पहली बार: 2 शक्तिपीठ कामाख्या एवं तारापीठ विशेष- सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ
पहली बार: 2 शक्तिपीठ कामाख्या एवं तारापीठ विशेष- सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ
पहली बार: 2 शक्तिपीठ कामाख्या एवं तारापीठ विशेष- सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ
पहली बार: 2 शक्तिपीठ कामाख्या एवं तारापीठ विशेष- सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ
पहली बार: 2 शक्तिपीठ कामाख्या एवं तारापीठ विशेष- सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ
पहली बार: 2 शक्तिपीठ कामाख्या एवं तारापीठ विशेष- सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ
पहली बार: 2 शक्तिपीठ कामाख्या एवं तारापीठ विशेष- सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ
पहली बार: 2 शक्तिपीठ कामाख्या एवं तारापीठ विशेष- सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ
temple venue
शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर एवं मां तारापीठ मंदिर , गुवाहाटी, पश्चिम बंगाल
pooja date
Warning Infoइस पूजा की बुकिंग बंद हो गई है
srimandir devotees
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अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा आयोजित पूजाओ में भाग ले चुके हैं

पहली बार: 2 शक्तिपीठ कामाख्या एवं तारापीठ विशेष- सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ

संसार में माँ भगवती के कई शक्तिपीठ हैं, लेकिन उनमें से कुछ शक्तिपीठ भक्तों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। भारत के पूर्व में जहां देवी मां की पूजा उनके तांत्रिक रूपों यानि दस महाविद्याओं में की जाती है, वहां मां के दो अत्यंत महत्वपूर्ण पीठ भी पाए जाते हैं - कामाख्या और तारापीठ। इस नवरात्रि श्रीमंदिर भक्तों के लिए एक अनोखा अवसर लेकर आया है, महाअष्टमी के इस विशेष दिन पर दोनों देवियों की पूजा अर्चना के साथ जीवन की सभी इच्छाओं की पूर्ति का वरदान पाएं। दिनांक 16 अप्रैल 2024 को कामाख्या एवं तारापीठ शक्तिपीठ में पहली बार होने वाली इस महापूजा में शामिल होकर एक साथ इन देवियों का दिव्य आशीर्वाद पाएं।

पूजा लाभ

puja benefits
सभी सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति
मान्यता है कि दस महाविद्याओं की पूजा नवरात्रि के पावन अवसर पर सभी इच्छाओं की पूर्ति के लिए की जाती है। यही कारण है कि इन दस महाविद्याओं को इच्छा पूरी करने वाली माता कहा जाता है। नवरात्रि के महाअष्टमी पर पहली बार होने वाले इस विशेष पूजा का हिस्सा बनें और दसों देवीयों को प्रसन्न कर उनसे सभी सासांरिक सुखों की प्राप्ति का वरदान पाएं।
puja benefits
आध्यात्मिक एवं भौतिक सुख की प्राप्ति
इन प्रमुख शक्तिपीठों में दस महाविद्या का तंत्र महायज्ञ करने से चारों दिशाओं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है, जिससे भक्तों को सभी भौतिक एवं आध्यात्मिक सुखों की प्राप्ति होती है। महाअष्टमी के शुभ पर्व पर पहली बार हो रही इस महायज्ञ में भाग लेकर अपने जीवन में सुख शांति का विशेष वरदान पाएं।
puja benefits
साहस में बढ़ोतरी
दस महाविद्या के रूप में मां काली प्रमुख देवी हैं जिनकी साधना से व्यक्ति के साहस के साथ आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है जिससे भक्त अपने जीवन की चुनौतियों का सामना साहसपूर्वक एवं निर्भीकता के साथ करता है। महाअष्टमी के पर्व पर इस महापर्व पर पहली बार होने वाली दस महाविद्या महायज्ञ में शामिल होकर महाकाली से शक्ति के साथ साहस का आशीष पाएं।
puja benefits
सौंदर्य की प्राप्ति
दस महाविद्याओं के रूप में देवी त्रिपुर सुंदरी भी हैं। माना जाता है कि जो लोग खूबसूरत और आकर्षक दिखना चाहते हैं, देवी त्रिपुर सुंदरी के आशीष से उनकी ये मनोकामना पूरी होती है। नवरात्रि के पावन पर होने वाले इन महत्वपूर्ण शक्तिपीठों में 10 महाविद्या तंत्र महायज्ञ में भाग लेकर देवी त्रिपुर सुंदरी से सौंदर्य का आशीष पाएं। देवी त्रिपुर सुंदरी को उनके सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है, देवी का रूप जितना सौम्य है उतनी ही वो करुणा और कृपालु अवतार भी मानी गई हैं।

