नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा- अखंड सुरक्षा दायक माँ कामाख्या तंत्र युक्त महायज्ञ एवं श्री भैरव महापूजा
नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा- अखंड सुरक्षा दायक माँ कामाख्या तंत्र युक्त महायज्ञ एवं श्री भैरव महापूजा
नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा- अखंड सुरक्षा दायक माँ कामाख्या तंत्र युक्त महायज्ञ एवं श्री भैरव महापूजा
नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा- अखंड सुरक्षा दायक माँ कामाख्या तंत्र युक्त महायज्ञ एवं श्री भैरव महापूजा
नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा- अखंड सुरक्षा दायक माँ कामाख्या तंत्र युक्त महायज्ञ एवं श्री भैरव महापूजा
नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा- अखंड सुरक्षा दायक माँ कामाख्या तंत्र युक्त महायज्ञ एवं श्री भैरव महापूजा
नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा- अखंड सुरक्षा दायक माँ कामाख्या तंत्र युक्त महायज्ञ एवं श्री भैरव महापूजा
नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा- अखंड सुरक्षा दायक माँ कामाख्या तंत्र युक्त महायज्ञ एवं श्री भैरव महापूजा
temple venue
शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर एवं श्री बटुक भैरव मंदिर , गुवाहाटी, काशी
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा- अखंड सुरक्षा दायक माँ कामाख्या तंत्र युक्त महायज्ञ एवं श्री भैरव महापूजा

तांत्रिक परंपराओं में भैरव पूजा को अत्यधिक शक्तिशाली और महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि देवी की अद्भुत कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे पहले भैरव की पूजा करनी चाहिए। यही कारण है कि इस बार नवरात्रि के समापन पर श्री मंदिर भक्तों के लिए, भगवान भैरव के साथ सर्वशक्ति मां कामाख्या का आशीर्वाद पाने का एक सुनहरा अवसर लेकर आया है। इस महानवमी पर पहली बार होने वाले नवमी भैरव एवं देवी विशेष पूजा में भाग लें और जीवन के सभी कष्टों से निवारण पाएं। दिनांक 17 अप्रैल 2024 को होने वाली नवमी भैरव एवं देवी विशेष संयुक्त पूजा में श्री मंदिर के माध्यम से भाग लेकर आप एक साथ बटुक भैरव एवं मां कामाख्या का आशीष पाएं।

पूजा लाभ

puja benefits
अखंड सुरक्षा प्राप्ति के लिए
भैरवनाथ को आपत्तियों का विनाश करने वाला देवता कहा गया है। यह भक्तों के आंतरिक एवं बाह्य मौजूद नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। माँ कामाख्या को प्रबल शक्तिशाली नारी ऊर्जा का प्रतिक माना जाता है, इनकी अराधना से ऊपरी बाधा सहित सभी प्रकार की नकारात्मक एवं बुरी शक्तियों से मुक्ति मिलती है। पहली बार होने वाली इस महापूजा में शामिल होकर अभय एवं प्रबल सकारात्मक जीवन का आशीष पाएं।
puja benefits
स्वास्थ्य लाभ
भगवान भैरव शिव जी का ही रूप हैं। भैरव जी की पूजा परिवार के सदस्यों के अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखता है और उन्हें विभिन्न जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है। वहीं मां कामाख्या पूजा से भक्तों को शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है, जिससे रोग मुक्त होकर स्वस्थ जिंदगी का आशीष मिलता है। महानवमी पर पहली बार होने वाली इस विशेष पूजा में शामिल होकर बटुक भैरव के साथ मां कामाख्या का शुभाशीष पाएं।
puja benefits
रिश्तों में सुधार
मां कामाख्या की पूजा से रिश्तों में उत्पन्न विवाद दूर हो जाते हैं और मधुरता आती है, जिससे पार्टनर या फिर परिवार के सदस्यों के बीच सुखी, सामंजस्य पूर्ण एवं गहरे रिश्ते का निर्माण होता है। इसलिए महानवमी पर की गई इस विशेष पूजा को से देवी की असीम कृपा से रिश्तों में मधुरता आती है।
puja benefits
धन की प्राप्ति
भगवान भैरव अपने भक्तों को जीवन में अपार धन, यश का आशीष देते हैं। इस विशेष पूजा को करने से भक्तों को जीवन में धन की समस्या नहीं होती है। वहीं मां कामाख्या भी अपने भक्तों को धन की कमी, आर्थिक संकट और निर्धनता आदि से दूर रखती है। इनकी पूजा से व्यापार में होने वाले घाटा, धन हानि दूर होते हैं और घर-परिवार में सदैव सुख, समृद्धि और बरकत बनी रहती है।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

भुगतान के बाद, अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर एवं श्री बटुक भैरव मंदिर ,गुवाहाटी, काशी

शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर एवं श्री बटुक भैरव मंदिर ,गुवाहाटी, काशी
पौराणिक कथा के अनुसार महादेव जब माता सती के देह को लेकर इधर उधर घुम रहे थें तब उनको इस प्रकार व्यथित देख ब्रह्माजी के सुझाव पर भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के खंडन कर दिए। वे अंग जहाँ-जहाँ भी गिरे वो स्थान शक्तिपीठ कहलाया, और उन शक्तिपीठ की रक्षा के लिए महादेव ने अपना ही एक रूप, नियुक्त किया जो भैरव कहलाया। यानि प्रत्येक शक्तिपीठ मंदिर में भैरव देव का एक मंदिर समर्पित होता है। यही कारण है कि भैरव की पूजा मां कामाख्या के साथ करने से अत्यंत प्रभावशाली फल प्राप्त होते हैं।

काशी में विराजमान बटुक महादेव की नगरी काशी में भक्तों की पूजा भैरव के दर्शन के बिना अधूरी मानी जाती है। इस मंदिर में काल भैरव दो रूप में विराजमान है, बटुक भैरव और आदि भैरव। बटुक भैरव काल भैरव के ही ‘बाल रूप’ हैं। गुवाहाटी में विराजित शक्तिपीठ कामाख्या तीर्थ क्षेत्र, 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां देवी सती की 'योनि' पृथ्वी पर गिरी थी तब से माता यहीं कामाख्या के रूप में वास करती हैं। महानवमी के शुभ अवसर इन दो शक्तिशाली मंदिरों में आयोजित होने वाली इस पूजा में भाग लें और मां कामाख्या के साथ भगवान भैरव का आशीर्वाद प्राप्त करें।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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जय राज यादव

दिल्ली
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रमेश चंद्र भट्ट

नागपुर
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अपर्णा मॉल

पुरी
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शिवराज डोभी

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मुकुल राज

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सुनील कुमार सैनी

चंडीगढ़
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों