चूड़ियाँ किस दिन खरीदना चाहिए
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चूड़ियां किस दिन खरीदना चाहिए | Chudiyan Kis Din Kharidna Chahiye

आइए जानते हैं चूड़ियाँ किस दिन खरीदना शुभ माना जाता है और इसके पीछे की धार्मिक मान्यताएँ क्या कहती हैं।

चूड़ियां खरीदने के बारे में

चूड़ियाँ खरीदना केवल श्रृंगार नहीं, बल्कि शुभता और सौभाग्य से जुड़ा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सही दिन और शुभ मुहूर्त में खरीदी गई चूड़ियाँ वैवाहिक सुख और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती हैं। इस लेख में जानिए चूड़ियाँ किस दिन खरीदना चाहिए और इसका शुभ महत्व।

चूड़ियाँ किस दिन खरीदना चाहिए?

भारतीय संस्कृति में चूड़ियों का विशेष स्थान है। चूड़ियाँ केवल एक आभूषण नहीं हैं, बल्कि वे सौभाग्य, सुहाग, खुशहाली और स्त्री जीवन की पूर्णता का प्रतीक मानी जाती हैं। विवाहित महिलाओं के लिए चूड़ियाँ पहनना शुभ माना गया है और कई धार्मिक अवसरों, व्रत-त्योहारों तथा मांगलिक कार्यों में चूड़ियों का विशेष महत्व होता है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि चूड़ियाँ किस दिन खरीदनी चाहिए और किस दिन खरीदना शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी शुभ वस्तु को सही दिन और सही समय पर खरीदने से उसका सकारात्मक प्रभाव जीवन में अधिक बढ़ जाता है। यही नियम चूड़ियों पर भी लागू होता है।

चूड़ियों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

हिंदू धर्म में चूड़ियों को सुहाग का चिन्ह माना गया है। कहा जाता है कि जिस स्त्री के हाथों में चूड़ियाँ खनकती हैं, उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। चूड़ियों की आवाज़ को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है, जो घर के वातावरण को भी शुभ बनाती है।

धार्मिक ग्रंथों और लोक मान्यताओं के अनुसार, चूड़ियाँ पहनने से स्त्री का मन प्रसन्न रहता है। और पारिवारिक जीवन में मधुरता आती है। इसी कारण विवाह, करवा चौथ, तीज, हरतालिका, वट सावित्री और अन्य व्रतों में नई चूड़ियाँ पहनने की परंपरा रही है।

चूड़ियाँ खरीदने के लिए सबसे शुभ दिन

शुक्रवार को चूड़ियाँ खरीदना

शुक्रवार का दिन चूड़ियाँ खरीदने के लिए सबसे अधिक शुभ माना जाता है। यह दिन माता लक्ष्मी और देवी संतोषी को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि शुक्रवार को खरीदी गई चूड़ियाँ घर में सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिरता लाती हैं। शुक्रवार को चूड़ियाँ खरीदने से वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है और पति-पत्नी के बीच आपसी समझ मजबूत होती है। विशेष रूप से लाल, हरी और सुनहरी रंग की चूड़ियाँ इस दिन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है।

सोमवार को चूड़ियां खरीदना

सोमवार का संबंध भगवान शिव और माता पार्वती से है। विवाहित महिलाओं के लिए सोमवार को चूड़ियाँ खरीदना शुभ माना जाता है, खासकर यदि वे अपने दांपत्य जीवन में शांति और स्थिरता चाहती हैं। सोमवार को चूड़ियाँ खरीदने से मानसिक शांति मिलती है और पारिवारिक तनाव कम होता है। यह दिन विशेष रूप से सफेद, हल्के हरे या हल्के रंगों की चूड़ियों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

बुधवार को चूड़ियां खरीदना

बुधवार का दिन बुद्धि, संवाद और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। इस दिन चूड़ियाँ खरीदना उन महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है जो अपने पारिवारिक रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखना चाहती हैं। बुधवार को खरीदी गई चूड़ियाँ घर में सकारात्मक सोच और आपसी समझ को बढ़ाती हैं। यह दिन विशेष रूप से हरे रंग की चूड़ियों के लिए अच्छा माना जाता है।

गुरुवार को चूड़ियां खरीदना

गुरुवार का संबंध गुरु बृहस्पति और देवताओं से होता है। इस दिन चूड़ियाँ खरीदना ज्ञान, सम्मान और पारिवारिक स्थिरता से जुड़ा माना जाता है। गुरुवार को पीले या सुनहरे रंग की चूड़ियाँ खरीदना शुभ माना जाता है। यह दिन उन महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी माना जाता है जो संतान सुख और पारिवारिक उन्नति की कामना करती हैं।

चूड़ी किस दिन नहीं खरीदना चाहिए?

मंगलवार

मंगलवार का दिन उग्र ग्रह मंगल से जुड़ा होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चूड़ियाँ खरीदना शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि मंगल ऊर्जा और क्रोध का प्रतीक है। माना जाता है कि मंगलवार को खरीदी गई चूड़ियाँ वैवाहिक जीवन में तनाव ला सकती हैं।

शनिवार

शनिवार का दिन शनि देव से संबंधित होता है। शनि को संयम और तपस्या का ग्रह माना गया है। इस दिन चूड़ियाँ या अन्य श्रृंगार की वस्तुएँ खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि शनिवार को खरीदी गई चूड़ियाँ लंबे समय तक नहीं टिकतीं या उनका सकारात्मक प्रभाव कम होता है।

तिथि और मुहूर्त का महत्व

केवल दिन ही नहीं, बल्कि तिथि और शुभ मुहूर्त भी चूड़ियाँ खरीदते समय महत्वपूर्ण माने जाते हैं। शुक्ल पक्ष की तिथियाँ, विशेष रूप से तृतीया, पंचमी, सप्तमी और पूर्णिमा, चूड़ियाँ खरीदने के लिए शुभ मानी जाती हैं। अमावस्या और ग्रहण काल में चूड़ियाँ खरीदने से बचना चाहिए। यदि संभव हो, तो ब्रह्म मुहूर्त या सुबह के समय चूड़ियाँ खरीदना अधिक शुभ माना जाता है।

चूड़ियों के रंगों का महत्व

हर रंग की चूड़ियों का अपना अलग महत्व होता है। लाल रंग प्रेम और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। हरी चूड़ियाँ समृद्धि और संतुलन दर्शाती हैं। पीली चूड़ियाँ ज्ञान और शुभता से जुड़ी होती हैं, जबकि सफेद चूड़ियाँ शांति और पवित्रता का प्रतीक मानी जाती हैं। दिन के अनुसार रंग का चयन करने से चूड़ियों का शुभ प्रभाव और बढ़ जाता है। दिन के अनुसार रंग का चयन करने से चूड़ियों का शुभ प्रभाव और बढ़ जाता है।

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Published by Sri Mandir·February 17, 2026

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