9 जुलाई 2026 को क्या है?
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9 जुलाई 2026 को क्या है? | 9 July 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की विशेष जानकारी प्रदान करता है। 9 जुलाई 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी और धार्मिक दृष्टि से इसका क्या महत्व माना गया है, आइए जानते हैं।

9 जुलाई 2026 को क्या है?

9 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष माना गया है। अश्विनी नक्षत्र को ऊर्जा, गति और नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है, जबकि सुकर्मा योग को सभी शुभ कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला योग कहा गया है। गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा, ज्ञान और समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इस दिन मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष नवमी – 10:39 AM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: अश्विनी – 2:57 PM तक
  • योग: सुकर्मा – 10:12 AM तक
  • करण: गर – 10:34 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): आषाढ़
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मिथुन
  • चंद्र राशि: मेष
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: पूर्व

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:37 AM से 12:31 PM
  • राहुकाल: 1:46 PM से 3:28 PM
  • गुलिक काल: 8:39 AM से 10:22 AM
  • यमघण्ट काल: 5:15 AM से 6:57 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:15 AM
  • सूर्यास्त: 6:53 PM
  • चंद्रोदय: 12:04 AM
  • चंद्रास्त: 1:36 PM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ और पीले वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु और बृहस्पति देव का ध्यान कर पूजा करें।
  • विष्णु जी को तुलसी दल, पीले पुष्प और चने की दाल अर्पित करें।
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, जल और पीली वस्तुओं का दान करें।
  • दिनभर सात्विक जीवन और ध्यान बनाए रखें।
  • शाम के समय दीपक जलाकर भगवान की आरती करें।

निष्कर्ष

9 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है। अश्विनी नक्षत्र, सुकर्मा योग और गुरुवार का संयोग इस दिन को और भी विशेष बनाता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने की मान्यता है।

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Published by Sri Mandir·July 9, 2026

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