7 दिसंबर 2025 को क्या है?
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7 दिसंबर 2025 को क्या है?

जानिए इस दिन का विस्तृत पंचांग, त्रयोदशी तिथि, मासिक प्रदोष व्रत, मघा नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय, योग, करिणा और इस दिन के धार्मिक महत्व से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी।

आज के दिन के बारे में

7 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस पावन तिथि पर किए गए पूजा-पाठ, व्रत और दान से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर-परिवार में सुख, शांति तथा सौभाग्य बढ़ता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई भक्ति साधना से मन को शांति मिलती है और जीवन में मंगलमय परिणाम प्राप्त होते हैं।

7 दिसंबर 2025 को क्या है?: जानें इस दिन से जुड़ी रोचक बातें

क्या आप जानना चाहते हैं कि 7 दिसंबर 2025 को कौन-से व्रत, त्योहार और शुभ योग हैं? 7 दिसंबर 2025, रविवार के दिन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। यह दिन विशेष रूप से संकष्टी चतुर्थी व्रत के कारण पावन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन गणपति बप्पा की उपासना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। साथ ही, आज के पंचांग, ग्रह स्थिति और शुभ-अशुभ समय इस दिन को धार्मिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।

त्योहार व पर्व

1. संकष्टी चतुर्थी

7 दिसंबर 2025 को संकष्टी चतुर्थी का शुभ व्रत मनाया जाएगा। इस दिन भक्त गणेश भगवान की पूजा, मोदक अर्पण, व्रत और चंद्रोदय के बाद चंद्रदर्शन करते हैं। विश्वास है कि इस व्रत से विघ्नों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:29 AM से 12:11 PM
  • राहुकाल: 3:49 PM से 5:09 PM
  • गुलिक काल: 2:30 PM से 3:49 PM
  • यमघण्ट काल: 11:50 AM से 1:10 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:31 AM
  • सूर्यास्त: 5:09 PM
  • चंद्रोदय: 7:41 PM
  • चंद्रास्त: 9:00 AM

आज का पंचांग

  • तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया - 6:26 PM तक
  • नक्षत्र: पुनर्वसु - 4:13 AM तक
  • योग: शुक्ल - 8:07 PM तक
  • करण: वणिज - 7:52 AM तक
  • महीना (अमांत): मृगशिरा
  • महीना (पूर्णिमांत): पौष
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: वृश्चिक
  • चंद्र राशि: मिथुन
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: पश्चिम
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • गणेश जी के समक्ष व्रत का संकल्प लें।

  • मोदक, दूर्वा, फल, पंचामृत और दीप अर्पित करें।

  • संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें।

  • चंद्रोदय (7:41 PM) के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें।

  • गणपति बप्पा की आरती कर व्रत पूर्ण करें।

निष्कर्ष

7 दिसंबर 2025 का दिन संकष्टी चतुर्थी के कारण अत्यंत शुभ है। गणेश जी की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति जीवन के संकटों से मुक्ति पाता है और इच्छित फल की प्राप्ति होती है। यह दिन आध्यात्मिक शांति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है।

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Published by Sri Mandir·December 8, 2025

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