15 अक्टूबर 2025 को क्या है?
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15 अक्टूबर 2025 को क्या है?

15 अक्टूबर 2025 को क्या है? जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत और पूजा का महत्व, शुभ-अशुभ समय और आराधना से जुड़ी खास जानकारी।

आज के दिन के बारे में

15 अक्टूबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है। इस दिन की गई पूजा, अनुष्ठान और भक्ति से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यह दिन आध्यात्मिक चिंतन और शुभ कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस लेख में जानिए 15 अक्टूबर 2025 का धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी खास बातें।

15 अक्टूबर 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 15 अक्टूबर 2025 को कौन-सा व्रत और त्योहार है और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है? 15 अक्टूबर 2025, बुधवार का दिन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। यह दिन कालरात्रि पूजा, भैरव उपासना और पितृ तर्पण के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस तिथि पर भक्त अपने पूर्वजों को श्रद्धा से तर्पण अर्पित करते हैं और देवी कालरात्रि की आराधना करते हैं ताकि जीवन में भय, रोग और अशुभ शक्तियों से रक्षा हो सके।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष नवमी – सुबह 10:35 बजे तक
  • नक्षत्र: पुष्य – दोपहर 12:01 बजे तक
  • योग: साध्य – सुबह 2:57 बजे तक
  • करण: गर – सुबह 10:37 बजे तक
  • वार: बुधवार (बुध देव का दिन)

महत्व और पूजा

1. कालरात्रि पूजा

कृष्ण नवमी को देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। वे नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं और भक्तों को निर्भय बनाती हैं। इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है।

2. पितृ तर्पण

यह तिथि पितरों को जल अर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए भी शुभ मानी जाती है। श्रद्धा से तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

3. बुध देव की उपासना

बुधवार के दिन बुध ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए हरे वस्त्र धारण करें, हरे मूंग का दान करें और “ॐ बुधाय नमः” मंत्र का जप करें।

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।
  • देवी कालरात्रि की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएँ।
  • काले तिल, तेल, नीले फूल और धूप अर्पित करें।
  • “ॐ कालरात्र्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • पितरों को जल और तिल से तर्पण करें।
  • अंत में आरती करें और भयमुक्त जीवन की कामना करें।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:21 AM से 12:07 PM
  • राहुकाल: 11:44 AM से 1:11 PM
  • गुलिक काल: 10:18 AM से 11:44 AM
  • यमघण्ट काल: 7:24 AM से 8:51 AM

सूर्य और चंद्र

  • सूर्योदय: 5:57 AM
  • सूर्यास्त: 5:32 PM
  • चंद्रोदय: 12:10 AM
  • चंद्रास्त: 2:03 PM

ग्रह और राशि

  • सूर्य राशि: कन्या
  • चंद्र राशि: कर्क
  • दिशाशूल: उत्तर दिशा
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन

निष्कर्ष

15 अक्टूबर 2025 का दिन कृष्ण नवमी और बुधवार के संयोग से विशेष रूप से पूजनीय है। इस दिन माँ कालरात्रि की उपासना से भय और नकारात्मकता का नाश होता है, वहीं पितृ तर्पण करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह दिन आध्यात्मिक साधना, ग्रह शांति और मानसिक संतुलन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

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Published by Sri Mandir·October 14, 2025

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