आज का पंचांग 16 अगस्त 2026
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आज का पंचांग 16 अगस्त 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

भारतीय परंपरा में पंचांग को दिन की ज्योतिषीय स्थिति समझने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। आज का पंचांग दिन के शुभ समय और तिथि से जुड़ी जानकारी प्रदान करता है। यदि आज कोई महत्वपूर्ण काम है, तो पंचांग देखकर समय तय करना दिन को अधिक सहज बना सकता है।

आज का पंचांग 16 अगस्त 2026 | Aaj Ka Panchang 16th August 2026

16 अगस्त 2026 को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी। रविवार के इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा और हस्त नक्षत्र का प्रभाव रात के शुरुआती घंटों तक रहेगा। आज का पंचांग खास तौर पर तिथि के साथ दिनभर के समय-विभाजन पर ध्यान देने का अवसर देता है, क्योंकि शुभ मुहूर्त के अलावा राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल की अवधि भी अलग-अलग समय पर रहेगी।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थी (4:54 PM तक)
वाररविवार
पूर्णिमांत मासश्रावण
अमांत मासश्रावण
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:33
सूर्यास्त18:33
चंद्रोदय08:54
चंद्रास्त20:46
नक्षत्रहस्त (3:52 AM तक)
योगसाध्य (4:08 AM तक)
करणविष्टि (4:58 PM तक)
शुभ मुहूर्त11:37 AM से 12:29 PM
राहुकाल4:56 PM से 6:33 PM
गुलिक काल3:18 PM से 4:56 PM
यमघण्टकाल12:03 PM से 1:41 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिकन्या
चंद्र निवासदक्षिण

तिथि और वार का प्रभाव

आज शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शाम 4:54 PM तक रहेगी। चतुर्थी तिथि धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है और इसे भगवान गणेश की उपासना से भी जोड़ा जाता है। आज पूजा-पाठ या धार्मिक संकल्प से जुड़े कार्य करने वाले लोग तिथि के समय को ध्यान में रखकर अपनी दिनचर्या तय कर सकते हैं।

आज रविवार है, जिसे सूर्य देव का दिन माना जाता है। परंपरा में रविवार को सूर्य उपासना, आत्मविश्वास और अनुशासन से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। सुबह का समय पूजा या सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।

मास, संवत और काल गणना

आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं के अनुसार श्रावण मास चल रहा है। सावन का महीना धार्मिक अनुष्ठानों और शिव आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए आज की तिथि भी इसी धार्मिक कालखंड का हिस्सा है।

कालगणना के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में इन संवतों के माध्यम से वर्ष की पारंपरिक गणना को दर्शाया जाता है।

ऋतु और अयन

अभी वर्षा ऋतु चल रही है। सावन के इस दौर में बारिश और बादलों का असर दिन की गतिविधियों पर पड़ सकता है। विशेष रूप से यात्रा या बाहर के कामों के लिए समय तय करते हुए मौसम को भी ध्यान में रखना व्यावहारिक रहेगा।

आज दक्षिणायन है। धार्मिक और ज्योतिषीय पंचांग में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़े कालखंड को दर्शाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:33 AM पर होगा और सूर्यास्त 6:33 PM पर रहेगा। वहीं चंद्रोदय 8:54 AM पर तथा चंद्रास्त 8:46 PM पर होगा। दिन की शुरुआत से लेकर रात तक चंद्रमा की उपस्थिति बनी रहेगी।

आज सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में स्थित रहेगा। चंद्रमा का निवास दक्षिण दिशा में बताया गया है। पंचांग की ज्योतिषीय गणना में इन स्थितियों का विशेष स्थान होता है।

नक्षत्र, योग और करण

आज हस्त नक्षत्र 3:52 AM तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में हस्त नक्षत्र को कार्यकुशलता, व्यवस्थित प्रयास और व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ा जाता है। इसके बाद अगले नक्षत्र का प्रभाव प्रारंभ होगा।

आज साध्य योग 4:08 AM तक रहेगा। पंचांग में योग की स्थिति को दिन के शुभ-अशुभ समयों की गणना के साथ देखा जाता है।

विष्टि करण शाम 4:58 PM तक रहेगा। करण तिथि का आधा भाग होता है और मुहूर्त संबंधी निर्णयों में इसकी स्थिति पर भी ध्यान दिया जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज शुभ मुहूर्त 11:37 AM से 12:29 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए इस अवधि को ध्यान में रखा जा सकता है।

  • राहुकाल: 4:56 PM से 6:33 PM

  • गुलिक काल: 3:18 PM से 4:56 PM

  • यमघण्टकाल: 12:03 PM से 1:41 PM

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना उचित माना जाता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में है। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा करनी हो, तो पंचांग के अनुसार इस दिशा से जुड़े दिशाशूल को ध्यान में रखकर समय और यात्रा की योजना बनाना बेहतर माना जाता है।

आज सूर्य कर्क राशि और चंद्रमा कन्या राशि में स्थित हैं। चंद्रमा का दक्षिण दिशा में निवास बताया गया है। इन ग्रह स्थितियों को तिथि, नक्षत्र और अन्य पंचांग तत्वों के साथ मिलाकर देखा जाता है।

आज के पंचांग से जुड़ी खास बात

16 अगस्त के दिन चतुर्थी तिथि और रविवार का संयोग धार्मिक दृष्टि से ध्यान देने योग्य है। यदि आज पूजा या गणेश आराधना का विचार है, तो तिथि की समाप्ति का समय ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा। वहीं किसी जरूरी काम के लिए दिन चुन रहे हैं तो 11:37 AM से 12:29 PM के शुभ समय और शाम के राहुकाल के बीच अंतर को जरूर ध्यान में रखें। इस तरह पंचांग केवल धार्मिक जानकारी नहीं देता, बल्कि दिन के कामों को समय के अनुसार व्यवस्थित करने में भी मदद करता है।

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Published by Sri Mandir·August 13, 2026

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