5 मार्च 2026 को क्या है?
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5 मार्च 2026 को क्या है? | 5 March 2026 Ko Kya Hai

जानिए मार्च माह के पाँचवें दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व।

आज के दिन के बारे में

5 मार्च 2026 एक साधारण तारीख नहीं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से खास दिन है। फाल्गुन मास की यह तिथि शुभ कार्य, व्रत और पूजा के लिए अनुकूल मानी जाती है। जानिए इस दिन का धार्मिक महत्व और क्यों यह आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

5 मार्च 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 5 मार्च 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों विशेष माना जाता है? 5 मार्च 2026, गुरुवार को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन भाई दूज (भ्रातृ द्वितीया) का पावन पर्व मनाया जाता है, जो भाई-बहन के स्नेह और रक्षा के पवित्र संबंध का प्रतीक माना जाता है। यह दिन पारिवारिक प्रेम, आशीर्वाद और शुभ कार्यों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीय – शाम 5:05 PM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी – सुबह 8:18 AM तक
  • योग: शूल – सुबह 7:45 AM तक
  • करण: गर – शाम 5:08 PM तक
  • मास (अमांत): फाल्गुन
  • मास (पूर्णिमांत): चैत्र
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: कुम्भ
  • चंद्र राशि: कन्या
  • ऋतु: शिशिर
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्यौहार व व्रत

भाई दूज (भ्रातृ द्वितीया)

भाई दूज का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई के मस्तक पर तिलक लगाकर उसकी लंबी आयु, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं, वहीं भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन किया गया तिलक और पूजा भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत बनाता है और जीवन में शुभता लाता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:47 AM से 12:33 PM
  • राहुकाल: 1:39 PM से 3:07 PM
  • गुलिक काल: 9:14 AM से 10:42 AM
  • यमघण्ट काल: 6:18 AM से 7:46 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:18 AM
  • सूर्यास्त: 6:03 PM
  • चंद्रोदय: 7:52 PM
  • चंद्रास्त: 7:10 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ और पवित्र वस्त्र धारण करें।

  • बहनें थाली में रोली, अक्षत, दीपक और मिठाई सजाकर भाई का तिलक करें।

  • भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए पूजा और आरती करें।

  • भाई बहन को उपहार देकर स्नेह और सम्मान प्रकट करे।

  • परिवार के साथ प्रसाद और भोजन ग्रहण कर इस पर्व को हर्षोल्लास से मनाएँ।

निष्कर्ष

5 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और पारिवारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और भाई दूज (भ्रातृ द्वितीया) का पर्व इस दिन को विशेष बनाते हैं। श्रद्धा, प्रेम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया यह पर्व परिवार में सुख, शांति और आपसी स्नेह को बढ़ाता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

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Published by Sri Mandir·March 2, 2026

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