18 दिसंबर 2025 को क्या है?
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18 दिसंबर 2025 को क्या है?

जानिए इस दिन की नवमी तिथि, पंचांग, नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय, योग, करिणा और इस दिन के धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी।

आज के दिन के बारे में

18 दिसंबर 2025 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। इस तिथि पर किए गए पूजा-पाठ, व्रत और दान से घर-परिवार में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। माना जाता है कि इस दिन की गई साधना मन को शुद्ध करती है और जीवन में सौभाग्य तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।

18 दिसंबर 2025 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 18 दिसंबर 2025 को कौन-सा व्रत, त्योहार और शुभ योग बन रहे हैं और यह दिन धार्मिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है? 18 दिसंबर 2025, गुरुवार के दिन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह दिन विशेष रूप से मासिक शिवरात्रि के कारण धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान शिव की उपासना, व्रत, और रात्रि जागरण इस दिन अत्यंत फलदायी होते हैं।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी – सुबह 5:00 AM तक
  • नक्षत्र: अनुराधा – रात 8:07 PM तक
  • योग: धृति – दोपहर 3:06 PM तक
  • करण: विष्टि – दोपहर 3:46 PM तक
  • वार: गुरुवार
  • मास (अमांत): मृगशिरा
  • मास (पूर्णिमांत): पौष
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • शक संवत: 1947 (विश्ववासु)
  • सूर्य राशि: धनु
  • चंद्र राशि: वृश्चिक
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: दक्षिण दिशा
  • चंद्र निवास: उत्तर दिशा

त्योहार व पर्व

मासिक शिवरात्रि

18 दिसंबर 2025 को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव की आराधना, अभिषेक, बिल्वपत्र अर्पण, और रात्रि जागरण अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि आज के दिन शिव पूजा करने से पापों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:34 AM से 12:16 PM
  • राहुकाल: 1:15 PM से 2:34 PM
  • गुलिक काल: 9:17 AM से 10:36 AM
  • यमघण्ट काल: 6:38 AM से 7:58 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 6:38 AM
  • सूर्यास्त: 5:12 PM
  • चंद्रोदय: 5:06 AM
  • चंद्रास्त: 3:39 PM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।

  • बिल्वपत्र, धतूरा, भस्म और अक्षत अर्पित करें।

  • "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप करें।

  • रात्रि जागरण करें और शिव चालीसा या शिव पुराण का पाठ करें।

  • फलाहार लेकर मासिक शिवरात्रि व्रत का पालन करें।

निष्कर्ष

18 दिसंबर 2025 का दिन मासिक शिवरात्रि के कारण अत्यंत पवित्र माना जाता है। भगवान शिव की पूजा, व्रत और भक्ति से मन को शांति, आत्मबल, और शुभ फल की प्राप्ति होती है। यह दिन आध्यात्मिक उन्नति और कल्याण के लिए अत्यंत शुभ अवसर प्रदान करता है।

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Published by Sri Mandir·December 15, 2025

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