12 अक्टूबर 2026 को क्या है?
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12 अक्टूबर 2026 को क्या है? | 12 October 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अपने आप में विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय की जानकारी दी जाती है। 12 अक्टूबर 2026 के दिन कौन-से शुभ योग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है और पूजा-पाठ व शुभ कार्यों के लिए कौन-सा समय उत्तम माना गया है,

12 अक्टूबर 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 12 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है? 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा को समर्पित माना जाता है। सनातन धर्म में इस दिन साधना, व्रत और देवी आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। यह दिन श्रद्धा, संयम और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष द्वितीया – दोपहर 3:46 PM तक
  • वार: सोमवार
  • नक्षत्र: स्वाति – दोपहर 2:58 PM तक
  • योग: साध्य – सुबह 7:02 AM तक
  • करण: बालव – दोपहर 3:46 PM तक
  • मास (अमांत): आश्विन
  • मास (पूर्णिमांत): आश्विन
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: कन्या
  • चंद्र राशि: तुला
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पूर्व
  • चंद्र निवास: पश्चिम

त्यौहार व व्रत

शारदीय नवरात्रि – द्वितीया

नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। माता ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और संयम की देवी मानी जाती हैं। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर माता की पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:27 AM से 12:12 PM राहुकाल: 7:47 AM से 9:13 AM गुलिक काल: 1:17 PM से 2:43 PM यमघण्ट काल: 10:39 AM से 12:05 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 6:22 AM सूर्यास्त: 5:42 PM चंद्रोदय: 5:54 AM (13 अक्टूबर) चंद्रास्त: 7:34 PM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • माता ब्रह्मचारिणी का ध्यान कर दीपक जलाएं।
  • माता को सफेद पुष्प, मिश्री और पंचामृत अर्पित करें।
  • दुर्गा सप्तशती या देवी मंत्रों का जाप करें।
  • दिनभर सात्विक भोजन ग्रहण करें और व्रत का पालन करें।
  • जरूरतमंदों को भोजन और दान देना शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

12 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक श्रद्धा, देवी उपासना और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शारदीय नवरात्रि की द्वितीया माता ब्रह्मचारिणी की कृपा प्राप्त करने और जीवन में सुख-शांति लाने के लिए शुभ मानी गई है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहती है।

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Published by Sri Mandir·May 25, 2026

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