आज का पंचांग 6 सितंबर 2026
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आज का पंचांग 6 सितंबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

आज का दिन सामान्य गतिविधियों के साथ धार्मिक कार्यों और शुभ शुरुआत के लिए भी अनुकूल रह सकता है। 6 सितंबर 2026 के पंचांग में तिथि, नक्षत्र और योग की स्थिति दिन की प्रकृति को खास बनाती है।

आज का पंचांग 7 सितंबर 2026 | Aaj Ka Panchang 7th September 2026

7 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा सकता है, क्योंकि आज कृष्ण पक्ष की एकादशी के साथ अजा एकादशी का व्रत है। सोमवार होने के कारण दिन में शिव उपासना का महत्व भी जुड़ जाता है। पंचांग के अनुसार आज तिथि शाम तक रहेगी, जबकि सुबह के समय योग और करण में परिवर्तन होगा। ऐसे में व्रत, पूजा-पाठ, यात्रा या किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बनाने से पहले आज के पंचांग में दिए गए समय को जानना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशी (5:05 PM तक)
वारसोमवार
पूर्णिमांत मासभाद्रपद
अमांत मासश्रावण
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:42
सूर्यास्त18:12
चंद्रोदय01:21
चंद्रास्त15:35
नक्षत्रपुनर्वसु (6:15 PM तक)
योगव्यतिपात (6:41 AM तक)
करणबव (6:16 AM तक)
शुभ मुहूर्त11:32 AM से 12:22 PM
राहुकाल7:15 AM से 8:49 AM
गुलिक काल1:30 PM से 3:04 PM
यमघण्टकाल10:23 AM से 11:57 AM
दिशाशूलपूर्व
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिमिथुन
चंद्र निवासपश्चिम

एकादशी तिथि और सोमवार का संयोग

आज कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि शाम 5:05 PM तक रहेगी। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना और व्रत के लिए विशेष माना जाता है। आज अजा एकादशी होने के कारण इस तिथि का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार व्रत, भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और धार्मिक पाठ कर सकते हैं।

इसके साथ ही आज सोमवार है, जिसे भगवान शिव को समर्पित दिन माना जाता है। इस वजह से दिन में विष्णु उपासना के साथ शिव आराधना का भी अवसर रहेगा। जो लोग व्रत रखते हैं, उनके लिए अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा और संयमित दिनचर्या बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

अजा एकादशी का धार्मिक महत्व

आज के पंचांग में अजा एकादशी प्रमुख त्योहार के रूप में दर्ज है। एकादशी व्रत को धार्मिक परंपरा में मन की शुद्धता, संयम और भगवान विष्णु की भक्ति से जोड़ा जाता है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं।

अजा एकादशी के अवसर पर पूजा के साथ विष्णु मंत्र का जाप, धार्मिक ग्रंथों का पाठ और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य भी श्रद्धा के अनुसार किए जा सकते हैं। व्रत रखने वाले लोगों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति और पारंपरिक नियमों के अनुसार ही उपवास करना चाहिए।

मास, संवत और पंचांग की गणना

आज पूर्णिमांत पद्धति के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है, जबकि अमांत पद्धति के अनुसार श्रावण मास प्रभावी है। पंचांग की इन दोनों गणना प्रणालियों में मास बदलने का आधार अलग होने के कारण एक ही दिन के लिए दोनों मास का उल्लेख मिल सकता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) है। धार्मिक तिथि और व्रत से जुड़ी जानकारी समझने में संवत और मास की स्थिति पंचांग का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।

वर्षा ऋतु और दक्षिणायन

सितंबर की शुरुआत में भी वर्षा ऋतु का प्रभाव पंचांग में दर्ज है। वर्षा के मौसम में दिन की गतिविधियों की योजना बनाते समय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखना व्यावहारिक रूप से भी उपयोगी है।

वर्तमान समय में दक्षिणायन चल रहा है। धार्मिक दृष्टि से इस काल को साधना, पूजा, आत्मचिंतन और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आज एकादशी होने के कारण धार्मिक कार्यों और भक्ति के लिए दिन का वातावरण विशेष रूप से अनुकूल माना जा सकता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:42 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:12 PM पर होगा। दिन की शुरुआत सूर्य दर्शन और अपनी दैनिक पूजा से करने वाले लोग इस समय को ध्यान में रख सकते हैं।

आज चंद्रोदय 1:21 AM पर तथा चंद्रास्त 3:35 PM पर होगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित रहेगा और उसका निवास पश्चिम दिशा में माना गया है।

आज सूर्य सिंह राशि में रहेगा। सूर्य और चंद्रमा की ये राशिगत स्थितियां दिन की पंचांग गणना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

पुनर्वसु नक्षत्र, व्यतिपात योग और बव करण

आज पुनर्वसु नक्षत्र शाम 6:15 PM तक रहेगा। पुनर्वसु नक्षत्र को पुनः शुरुआत, सकारात्मक बदलाव और परिस्थितियों को बेहतर दिशा में ले जाने से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में आज पुराने कार्यों को व्यवस्थित करने और जरूरी चीजों पर नए सिरे से ध्यान देने का विचार किया जा सकता है।

व्यतिपात योग सुबह 6:41 AM तक रहेगा। इसके बाद दिन में अगला योग प्रभावी होगा। वहीं बव करण सुबह 6:16 AM तक रहेगा। पंचांग में योग और करण का समय किसी भी दिन के अलग-अलग समयखंडों को समझने में सहायता करता है।

आज के शुभ और अशुभ समय

आज शुभ मुहूर्त 11:32 AM से 12:22 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ समय देखने वाले लोग इस अवधि को ध्यान में रख सकते हैं।

आज के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 7:15 AM से 8:49 AM

  • यमघण्टकाल: 10:23 AM से 11:57 AM

  • गुलिक काल: 1:30 PM से 3:04 PM

पारंपरिक पंचांग मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से किसी नए काम की शुरुआत करते समय शुभ मुहूर्त और इन समयों के बीच का अंतर देखना उपयोगी रहेगा।

दिशाशूल और ग्रहों की स्थिति

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। यदि आज पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो, तो यात्रा से पहले पंचांग में बताए गए दिशाशूल को ध्यान में रखा जा सकता है। यह जानकारी पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है।

ग्रहों की स्थिति के अनुसार आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा। चंद्रमा का निवास पश्चिम दिशा में बताया गया है। इन स्थितियों को दैनिक पंचांग की ज्योतिषीय गणना में शामिल किया जाता है।

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Published by Sri Mandir·September 6, 2026

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