
जानिए ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चश्मा किस दिन लेना लाभकारी होता है और किन दिनों से बचना चाहिए।
चश्मा खरीदना भले ही दैनिक आवश्यकता हो, लेकिन कई लोग इसे ज्योतिषीय दृष्टि से भी देखते हैं। मान्यता है कि शुभ दिन पर खरीदी गई वस्तु लंबे समय तक लाभकारी और शुभ फल देने वाली होती है। सही वार और मुहूर्त का ध्यान रखना सकारात्मक परिणाम से जोड़ा जाता है। इस लेख में जानिए चश्मा किस दिन खरीदना चाहिए और कौन-सा दिन इसके लिए शुभ माना जाता है।
आज के समय में ‘चश्मा’ सिर्फ आँखों की कमजोरी में ही नहीं इस्तेमाल किया जाता, बल्कि हमारी पर्सनैलिटी और रोज़मर्रा की ज़रूरत का एक अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, नौकरी, मोबाइल और कंप्यूटर के बढ़ते इस्तेमाल के कारण लगभग हर दूसरे व्यक्ति को चश्मे की ज़रूरत पड़ रही है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चश्मा खरीदने का भी एक शुभ दिन होता है? भारतीय ज्योतिष में माना जाता है कि आँखों से जुड़ी चीज़ें सही दिन पर ली जाएँ तो उनका असर बेहतर और लंबे समय तक रहता है। इस लेख में हम जानेंगे कि चश्मा किस दिन खरीदना शुभ होता है और किन दिनों में इससे बचना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारे शरीर का हर अंग किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है। आँखों का संबंध मुख्य रूप से सूर्य और चंद्रमा से माना गया है, जबकि दृष्टि, बुद्धि और एकाग्रता का कारक ग्रह बुध होता है। चूँकि चश्मा हमारी देखने की शक्ति से जुड़ा होता है, इसलिए इसका सीधा संबंध बुध और सूर्य से बनता है। जब हम बुध या सूर्य से जुड़े शुभ दिन पर चश्मा खरीदते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव हमारी आँखों, सोचने-समझने की क्षमता और एकाग्रता पर पड़ता है। यही कारण है कि ज्योतिष में चश्मा खरीदने के लिए कुछ विशेष दिनों को ज्यादा शुभ माना गया है।
बुधवार
अगर चश्मा खरीदने के लिए सबसे अच्छे दिन की बात की जाए, तो बुधवार को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। बुधवार का संबंध बुध ग्रह से होता है, जो बुद्धि, तर्क, शिक्षा और दृष्टि का कारक ग्रह है। इस दिन खरीदा गया चश्मा आमतौर पर लंबे समय तक टिकाऊ रहता है और आँखों को आराम देता है। जो लोग स्टूडेंट हैं, ऑफिस में कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर ज्यादा काम करते हैं, या जिनकी आँखों पर ज्यादा जोर पड़ता है, उनके लिए बुधवार को चश्मा खरीदना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन लिया गया चश्मा ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है।
रविवार
रविवार का संबंध सूर्य से होता है, और सूर्य को आँखों का मुख्य कारक ग्रह माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति को आँखों में कमजोरी, जलन, सिरदर्द या बार-बार चश्मा बदलने की समस्या रहती है, तो उसके लिए रविवार को चश्मा खरीदना अच्छा माना जाता है। इस दिन चश्मा खरीदने से आँखों की स्थिति में स्थिरता आती है और देखने से जुड़ी परेशानियों में धीरे-धीरे सुधार होने की मान्यता है। इसके अलावा, रविवार को लिया गया चश्मा आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती भी बढ़ाता है।
शुक्रवार
शुक्रवार का संबंध शुक्र ग्रह से होता है, जो सौंदर्य, आराम, लग्जरी और आकर्षण का प्रतीक है। अगर आप फैशन के लिए, सनग्लास या स्टाइलिश फ्रेम वाला चश्मा खरीद रहे हैं, तो शुक्रवार एक अच्छा दिन माना जाता है। इस दिन खरीदा गया चश्मा आपकी पर्सनैलिटी को निखारता है और पहनने में भी ज्यादा आरामदायक महसूस होता है। खासतौर पर जो लोग लुक और कम्फर्ट दोनों को महत्व देते हैं, उनके लिए शुक्रवार को चश्मा खरीदना शुभ माना जाता है।
मंगलवार और शनिवार के दिन
मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से होता है, जो क्रोध, जल्दबाजी और दुर्घटनाओं का कारक माना जाता है। इस दिन चश्मा खरीदने से उसके जल्दी टूटने, गिरने या खो जाने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं शनिवार का संबंध शनि ग्रह से है, जिसे रोग, देरी, बाधा और तनाव का ग्रह माना जाता है। शनिवार को खरीदा गया चश्मा बार-बार खराब हो सकता है या आँखों की परेशानी को बढ़ा सकता है। इसलिए ज्योतिष की दृष्टि से मंगलवार और शनिवार को चश्मा खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है।
अमावस्या और ग्रहण के दिन
अमावस्या, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण जैसे दिन किसी भी नई चीज़ की शुरुआत के लिए शुभ नहीं माने जाते। खासकर आँखों से जुड़ी चीज़ें, जैसे चश्मा, इन दिनों नहीं खरीदनी चाहिए। मान्यता है कि इन दिनों खरीदी गई वस्तु लंबे समय तक लाभ नहीं देती और उससे जुड़ी परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।
ज्योतिष के अनुसार हर राशि पर कुछ खास ग्रहों का प्रभाव होता है, इसलिए कुछ लोग अपनी राशि के अनुसार भी चश्मा खरीदने का दिन चुन सकते हैं। हालांकि सामान्य रूप से बुधवार सभी राशियों के लिए सुरक्षित और शुभ माना जाता है, फिर भी मेष और वृश्चिक राशि वालों के लिए रविवार और बुधवार, वृषभ और तुला के लिए शुक्रवार और बुधवार, मिथुन और कन्या के लिए बुधवार, सिंह के लिए रविवार और बुधवार तथा मकर और कुंभ के लिए बुधवार या शुक्रवार अच्छा माना जाता है।
अगर आपने अनजाने में मंगलवार, शनिवार या किसी अशुभ दिन चश्मा खरीद लिया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप किसी बुधवार के दिन उस चश्मे को गंगाजल से शुद्ध कर सकते हैं और “ॐ बुं बुधाय नमः” मंत्र का 11 बार जप करके उसे पहनना शुरू कर सकते हैं।
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