29 नवंबर 2026 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

29 नवंबर 2026 को क्या है? | 29 November 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

जब किसी दिन से जुड़ी धार्मिक जानकारी पहले से पता हो, तो दिन को समझना थोड़ा आसान हो जाता है। 29 नवंबर 2026 किन बातों के कारण खास माना जा सकता है, आइए जानते हैं।

29 नवंबर 2026 को क्या है?

कई लोग अपने दिन की योजना पंचांग देखकर बनाते हैं, क्योंकि सही समय जानने से मन में एक अलग संतुलन महसूस होता है। 29 नवंबर 2026 का दिन भी ऐसे लोगों के लिए खास जानकारी लेकर आता है। क्या इस दिन पूजा का कोई बेहतर समय है? राहुकाल कब रहेगा? और दिन की तिथि व नक्षत्र किस प्रकार के संकेत देते हैं? आगे आपको इस दिन की पूरी जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष षष्ठी – रात्रि 1:47 AM तक
  • वार: रविवार
  • नक्षत्र: पुष्य – सुबह 11:01 AM तक
  • योग: ब्रह्मा – शाम 5:08 PM तक
  • करण: गर – दोपहर 2:52 PM तक
  • मास (अमांत): कार्तिक
  • मास (पूर्णिमांत): मृगशिरा
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृश्चिक
  • चंद्र राशि: कर्क
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: उत्तर

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:26 AM से 12:08 PM
  • राहुकाल: 3:48 PM से 5:08 PM
  • गुलिक काल: 2:28 PM से 3:48 PM
  • यमघण्ट काल: 11:47 AM से 1:07 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:26 AM
  • सूर्यास्त: 5:08 PM
  • चंद्रोदय: 10:14 PM
  • चंद्रास्त: 10:57 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • अपने इष्ट देव का स्मरण कर दीपक या धूप अर्पित करें।
  • दिन के शुभ समय में पूजा-पाठ, जप या ध्यान करना लाभकारी माना जाता है।
  • राहुकाल के दौरान नए और महत्वपूर्ण कार्यों से बचने का प्रयास करें।
  • जरूरतमंदों को दान या भोजन देना शुभ फलदायी माना जाता है।
  • संध्या समय घर के पूजा स्थान पर दीप प्रज्वलित कर सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।

निष्कर्ष

29 नवंबर 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से संतुलन, संयम और आध्यात्मिकता का संकेत देने वाला माना जा सकता है। षष्ठी तिथि, पुष्य नक्षत्र और ब्रह्मा योग का प्रभाव दिन को विशेष बनाता है। यदि दिनचर्या को शुभ समय के अनुसार व्यवस्थित किया जाए और श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ किया जाए, तो मन में शांति और सकारात्मकता का अनुभव हो सकता है।

divider
Published by Sri Mandir·May 29, 2026

Did you like this article?

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook