7 नवंबर 2025 को क्या है?
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7 नवंबर 2025 को क्या है?: जानें आज का व्रत त्योहार

7 नवंबर 2025 को क्या है? जानिए इस दिन का पंचांग, गोवर्धन पूजा (अन्नकूट), बलि प्रतिपदा और शुभ-अशुभ मुहूर्त से जुड़ी खास जानकारी।

आज के दिन के बारे में

7 नवंबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन की पूजा-अर्चना और व्रत से जीवन में शुभता, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान-पुण्य कई गुना फल प्रदान करता है।

7 नवंबर 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 7 नवंबर 2025 को कौन-सा व्रत या त्योहार है और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण माना गया है? 7 नवंबर 2025, शुक्रवार के दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन रोहिणी व्रत रखा जाता है, जो मुख्यतः जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है। यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और मानसिक स्थिरता लाने वाला होता है। कार्तिक मास की यह तिथि भगवान विष्णु और चंद्रदेव की आराधना के लिए भी शुभ मानी जाती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीया – प्रातः 11:06 बजे तक
  • नक्षत्र: रोहिणी – रात 12:35 बजे तक
  • योग: परिघ – रात 10:27 बजे तक
  • करण: गर – सुबह 11:07 बजे तक
  • वार: शुक्रवार (माँ लक्ष्मी का दिन)
  • मास: कार्तिक (शरद ऋतु)
  • विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चंद्र राशि: वृष
  • आयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पश्चिम दिशा

त्योहार और महत्त्व

रोहिणी व्रत

यह व्रत हर माह की रोहिणी नक्षत्र तिथि को रखा जाता है। जैन परंपरा के अनुसार, यह व्रत समृद्धि, दीर्घायु और रोग-मुक्त जीवन प्रदान करने वाला होता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, ध्यान करते हैं और भगवान वासुपूज्य या चंद्रदेव की पूजा करते हैं। व्रत का पालन करने वाले व्यक्ति अपने मन, वाणी और कर्म को संयमित रखते हैं और दिन भर सात्विकता का पालन करते हैं।

पूजा और व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • घर या मंदिर में भगवान विष्णु और चंद्रदेव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।

  • रोहिणी नक्षत्र के दौरान दीपक जलाकर पुष्प, फल और धूप अर्पित करें।

  • "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करें।

  • उपवास या फलाहार का पालन करते हुए सायंकाल आरती करें।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:20 AM से 12:04 PM
  • राहुकाल: 10:19 AM से 11:42 AM
  • गुलिक काल: 7:33 AM से 8:56 AM
  • यमघण्ट काल: 2:28 PM से 3:51 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:10 AM
  • सूर्यास्त: 5:14 PM
  • चंद्रोदय: 6:42 PM
  • चंद्रास्त: 8:04 AM

निष्कर्ष

7 नवंबर 2025 का दिन आस्था, संयम और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन रखा गया रोहिणी व्रत मन की शांति, मानसिक बल और पारिवारिक सुख बढ़ाने वाला माना गया है। शुक्रवार का यह दिन माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर भी प्रदान करता है। जो व्यक्ति श्रद्धा से व्रत, ध्यान और दान करता है, उसके जीवन में समृद्धि और संतुलन अवश्य आता है।

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Published by Sri Mandir·November 6, 2025

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