16 अक्टूबर 2025 को क्या है?
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

16 अक्टूबर 2025 को क्या है?

16 अक्टूबर 2025 को क्या है? जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत और पूजा का महत्व, शुभ-अशुभ समय और आराधना से जुड़ी खास जानकारी।

आज के दिन के बारे में

16 अक्टूबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन की गई पूजा, व्रत और दान से जीवन में सौभाग्य, धन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह दिन ईश्वर आराधना, साधना और शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी माना गया है। इस लेख में जानिए 16 अक्टूबर 2025 का धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी खास बातें।

16 अक्टूबर 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 16 अक्टूबर 2025 को कौन-सा व्रत और त्योहार है और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है? 16 अक्टूबर 2025, गुरुवार का दिन कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। यह दिन दशमी श्राद्ध, भगवान विष्णु की पूजा और गुरुवार व्रत के लिए शुभ माना गया है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की आराधना करते हैं। जो व्यक्ति आज के दिन व्रत रखकर पीत वस्त्र धारण कर पूजा करता है, उसके जीवन में ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी – सुबह 10:37 बजे तक
  • नक्षत्र: अश्लेषा – दोपहर 12:44 बजे तक
  • योग: शुभ – सुबह 2:10 बजे तक
  • करण: विष्टि – सुबह 10:38 बजे तक
  • वार: गुरुवार (बृहस्पति देव का दिन)

महत्व और पूजा

1. दशमी श्राद्ध

कृष्ण पक्ष दशमी को पितृ तर्पण करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन पितरों को जल, तिल और पके हुए अन्न का अर्पण करने से उनके आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

2. बृहस्पति देव की पूजा

गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करना, पीले पुष्प चढ़ाना और चने की दाल या गुड़ का दान करना शुभ फलदायक होता है। यह दिन विद्यार्थियों, अध्यापकों और ज्ञान प्राप्त करने वालों के लिए विशेष लाभकारी है।

3. विष्णु उपासना

भगवान विष्णु की पूजा इस दिन अत्यंत शुभ मानी जाती है। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करने से मन की शांति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर शुद्ध पीले वस्त्र धारण करें।
  • विष्णु भगवान और बृहस्पति देव के चित्र या प्रतिमा के सामने दीपक जलाएँ।
  • पीले फूल, हल्दी, चने की दाल और गुड़ अर्पित करें।
  • विष्णु सहस्रनाम या बृहस्पति स्तोत्र का पाठ करें।
  • जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र का दान करें।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:21 AM से 12:07 PM
  • राहुकाल: 1:11 PM से 2:37 PM
  • गुलिक काल: 8:51 AM से 10:18 AM
  • यमघण्ट काल: 5:58 AM से 7:24 AM

सूर्य और चंद्र

  • सूर्योदय: 5:58 AM
  • सूर्यास्त: 5:31 PM
  • चंद्रोदय: 1:11 AM
  • चंद्रास्त: 2:40 PM

ग्रह और राशि

  • सूर्य राशि: कन्या
  • चंद्र राशि: कर्क
  • दिशाशूल: दक्षिण दिशा
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन

निष्कर्ष

16 अक्टूबर 2025 का दिन गुरुवार और कृष्ण दशमी के संयोग से अत्यंत शुभ है। इस दिन विष्णु भगवान और बृहस्पति देव की पूजा करने से ज्ञान, धन, संतोष और समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही पितृ तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

divider
Published by Sri Mandir·October 14, 2025

Did you like this article?

आपके लिए लोकप्रिय लेख

और पढ़ेंright_arrow
Card Image

26 मई 2026 को क्या है?

26 May 2026 Ko Kya Hai? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

31 अक्टूबर 2026 को क्या है?

31 अक्टूबर 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
Card Image

30 अक्टूबर 2026 को क्या है?

30 अक्टूबर 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

right_arrow
srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook