24 अक्टूबर 2026 को क्या है?
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24 अक्टूबर 2026 को क्या है? | 24 October 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है। 24 अक्टूबर 2026 के दिन कौन-से शुभ संयोग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व क्या है और किन कार्यों के लिए यह दिन शुभ फलदायी माना गया है, आइए विस्तार से जानते हैं।

24 अक्टूबर 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 24 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है? 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह दिन दीपावली पर्व से एक दिन पहले आने के कारण विशेष महत्व रखता है। इस दिन को छोटी दिवाली, नरक चतुर्दशी और रूप चौदस के रूप में मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था, इसलिए इसे बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – रात्रि 9:18 PM तक
  • वार: शनिवार
  • नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद – दोपहर 1:12 PM तक
  • योग: सिद्धि – शाम 6:44 PM तक
  • करण: गर – सुबह 10:15 AM तक
  • मास (अमांत): कार्तिक
  • मास (पूर्णिमांत): कार्तिक
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चंद्र राशि: मीन
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: उत्तर

त्यौहार व व्रत

नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली

नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है। इस दिन प्रातःकाल अभ्यंग स्नान करने और दीपदान करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-शांति आती है।

रूप चौदस

रूप चौदस के दिन सौंदर्य और आरोग्य की कामना से विशेष पूजा की जाती है। इस दिन उबटन और स्नान का भी विशेष महत्व माना जाता है।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:42 AM से 12:28 PM राहुकाल: 9:14 AM से 10:39 AM गुलिक काल: 6:24 AM से 7:49 AM यमघण्ट काल: 1:53 PM से 3:18 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 6:24 AM सूर्यास्त: 5:42 PM चंद्रोदय: 4:58 PM चंद्रास्त: 4:36 AM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • घर की साफ-सफाई कर दीपक जलाएं।
  • भगवान श्रीकृष्ण, यमराज और माता लक्ष्मी का स्मरण करें।
  • तिल के तेल का दीपक घर के मुख्य द्वार पर जलाना शुभ माना जाता है।
  • गरीब और जरूरतमंद लोगों को दान करें।
  • परिवार के साथ दीपदान और पूजा-पाठ करें।

निष्कर्ष

24 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक श्रद्धा, दीपदान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली का यह पावन अवसर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला माना गया है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से घर में खुशहाली और मंगल बना रहता है।

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Published by Sri Mandir·May 27, 2026

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