माँ बगलामुखी की कथा

माँ बगलामुखी की कथा

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माँ बगलामुखी की कथा (Maa baglamukhi ki katha)

आइए पढ़ते हैं श्री मंदिर पर माँ बगलामुखी की कथा (Maa baglamukhi katha)

देवी बगलामुखी के अवतार को लेकर पुराणों में वर्णित एक कथा के अनुसार, सतयुग में एक बार महाविनाशकारी ब्रह्मांडीय तूफान आया, जिसके कारण संपूर्ण विश्व में हाहाकार मच गया। तीनों लोक संकट में पड़ गए, और संसार की रक्षा करना असंभव हो गया। यह तूफान सब कुछ नष्ट करता जा रहा था।

जब इस विनाशकारी तूफान से बचने का कोई रास्ता नहीं सूझा, तो भगवान विष्णु ने शंकर जी का स्मरण किया। तब शंकर जी प्रकट हुए, और बोले कि देवी शक्ति के अतिरिक्त कोई अन्य इस आपदा को नहीं रोक सकता। अतः आप उनकी शरण में जाएंl भगवान शिव के कहने पर विष्णु जी ने हरिद्रा सरोवर के निकट जाकर कठोर तप किया। देवी शक्ति भगवान विष्णु की साधना से प्रसन्न हुई, और बगलामुखी के रूप में अवतरित हुईं। तब जाकर सृष्टि का विनाश रूक सका।

तो भक्तों, ये थी बगलामुखी जयंती की संपूर्ण जानकारी। हमारी कामना है कि माता बगलामुखी आप पर प्रसन्न हों, एवं उनकी कृपा सदैव आप पर बनी रहे।

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