
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
5 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए सकारात्मक माहौल लेकर आ सकता है। आज की पंचांग गणना दिन की शुरुआत से लेकर महत्वपूर्ण कार्यों के समय तक कई उपयोगी संकेत देती है। पूजा-पाठ, यात्रा या किसी नए काम की योजना बना रहे हैं, तो आज के शुभ समय पर विशेष ध्यान देना बेहतर रहेगा।
5 सितंबर 2026 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि और शनिवार का दिन है। आज पंचांग में तिथि रात तक बनी रहेगी, जबकि नक्षत्र और योग भी दिन के अलग-अलग समय पर अपनी स्थिति बदलेंगे। इसलिए आज का दिन केवल तिथि जानने के लिहाज से ही नहीं, बल्कि पूजा-पाठ, जरूरी कार्यों और समय के बेहतर प्रबंधन के लिए भी ध्यान देने योग्य है। दिन की शुरुआत से पहले शुभ और अशुभ समय की जानकारी देख लेने से महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए उचित समय चुनना आसान हो सकता है।
विवरण | जानकारी |
तिथि | कृष्ण पक्ष नवमी (9:54 PM तक) |
वार | शनिवार |
पूर्णिमांत मास | भाद्रपद |
अमांत मास | श्रावण |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | वर्षा |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:41 |
सूर्यास्त | 18:14 |
चंद्रोदय | 00:14 |
चंद्रास्त | 13:42 |
नक्षत्र | मृगशिरा (9:31 PM तक) |
योग | वज्र (12:47 PM तक) |
करण | तैतिल (11:04 AM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:32 AM से 12:22 PM |
राहुकाल | 8:49 AM से 10:23 AM |
गुलिक काल | 5:41 AM से 7:15 AM |
यमघण्टकाल | 1:32 PM से 3:06 PM |
दिशाशूल | पूर्व |
सूर्य राशि | सिंह |
चंद्र राशि | वृष |
चंद्र निवास | दक्षिण |
आज कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रात 9:54 PM तक रहेगी। कृष्ण पक्ष की नवमी को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। आज अपने नियमित कार्यों के साथ पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए भी समय निकाला जा सकता है। किसी बड़े काम को लेकर निर्णय लेना हो तो परिस्थितियों का आकलन करके आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।
शनिवार होने के कारण आज का दिन शनि देव की आराधना से जुड़ा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में शनिवार को अनुशासन, सेवा, कर्म और संयम पर ध्यान देने का दिन माना गया है। जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना, शनि देव का स्मरण करना या अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
आज पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है, जबकि अमांत गणना के अनुसार श्रावण मास है। मास की गणना की दोनों परंपराओं में अंतर होने के कारण पंचांग में एक ही दिन के लिए अलग-अलग मास का उल्लेख मिलना सामान्य है।
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। भारतीय पंचांग में संवत का उपयोग समय और धार्मिक तिथियों की पारंपरिक गणना को समझने के लिए किया जाता है।
इस समय वर्षा ऋतु चल रही है। मौसम में नमी और बारिश की स्थिति के बीच बाहरी काम या यात्रा की योजना बनाते समय दिन के मौसम को ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।
सूर्य की स्थिति के अनुसार वर्तमान समय में दक्षिणायन है। धार्मिक परंपराओं में दक्षिणायन को साधना, पूजा और आध्यात्मिक चिंतन के लिए विशेष महत्व दिया गया है।
आज सूर्योदय 5:41 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:14 PM पर। सुबह का समय पूजा-पाठ और दैनिक दिनचर्या शुरू करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जबकि सूर्यास्त के बाद धार्मिक गतिविधियों और शाम की दिनचर्या की योजना बनाई जा सकती है।
आज चंद्रोदय 12:14 AM पर और चंद्रास्त 1:42 PM पर होगा। चंद्रमा वृष राशि में स्थित रहेगा और उसका निवास दक्षिण दिशा में माना गया है। वहीं सूर्य सिंह राशि में रहेंगे।
आज मृगशिरा नक्षत्र रात 9:31 PM तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में मृगशिरा को खोज, जिज्ञासा, सीखने और नई जानकारी प्राप्त करने से जोड़ा जाता है। किसी विषय को समझने या योजना से जुड़े जरूरी पहलुओं पर विचार करने के लिए दिन का उपयोग किया जा सकता है।
वज्र योग दोपहर 12:47 PM तक रहेगा। पंचांग में योग की स्थिति को शुभ कार्यों के समय निर्धारण में महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए किसी महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए केवल शुभ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस समय मौजूद अन्य पंचांग तत्वों को भी देखना उचित रहता है।
आज तैतिल करण सुबह 11:04 AM तक रहेगा। करण पंचांग का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसकी स्थिति के आधार पर विभिन्न कार्यों के लिए समय का विचार किया जाता है।
आज का शुभ मुहूर्त 11:32 AM से 12:22 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए इस अवधि पर विचार किया जा सकता है। कार्य की प्रकृति के अनुसार अन्य पंचांग विवरणों को भी साथ में देखना बेहतर रहेगा।
आज के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल: 8:49 AM से 10:23 AM
गुलिक काल: 5:41 AM से 7:15 AM
यमघण्टकाल: 1:32 PM से 3:06 PM
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। नियमित और पहले से चल रहे कार्यों के लिए इन समयों को लेकर अलग विचार किया जाता है।
आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। यदि आज पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो तो पंचांग में दिए गए इस विवरण का ध्यान रखा जा सकता है। यात्रा की आवश्यकता होने पर वास्तविक परिस्थितियों और अन्य जरूरी बातों को भी प्राथमिकता देना चाहिए।
राशियों की स्थिति के अनुसार आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा वृष राशि में स्थित हैं। चंद्रमा की स्थिति के साथ उसका निवास दक्षिण दिशा में बताया गया है। ये सभी विवरण दैनिक पंचांग की गणना का हिस्सा हैं।
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