24 फरवरी 2026 को क्या है?
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24 फरवरी 2026 को क्या है? | 24 February 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र और धार्मिक दृष्टि से इस तिथि का महत्व।

आज के दिन के बारे में

24 फरवरी 2026 फाल्गुन माह के दिनों में पड़ने वाला एक सामान्य धार्मिक दिन है। यह समय पूजा-पाठ और दैनिक धार्मिक क्रम को शांत मन से आगे बढ़ाने का माना जाता है। इस लेख में जानिए 24 फरवरी 2026 को क्या है और इस दिन से जुड़ी जरूरी बातें।

24 फरवरी 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 24 फरवरी 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है? 24 फरवरी 2026, मंगलवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। यह दिन विशेष रूप से धार्मिक अनुष्ठानों और शक्ति उपासना से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दिन अष्टाह्निका विधान का प्रारम्भ होता है और साथ ही मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व भी मनाया जाता है। यह तिथि साधना, संयम और देवी आराधना के लिए शुभ मानी जाती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष सप्तमी – सुबह 7:03 AM तक
  • वार: मंगलवार
  • नक्षत्र: कृतिका – दोपहर 3:08 PM तक
  • योग: इंद्र – सुबह 7:24 AM तक
  • करण: वणिज – सुबह 7:02 AM तक
  • मास (अमांत): फाल्गुन
  • मास (पूर्णिमांत): फाल्गुन
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: कुम्भ
  • चंद्र राशि: वृष
  • ऋतु: शिशिर
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्योहार व पर्व

1. अष्टाह्निका विधान प्रारम्भ

अष्टाह्निका विधान जैन धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह आठ दिनों तक चलने वाली आत्मशुद्धि और तपस्या की साधना का प्रारम्भ माना जाता है। इस दौरान संयम, उपवास और ध्यान का विशेष महत्व होता है।

2. मासिक दुर्गाष्टमी

मासिक दुर्गाष्टमी देवी दुर्गा की उपासना का पावन पर्व है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने से भय, कष्ट और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है तथा जीवन में शक्ति और आत्मबल की वृद्धि होती है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:49 AM से 12:35 PM
  • राहुकाल: 3:05 PM से 4:31 PM
  • गुलिक काल: 12:12 PM से 1:39 PM
  • यमघंट काल: 9:19 AM से 10:46 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:26 AM
  • सूर्यास्त: 5:58 PM
  • चंद्रोदय: 10:44 AM
  • चंद्रास्त: 1:06 AM (25 फरवरी)

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करें।

  • दुर्गा सप्तशती या दुर्गा मंत्रों का पाठ करें।

  • अष्टाह्निका विधान में संयम, उपवास और साधना का पालन करें।

  • दिन भर सात्त्विक आचरण रखें और क्रोध से दूर रहें।

निष्कर्ष

24 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक, आध्यात्मिक और साधनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। फाल्गुन शुक्ल सप्तमी, अष्टाह्निका विधान और मासिक दुर्गाष्टमी जैसे पर्व इस दिन को विशेष बनाते हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई साधना जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

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Published by Sri Mandir·February 24, 2026

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