा लाख मन सामग्री से हवन-आहुति दी और समस्त दोषों से मुक्ति पाई।
धर्मारण्य वेदी गया पंचतीर्थ वेदिकाओं में स्थान रखती है - यहाँ किया गया पिंडदान, त्रिपिंडी श्राद्ध और आहुति कभी व्यर्थ नहीं जाती। मान्यता है कि यहाँ पितरों को सीधे वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है।
🔥 पितृ शांति के लिए 'आहुति' और पंडा सेवा क्यों?
अग्नि एकमात्र माध्यम है जो इस लोक और पितृलोक के बीच सेतु बनाती है। जब वैदिक मंत्रोच्चार के साथ तिल, जौ, शुद्ध घृत की आहुति अग्नि में अर्पित होती है- तो वह धुएँ और दिव्य ऊर्जा के रूप में सीधे पितृलोक में पूर्वजों तक पहुँचती है। ऐसे ही पंडा सेवा आपके पितरों को अन्न एवं जल की तृप्ति प्रदान करती है जिससे प्रसन्न होकर पूर्वज अपने पितरों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक का नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।
🙏अजा एकादशी पर गया में पितृ शांति महाआहुति एवं पंडा सेवा में सहभागी बनें - पितरों को तृप्ति दें, मोक्ष दिलाएँ और कुल में पितरों काआशीर्वाद दिलाएं। अभी बुक करें।
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
अपनी सेवा चुनें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook