6 नवंबर 2025 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

6 नवंबर 2025 को क्या है?: जानें आज का व्रत त्योहार

6 नवंबर 2025 को क्या है? जानिए इस दिन का पंचांग, दीपावली (लक्ष्मी पूजन), शुभ-अशुभ मुहूर्त और इस दिन के धार्मिक महत्व से जुड़ी खास जानकारी।

आज के दिन के बारे में

6 नवंबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और पवित्र माना गया है। यह दिन पुण्य कर्मों, व्रत-उपवास और भगवान की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया पूजन व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और सौभाग्य लाता है।

6 नवंबर 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 6 नवंबर 2025 को कौन-सा व्रत या त्योहार है और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष है? 6 नवंबर 2025, गुरुवार के दिन कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि है। यह दिन कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन आता है, जिससे मार्गशीर्ष मास का आरंभ होता है। इस दिन “मासिक कार्तिगई” का पर्व दक्षिण भारत में विशेष रूप से मनाया जाता है। इसके साथ ही यह दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा – दोपहर 2:56 बजे तक

  • नक्षत्र: भरणी – सुबह 6:35 बजे तक

  • योग: व्यतिपात – सुबह 7:05 बजे तक

  • करण: कौलव – दोपहर 2:56 बजे तक

  • वार: गुरुवार (बृहस्पति देव का दिन)

  • मास: मृगशिरा (पूर्णिमांत), कार्तिक (अमान्त)

  • विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)

  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)

  • सूर्य राशि: तुला

  • चंद्र राशि: मेष

  • आयन: दक्षिणायन

  • ऋतु: शरद ऋतु

  • दिशाशूल: दक्षिण दिशा

महत्त्व और पर्व

मार्गशीर्ष मास प्रारंभ

6 नवंबर 2025 से मार्गशीर्ष मास का शुभारंभ होगा, जो भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय मास माना जाता है। इस मास में दान, स्नान और व्रत का विशेष महत्व होता है। श्रीकृष्ण ने स्वयं गीता में कहा है – “मासानां मार्गशीर्षोऽहम्” अर्थात् मासों में मैं मार्गशीर्ष हूँ।

मासिक कार्तिगई

यह पर्व विशेष रूप से दक्षिण भारत में भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन दीप प्रज्वलित कर “दीपम” पूजा की जाती है। इसे भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की आराधना का दिन भी कहा जाता है।

कार्तिक मास की समाप्ति

उत्तर भारत में यह दिन कार्तिक मास की समाप्ति का प्रतीक भी है। कार्तिक माह के स्नान, दीपदान और व्रतों के पश्चात यह दिन विश्राम और कृतज्ञता का समय माना जाता है।

पूजा और व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ पीले या सफेद वस्त्र धारण करें।

  • घर या मंदिर में भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करें।

  • दीपक जलाकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।

  • फल, तिल और गाय के दूध का दान करें।

  • सायंकाल दीपदान करें और भगवान से शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:20 AM से 12:04 PM

  • राहुकाल: 1:05 PM से 2:29 PM

  • गुलिक काल: 8:56 AM से 10:19 AM

  • यमघंट काल: 6:10 AM से 7:33 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:10 AM

  • सूर्यास्त: 5:15 PM

  • चंद्र उदय: 5:45 PM

  • चंद्रास्त: 6:50 AM

ग्रह और राशि विवरण

  • सूर्य राशि: तुला

  • चंद्र राशि: मेष

  • दिशाशूल: दक्षिण दिशा

  • ऋतु: शरद

  • आयन: दक्षिणायन

निष्कर्ष

6 नवंबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और शुभ है। इस दिन मार्गशीर्ष मास की शुरुआत होती है, जो भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय मास है। साथ ही मासिक कार्तिगई पर्व भी इस दिन मनाया जाता है, जो भगवान शिव और कार्तिकेय को समर्पित है। इस दिन पूजा, दीपदान और दान करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

divider
Published by Sri Mandir·November 5, 2025

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
Card Image

30 अक्टूबर 2026 को क्या है?

30 अक्टूबर 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

25 अक्टूबर 2026 को क्या है?

25 अक्टूबर 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

26 मई 2026 को क्या है?

26 May 2026 Ko Kya Hai? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook