
जानें इसे पढ़ने के अद्भुत लाभ और सही जाप करने का तरीका। जीवन में नकारात्मकता से मुक्ति पाने का सरल उपाय।
नवकार मंत्र का जैन धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान है। यह मंत्र आत्मशुद्धि, अहिंसा और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक माना जाता है। इसके नियमित जाप से मन की शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। इस लेख में जानिए नवकार मंत्र क्या है और इसका धार्मिक महत्व।
नवकार मंत्र जैन धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण मंत्र है। इसे णमोकार मंत्र या महामंत्र भी कहा जाता है। यह मंत्र किसी विशेष देवता की स्तुति नहीं करता बल्कि सभी अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु (पंच परमेष्ठी) को नमस्कार करता है।
यह मंत्र किसी भी इच्छा या भौतिक सुख के लिए नहीं बल्कि आत्मिक शांति और मोक्ष के मार्ग की प्रेरणा के लिए जपा जाता है। इसे जैन धर्म में सबसे शुद्ध और सार्वभौमिक प्रार्थना माना गया है। माना जाता है कि इस मंत्र का जप करने से नकारात्मक विचार दूर होते हैं, मन को शांति मिलती है और आत्मा पवित्र होती है।
नवकार मंत्र (णमोकार मंत्र) का कोई एकल रचयिता नहीं माना जाता। जैन धर्म के अनुसार यह मंत्र अनादि और शाश्वत है, जो सदैव से अस्तित्व में रहा है। यह किसी व्यक्ति या भगवान द्वारा रचित नहीं है। मान्यता है कि प्रत्येक तीर्थंकर अपने प्रथम धर्मोपदेश में इस मंत्र का उपदेश देते हैं, इसलिए इसे सार्वभौमिक मंत्र कहा जाता है। नवकार मंत्र को जैन परंपरा में अनादि और शाश्वत सत्य माना गया है।
णमो अरिहंताणं।
णमो सिद्धाणं।
णमो आयरियाणं।
णमो उवज्झायाणं।
णमो लोए सव्व साहूणं॥
एसो पंच नमुक्कारो
सवा पावप्पनासनो
मंगलाणां च सावेसिं
हवै मंगलममंगलम
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