पूजा प्रक्रिया

Number-0

पूजा चयन करें

4 विभिन्न पूजा पैकेज ऑप्शन से चयन करें।
Number-1

अर्पण जोड़ें

अपनी पूजा के साथ गौ सेवा, वस्त्र दान, दीप दान भी करें। पूजा के लिए भुगतान करें।
Number-2

संकल्प विवरण दर्ज करें

भुगतान के बाद, अपना नाम और गोत्र दर्ज करें।
Number-3

पूजा दिन

अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक प्रक्रिया के अनुसार पूजा होगी। आपको अपने WhatsApp नंबर पर अपडेट्स मिलेंगे।
Number-4

पूजा वीडियो एबं तीर्थ प्रसाद डिलीवरी

अपने पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पूजा के 4-5 दिनों में पूजा वीडियो एबं आपके दिए गए पते पर 8-10 दिनों बाद तीर्थ प्रसाद प्राप्त करें ।

शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर एवं मां तारापीठ मंदिर ,गुवाहाटी, पश्चिम बंगाल

शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर एवं मां तारापीठ मंदिर  ,गुवाहाटी, पश्चिम बंगाल
नीलांचल की पहाड़ियों पर स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक है गुवाहाटी में उपस्थित शक्तिपीठ कामाख्या तीर्थ क्षेत्र। यहां देवी सती की 'योनि' पृथ्वी पर गिरी थी तब से माता यहीं कामाख्या के रूप में वास करती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार ऋषि वशिष्ठ अपनी साधना करने माँ कामाख्या के मंदिर में गए, कठोर तप करने के बाद भी जब उन्हें सिद्धियाँ प्राप्त नहीं हुईं तो वह क्रोधवश उस शक्तिपीठ को श्राप देने जा रहे थें जिससे कामाख्या तीर्थ में कभी किसी को सिद्धि प्राप्त नहीं होती। किन्तु उनके ऐसा करने से पहले माँ भगवती ने उन्हें आदेश दिया कि जिस विधि से वो साधना कर रहे हैं वो गलत है, और सही विधि जानने के लिए उन्हें विष्णु के अवतार बुद्ध के पास चीन जाना होगा और उनसे दीक्षा लेनी होगी। बुद्ध ने ऋषि वशिष्ठ को तांत्रिक विद्या सिखाकर श्री तारापीठ मंदिर में जाने का मार्ग दिखाया। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि यहीं से वशिष्ठ जी को सिद्धियाँ प्राप्त होंगी और माँ तारा उन्हें दर्शन भी देंगी।

बुद्ध के बताये मार्ग और दी गयी दीक्षा के माध्यम से ऋषि वशिष्ठ ने सिद्धियाँ प्राप्त कीं और देवी से निवेदन किया कि वो उन्हें माँ के ममता और वात्सल्य स्वरुप में दर्शन दें। ऋषि वशिष्ठ के आग्रह पर माँ तारा ने उन्हें अति-सौम्य रूप में दर्शन दिए और साथ ही उन्हें लंबी आयु और आध्यात्मिक प्रगति भी प्रदान की, जिसके बाद वो श्री तारापीठ में उसी स्वरुप में साक्षात विराजमान हो गयीं। माना जाता है कि मां कामाख्या एवं मां तारापीठ दोनों की शक्तिपीठ में देवी जागृत रूप में विराजमान हैं और यहाँ तंत्रोक्त पूजा करवाने पर माँ अपने भक्तों को समस्त सुख प्रदान करती हैं।

कैसा रहा श्री मंदिर पूजा सेवा का अनुभव?

क्या कहते हैं श्रद्धालु?
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जय राज यादव

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रमेश चंद्र भट्ट

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अपर्णा मॉल

पुरी
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शिवराज डोभी

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सुनील कुमार सैनी

चंडीगढ़
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों