16 अक्टूबर 2026 को क्या है?
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16 अक्टूबर 2026 को क्या है? | 16 October 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

हर दिन का पंचांग अपने आप में विशेष महत्व रखता है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय की जानकारी दी जाती है। 16 अक्टूबर 2026 के दिन कौन-से शुभ योग बन रहे हैं, इस दिन का धार्मिक महत्व क्या है और पूजा-पाठ व शुभ कार्यों के लिए कौन-सा समय उत्तम माना गया है, आइए विस्तार से जानते हैं।

16 अक्टूबर 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 16 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है? 16 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि रहेगी। शारदीय नवरात्रि का छठा दिन माता कात्यायनी की पूजा को समर्पित माना जाता है। सनातन धर्म में माता कात्यायनी को साहस, शक्ति और धर्म की रक्षा करने वाली देवी माना गया है। इस दिन देवी पूजा, व्रत और साधना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: शुक्ल पक्ष षष्ठी – रात 8:16 PM तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: मूल – रात 9:28 PM तक
  • योग: इन्द्र – सुबह 9:42 AM तक
  • करण: बव – रात 8:16 PM तक
  • मास (अमांत): आश्विन
  • मास (पूर्णिमांत): आश्विन
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चंद्र राशि: धनु
  • ऋतु: शरद
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: पूर्व

त्यौहार व व्रत

शारदीय नवरात्रि – षष्ठी

नवरात्रि के छठे दिन माता कात्यायनी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि माता कात्यायनी की आराधना करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर माता की विशेष पूजा करते हैं।

शुभ-अशुभ समय

शुभ मुहूर्त: 11:23 AM से 12:08 PM राहुकाल: 10:36 AM से 12:02 PM गुलिक काल: 7:44 AM से 9:10 AM यमघण्ट काल: 3:20 PM से 4:46 PM

सूर्य और चंद्र विवरण

सूर्योदय: 6:25 AM सूर्यास्त: 5:38 PM चंद्रोदय: 9:02 AM (17 अक्टूबर) चंद्रास्त: 10:42 PM

पूजा-व्रत विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • माता कात्यायनी का ध्यान कर दीपक और धूप जलाएं।
  • माता को शहद, लाल पुष्प और मिठाई अर्पित करें।
  • दुर्गा चालीसा और देवी मंत्रों का जाप करें।
  • व्रत रखकर सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • जरूरतमंदों को भोजन और दान देना शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

16 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक श्रद्धा, देवी उपासना और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शारदीय नवरात्रि की षष्ठी माता कात्यायनी की कृपा प्राप्त करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए शुभ मानी गई है। श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली बनी रहती है।

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Published by Sri Mandir·May 25, 2026

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