4 मई 2026 को क्या है?
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4 मई 2026 को क्या है? | 4 May 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन एक जैसा नहीं होता, कुछ दिन सुकून और शांति के लिए भी होते हैं, 4 मई 2026 ऐसा ही दिन माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज का समय मन को शांत करने और भगवान को याद करने के लिए अच्छा है।

4 मई 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 4 मई 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार पड़ रहे हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों खास है? 4 मई 2026, सोमवार के दिन ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है (सुबह 5:25 AM तक)। यह दिन साधना, संयम और मानसिक संतुलन के लिए उपयुक्त माना जाता है। विशेष रूप से सोमवार होने के कारण भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व होता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया – सुबह 5:25 AM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: अनुराधा – सुबह 9:58 AM तक
  • योग: परिघ – रात 11:19 PM तक
  • करण: वणिज – शाम 4:13 PM तक
  • मास (अमांत): वैशाख
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मेष
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: उत्तर

त्यौहार व व्रत

सोमवार होने के कारण इस दिन भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। साथ ही कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि होने के कारण यह दिन आत्मचिंतन और साधना के लिए शुभ माना जाता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:30 AM से 12:22 PM
  • राहुकाल: 6:59 AM से 8:38 AM
  • गुलिक काल: 1:34 PM से 3:13 PM
  • यमघण्ट काल: 10:17 AM से 11:56 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:21 AM
  • सूर्यास्त: 6:31 PM
  • चंद्रोदय: 9:05 PM
  • चंद्रास्त: 6:42 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान शिव का जलाभिषेक करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
  • अपने इष्ट देव का ध्यान करें और दिनभर सकारात्मक सोच बनाए रखें।
  • ध्यान और योग करना इस दिन लाभकारी होता है।
  • जरूरतमंदों को दान देना शुभ फल देता है।

4 मई 2026 का दिन भले ही बड़े त्योहारों से जुड़ा न हो, लेकिन यह साधना, संयम और मानसिक शांति के लिए महत्वपूर्ण है। सोमवार के कारण भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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Published by Sri Mandir·April 10, 2026

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