2 अप्रैल 2026 को क्या है?
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2 अप्रैल 2026 को क्या है? | 2 April 2026 Ko Kya Hai

जानिए अप्रैल माह के दूसरे दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व।

आज के दिन के बारे में

2 अप्रैल 2026 पंचांग के अनुसार एक महत्वपूर्ण दिन है, जिसमें खास तिथि, व्रत और ग्रह-नक्षत्र का संयोग बन रहा है। धार्मिक रूप से यह दिन पूजा और शुभ कार्यों के लिए विशेष माना जाता है। आइए जानते हैं इस दिन से जुड़े व्रत, त्योहार, शुभ मुहूर्त और इसकी खास धार्मिक जानकारी।

2 अप्रैल 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 2 अप्रैल 2026 को कौन-कौन से व्रत और त्योहार हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों खास है? 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है (सुबह 7:42 AM तक)। इस दिन हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा और नवपद ओली पूर्ण जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं। यह दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान, भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष पूर्णिमा – सुबह 7:42 AM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: हस्त – शाम 5:40 PM तक
  • योग: ध्रुव – दोपहर 2:19 PM तक
  • करण: बव – सुबह 7:42 AM तक
  • मास (अमांत): चैत्र
  • मास (पूर्णिमांत): चैत्र
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मीन
  • चंद्र राशि: कन्या
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्योहार व व्रत

हनुमान जयंती

इस दिन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जाता है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। यह दिन साहस, शक्ति और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

चैत्र पूर्णिमा

चैत्र मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन स्नान, दान और भगवान विष्णु की पूजा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

नवपद ओली पूर्ण

जैन धर्म में यह पर्व विशेष रूप से मनाया जाता है। इस दिन साधना, तप और पूजा का विशेष महत्व होता है।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:39 AM से 12:27 PM
  • राहुकाल: 1:36 PM से 3:09 PM
  • गुलिक काल: 8:56 AM से 10:29 AM
  • यमघण्ट काल: 5:50 AM से 7:23 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:50 AM
  • सूर्यास्त: 6:16 PM
  • चंद्रोदय: 6:37 PM
  • चंद्रास्त: 5:41 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान हनुमान, विष्णु और अपने इष्ट देव का स्मरण करें।
  • हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ करें।
  • पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर फलाहार करें।
  • मंदिर जाकर पूजा करें और दीप जलाएं।
  • जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।

निष्कर्ष

2 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण है। इस दिन हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा और नवपद ओली पूर्ण जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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Published by Sri Mandir·April 1, 2026

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