1 अप्रैल 2026 को क्या है?
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1 अप्रैल 2026 को क्या है? | 1 April 2026 Ko Kya Hai

जानिए अप्रैल माह के पहले दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और धार्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व।

आज के दिन के बारे में

कैलेंडर में 1 अप्रैल 2026 सिर्फ महीने की शुरुआत नहीं है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कौन-सी तिथि और व्रत पड़ रहे हैं, आइए विस्तार से जानते हैं।

1 अप्रैल 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 1 अप्रैल 2026 को कौन-कौन से व्रत और पर्व हैं और यह दिन धार्मिक रूप से क्यों खास है? 1 अप्रैल 2026, बुधवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है (सुबह 7:07 AM तक)। इस दिन पूर्णिमा उपवास और पैन्गुनी उथिरम जैसे महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। यह दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और देवी-देवताओं की पूजा के लिए शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – सुबह 7:07 AM तक
  • वार: बुधवार
  • नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी – शाम 4:19 PM तक
  • योग: वृद्धि – दोपहर 2:50 PM तक
  • करण: वणिज – सुबह 7:07 AM तक
  • मास (अमांत): चैत्र
  • मास (पूर्णिमांत): चैत्र
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: मीन
  • चंद्र राशि: कन्या
  • ऋतु: वसंत
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: दक्षिण

त्यौहार व व्रत

पूर्णिमा उपवास

पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा की जाती है। व्रत रखने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और पुण्य की प्राप्ति होती है।

पैन्गुनी उथिरम

यह दक्षिण भारत का एक प्रमुख पर्व है, जो भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) और देवी पार्वती-शिव के दिव्य मिलन से जुड़ा हुआ है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा और उत्सव आयोजित होते हैं।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:39 AM से 12:27 PM
  • राहुकाल: 12:03 PM से 1:36 PM
  • गुलिक काल: 10:30 AM से 12:03 PM
  • यमघण्ट काल: 7:24 AM से 8:57 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:51 AM
  • सूर्यास्त: 6:15 PM
  • चंद्रोदय: 5:42 PM
  • चंद्रास्त: 5:10 AM

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु, चंद्र देव और अपने इष्ट देव का स्मरण करें।
  • पूर्णिमा व्रत के दिन व्रत रखकर फलाहार करें।
  • मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करें और दीप जलाएं।
  • जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।

निष्कर्ष

1 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन पूर्णिमा उपवास और पैन्गुनी उथिरम जैसे पावन पर्व मनाए जाते हैं। श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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Published by Sri Mandir·March 31, 2026

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