आज का पंचांग 26 अगस्त 2026
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आज का पंचांग 26 अगस्त 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

26 अगस्त 2026 का पंचांग आज के दिन की तिथि, नक्षत्र और योग के आधार पर इसकी विशेषता बताता है। कुछ समय शुभ कार्यों के लिए बेहतर रह सकते हैं, जबकि अन्य समय सामान्य कार्यों के लिए उपयुक्त होंगे। आज पूजा, यात्रा या नई शुरुआत के लिहाज से दिन कैसा है, आइए जानते हैं।

आज का पंचांग 26 अगस्त 2026 | Aaj Ka Panchang 26th August 2026

26 अगस्त 2026 का पंचांग दिन के अलग-अलग समय में होने वाले तिथि और योग परिवर्तन को समझने के लिए खास है। आज शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और बुधवार का दिन है। श्रावण मास के बीच भगवान शिव की आराधना के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि आज पूजा, व्रत, यात्रा या किसी जरूरी काम की योजना है, तो शुभ मुहूर्त के साथ तिथि परिवर्तन का समय भी ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशी (8:00 AM तक)
वारबुधवार
पूर्णिमांत मासश्रावण
अमांत मासश्रावण
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:37
सूर्यास्त18:24
चंद्रोदय17:22
चंद्रास्त03:39
नक्षत्रश्रावण (12:49 AM तक)
योगसौभाग्य (8:00 AM तक)
करणतैतिल (7:58 AM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:35 AM से 12:25 PM
राहुकाल12:00 PM से 1:36 PM
गुलिक काल10:25 AM से 12:00 PM
यमघण्टकाल7:13 AM से 8:49 AM
दिशाशूलउत्तर
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिमकर
चंद्र निवासदक्षिण

तिथि और बुधवार का महत्व

आज शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 8:00 AM तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा। त्रयोदशी को धार्मिक परंपरा में भगवान शिव की उपासना से विशेष रूप से जोड़ा जाता है, इसलिए श्रावण मास में इसका महत्व और बढ़ जाता है।

आज बुधवार भी है, जिसे बुध ग्रह का दिन माना जाता है। शिक्षा, लेखन, बातचीत, व्यापारिक गतिविधियों और बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए बुधवार का अपना विशेष महत्व माना जाता है। इस वजह से आज का दिन धार्मिक गतिविधियों के साथ व्यावहारिक कामों के लिहाज से भी ध्यान देने योग्य है।

श्रावण मास और संवत की स्थिति

आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं में श्रावण मास चल रहा है। श्रावण मास में शिव पूजा, जलाभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों की विशेष परंपरा है। आज त्रयोदशी तिथि होने से शिव आराधना का पक्ष और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

पंचांग के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। ये भारतीय कालगणना की प्रमुख संवत प्रणालियां हैं, जिनका उल्लेख धार्मिक पंचांगों में किया जाता है।

वर्षा ऋतु और दक्षिणायन

इस समय वर्षा ऋतु चल रही है। बारिश के कारण मौसम में बदलाव और यात्रा की परिस्थितियां दिनभर अलग हो सकती हैं। यदि किसी जरूरी काम के लिए बाहर निकलना हो तो समय के साथ मौसम का भी ध्यान रखना व्यावहारिक रहेगा।

अयन की दृष्टि से अभी दक्षिणायन चल रहा है। पंचांग में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़े कालखंड को दर्शाता है और इसका उपयोग धार्मिक एवं ज्योतिषीय गणना में किया जाता है।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

आज सूर्योदय 5:37 AM पर और सूर्यास्त 6:24 PM पर होगा। दिन की शुरुआत से ही जरूरी कार्यों को व्यवस्थित करने के लिए इन समयों को ध्यान में रखा जा सकता है।

आज चंद्रोदय 5:22 PM पर तथा चंद्रास्त 3:39 AM पर होगा। चंद्रमा मकर राशि में रहेगा और उसका चंद्र निवास दक्षिण दिशा में बताया गया है। चंद्रमा की यह स्थिति आज के पंचांग की प्रमुख ज्योतिषीय जानकारियों में शामिल है।

नक्षत्र, योग और करण

आज श्रावण नक्षत्र 12:49 AM तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद अगला नक्षत्र शुरू होगा। श्रावण नक्षत्र को परंपरागत रूप से ज्ञान, सुनने-समझने और धार्मिक गतिविधियों से जोड़ा जाता है, इसलिए श्रावण मास में इसका नाम विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करता है।

सौभाग्य योग सुबह 8:00 AM तक रहेगा। इसके बाद योग में परिवर्तन होगा। वहीं तैतिल करण सुबह 7:58 AM तक रहेगा। तिथि, योग और करण में सुबह के समय होने वाले इन परिवर्तनों के कारण दिन की शुरुआत में पंचांग की स्थिति तेजी से बदलती है।

आज के शुभ और अशुभ समय

आज का अभिजीत मुहूर्त 11:35 AM से 12:25 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए इस अवधि को शुभ समय के रूप में देखा जाता है।

वहीं दिन के प्रमुख अशुभ माने जाने वाले समय हैं:

  • राहुकाल: 12:00 PM से 1:36 PM

  • गुलिक काल: 10:25 AM से 12:00 PM

  • यमघण्टकाल: 7:13 AM से 8:49 AM

नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से पहले इन समयों का ध्यान रखना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है। यदि काम का समय बदला जा सकता हो, तो शुभ मुहूर्त को प्राथमिकता दी जा सकती है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल उत्तर दिशा में है। उत्तर दिशा की यात्रा आवश्यक हो तो पंचांग में बताए गए इस पारंपरिक संकेत को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाई जा सकती है।

ग्रह स्थिति की बात करें तो आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा मकर राशि में स्थित हैं। सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति आज के दैनिक पंचांग का महत्वपूर्ण ज्योतिषीय पक्ष है।

आज के पंचांग की खास बात

26 अगस्त की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सुबह 8 बजे तक तिथि और योग दोनों बदल जाएंगे, जबकि नक्षत्र का परिवर्तन आधी रात के बाद होगा। इसलिए आज के दिन को एक समान समयखंड मानने के बजाय सुबह और दोपहर की पंचांग स्थिति को अलग-अलग देखना अधिक उपयोगी रहेगा। खासकर धार्मिक कार्य या किसी शुभ शुरुआत के लिए समय तय करते समय यह अंतर ध्यान में रखना बेहतर होगा।

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Published by Sri Mandir·August 16, 2026

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