
जानिए इस दिन का पंचांग, तिथि, वार, नक्षत्र, शुभ-अशुभ मुहूर्त और पूजा-पाठ से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।
2 जनवरी 2026 का दिन आस्था और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का सही दिन है। इस दिन लोग पूजा-पाठ, दान और ईश्वर स्मरण के माध्यम से दिन की शुरुआत करते हैं। मान्यता है कि वर्ष के शुरुआती दिनों में किए गए शुभ कार्य पूरे साल सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग बनाते हैं।
क्या आप जानना चाहते हैं कि 2 जनवरी 2026 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग बन रहे हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है? 2 जनवरी 2026, शुक्रवार को शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह दिन पौष मास में आता है और शुभ योग, नक्षत्र तथा ग्रह-स्थिति के कारण पूजा-पाठ, दान और शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है। नए वर्ष के आरंभिक दिनों में यह तिथि आध्यात्मिक शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाली मानी जाती है।
तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – शाम 6:54 PM तक
नक्षत्र: मृगशिरा – रात 8:05 PM तक
योग: शुक्ल – दोपहर 1:07 PM तक
करण: गर – सुबह 8:38 AM तक
वार: शुक्रवार
मास (अमांत): पौष
मास (पूर्णिमांत): पौष
विक्रम संवत: 2082 (कालियुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
सूर्य राशि: धनु
चंद्र राशि: वृष
ऋतु: हेमंत
आयन: दक्षिणायन
दिशाशूल: पश्चिम दिशा
चंद्र निवास: दक्षिण
शुभ मुहूर्त: 11:42 AM से 12:24 PM
राहुकाल: 10:43 AM से 12:03 PM
गुलिक काल: 8:04 AM से 9:24 AM
यमघण्ट काल: 2:42 PM से 4:01 PM
सूर्योदय: 6:45 AM
सूर्यास्त: 5:21 PM
चंद्र उदय: 4:05 PM
चंद्रास्त: 5:33 AM
शुक्ल चतुर्दशी तिथि का महत्व
शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन शिव आराधना, ध्यान और दान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
पौष मास का पुण्य काल
पौष मास में किया गया दान, जप और तप विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या तिल का दान शुभ माना जाता है।
शुक्रवार का प्रभाव
शुक्रवार देवी लक्ष्मी का दिन माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन, सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है।
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
घर या मंदिर में भगवान शिव और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
दीपक, धूप, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें।
दिन के शुभ मुहूर्त में दान-पुण्य करें।
मन में नए वर्ष के लिए सकारात्मक संकल्प लें।
2 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शांत, शुभ और फलदायी माना जाता है। शुक्ल चतुर्दशी, पौष मास और शुक्रवार का संयोग इस दिन को पूजा, दान और साधना के लिए उत्तम बनाता है। इस दिन श्रद्धा के साथ किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाते हैं।
Did you like this article?

26 May 2026 Ko Kya Hai? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

31 अक्टूबर 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।

30 अक्टूबर 2026 को क्या है? जानें इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से पढ़ें।